मौसम विज्ञान की दुनिया में ऐसा कम ही देखने को मिलता है जब एक ही समय में तीन-तीन बड़े समुद्री तूफान तबाही मचाने के लिए एक साथ तैयार खड़े हों. इसे एक्सपर्ट्स ‘रेयर ट्रिपल ट्रॉपिकल थ्रेट’ यानी दुर्लभ तिहरा समुद्री खतरा कह रहे हैं. इनमें सबसे ज्यादा खतरनाक रूप अख्तियार कर चुका है तूफान ‘साइमन’, जो अब एक बेहद ताकतवर ‘कैटेगरी 4’ के खतरनाक हरिकेन में तब्दील हो चुका है. इसके अलावा ‘राचेल’ और ‘इसायस’ नाम के दो अन्य तूफान भी तबाही फैलाने के लिए आगे बढ़ रहे हैं. अगले 72 घंटों में ऐसी भयानक बारिश का एलर्ट जारी किया गया है, जो जमीन बहा ले जाएगी, यानी इतनी बारिश होगी कि जगह-जगह लैंडस्लाइड का खतरा देखने को मिलेगा.
प्रचंड तूफान Simon, अपने पीछे ला रहा 2 कौन से तूफान
कुदरत के इस तिहरे हमले का सबसे बड़ा सेंटर इस वक्त मेक्सिको और अमेरिका के तटीय इलाके बने हुए हैं. पूर्वी प्रशांत महासागर से उठा प्रचंड तूफान ‘साइमन’ तेजी से मेक्सिको के दक्षिण-पश्चिमी तट की तरफ बढ़ रहा है, वहीं दूसरी तरफ ‘राचेल’ अमेरिका के दक्षिणी कैलिफोर्निया की ओर झपट रहा है. इस तबाही की तिकड़ी को पूरा कर रहा है ‘इसायस’, जो अटलांटिक महासागर से अमेरिका के सेंट्रल गल्फ कोस्ट से टकरा चुका है. यानी प्रशांत महासागर से लेकर अटलांटिक तक, समंदर की लहरों पर सवार होकर आए ये तीन तूफान एक साथ विशाल भूभाग को निगलने पर आमादा हैं.
जब समंदर बना भट्टी, साइमन कैसे बना इतना खतरनाक?
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, तूफान साइमन ने अचानक बहुत तेजी से अपनी ताकत बढ़ाई. सवाल ये उठता है कि ये तूफान अचानक इतना खतरनाक और जानलेवा कैसे बन गया?
इसका सीधा सा जवाब है- समुद्र के पानी का बढ़ता तापमान. पूर्वी प्रशांत महासागर का पानी इस समय अपने ऐतिहासिक औसत से कई डिग्री ज्यादा गर्म है. जब समंदर का पानी हद से ज्यादा गर्म होता है, तो वो तूफान के लिए ईंधन यानी पेट्रोल का काम करता है. गर्म पानी से निकलने वाली भाप और नमी तूफान को लगातार ताकत देती है. इसके साथ ही हवा का कम दबाव भी ऐसा बना जिसने साइमन को बहुत तेजी से बढ़ने में मदद की.
देखते ही देखते साइमन ‘कैटेगरी 4’ का एक प्रचंड हरिकेन बन गया. मौसम एक्सपर्ट्स का मानना है कि मेक्सिको के दक्षिण-पश्चिमी तट से टकराने से पहले तक ये इसी तरह अपनी पूरी ताकत बनाए रखेगा. हालांकि, मेक्सिको के पहाड़ों से आने वाली सूखी हवा अगर इसके बीच में आई, तो शायद इसकी ताकत में थोड़ी कमी आ सकती है, लेकिन फिर भी इसका खतरा कम नहीं आंकना चाहिए.
24 इंच तक बारिश और लैंडस्लाइड का खौफ
तूफान साइमन का सबसे बड़ा हमला मूसलाधार बारिश के रूप में होने वाला है. मेक्सिको के दक्षिण-पश्चिमी तटीय इलाकों में तेज हवाओं के साथ बारिश शुरू हो चुकी है, जो धीरे-धीरे भयानक रूप ले रही है. मौसम का अनुमान लगाने वाली संस्था ‘एक्यूवेदर’ ने बताया है कि आने वाले दिनों में किस तरह से तबाही आने वाली है.
- तटीय इलाकों में आफत: जालिसको और कोलिमा के तटीय क्षेत्रों में 18 से 24 इंच तक भीषण बारिश दर्ज की जा सकती है.
- रिकॉर्ड तोड़ बारिश का खतरा: कुछ बेहद संवेदनशील जगहों पर बारिश का आंकड़ा 38 इंच तक भी पहुंच सकता है. इतनी बारिश का मतलब है कि रास्ते, घर और गाड़ियां सब पानी में डूब जाएंगी.
- पहाड़ी इलाकों में खतरा: मेक्सिको का दक्षिण-पश्चिमी इलाका काफी पहाड़ी है. जब पहाड़ों पर इतना ज्यादा पानी गिरेगा, तो वो नालों और घाटियों से होता हुआ नीचे की तरफ बहुत तेज रफ्तार से भागेगा. इससे अचानक भयानक बाढ़ और जमीन खिसकने का भारी खतरा पैदा हो गया है.
बारिश का ये असर सिर्फ मेक्सिको तक सीमित नहीं रहेगा. ये मानसूनी नमी उत्तर की तरफ फैलेगी, जिससे ओहाका, चिहुआहुआ और यहां तक कि अमेरिका के दक्षिण-पश्चिमी हिस्सों में भी 1 से 2 इंच तक पानी गिर सकता है.
160 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलेंगी बर्बादी की हवाएं
जब साइमन का केंद्र जमीन से टकराएगा, उस वक्त मंजर बेहद डरावना हो सकता है. मेक्सिको के जालिसको, नयारित और सिनालोआ के तटीय इलाकों में 160 से 190 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलने की आशंका है. AccuWeather के चीफ हरिकेन एक्सपर्ट अलेक्जेंडर डासिल्वा का कहना है:
‘तट से टकराते वक्त हवा के थपेड़े 225 से 250 किमी/घंटा की रफ्तार छू सकते हैं. ये हवाएं इतनी तेज हैं कि बड़े-बड़े पेड़ उखड़ जाएंगे, बिजली के खंभे गिर जाएंगे जिससे पूरे शहर में ब्लैकआउट हो जाएगा और मजबूत इमारतों के ढांचे भी ढह सकते हैं’.
इसके अलावा, समंदर में उठने वाली ऊंची लहरें तटीय इलाकों को लीलने के लिए तैयार हैं. तटवर्ती इलाकों में 10 से 15 फीट ऊंची समुद्री लहरें उठ सकती हैं, जो रिहायशी इलाकों में घुसकर सब कुछ तबाह कर सकती हैं.
एक साथ तीन-तीन तूफान: राचेल और इसायस का कहर
मौसम की ये दोहरी-तिहरी मार सिर्फ साइमन तक ही सीमित नहीं है. दो और बड़े तूफान भी समानांतर रूप से तबाही मचा रहे हैं.
- तूफान ‘राचेल’ – कैलिफोर्निया पर नजर: पूर्वी प्रशांत महासागर में ही मौजूद ‘राचेल’ नाम का ट्रॉपिकल स्टॉर्म अमेरिका के दक्षिणी कैलिफोर्निया और उसके आसपास के इलाकों की ओर बढ़ रहा है. ये तूफान हवाओं की जेट स्ट्रीम के साथ मिलकर भारी नमी ला रहा है, जिससे वीकेंड के अंत और अगले हफ्ते की शुरुआत में कैलिफोर्निया में अचानक बाढ़ और भूस्खलन की गंभीर स्थिति बन सकती है.
- हरिकेन ‘इसायस’ – गल्फ कोस्ट पर लैंडफॉल: अटलांटिक महासागर की तरफ से आया हरिकेन ‘इसायस’ अमेरिका के सेंट्रल गल्फ कोस्ट से टकरा चुका है. इसके कारण अलबामा से लेकर एपालिशियन पहाड़ियों तक बेहद तेज हवाएं चल रही हैं. इसायस के चलते अमेरिका के पूर्वी हिस्सों में भारी बारिश और जलभराव का संकट बना हुआ है.
क्या है रियलइम्पैक्ट स्केल?
आमतौर पर तूफानों को सिर्फ हवा की रफ्तार के आधार पर ‘सफिर-सिम्पसन स्केल’ पर मापा जाता है. लेकिन AccuWeather ने तूफान साइमन को अपने ‘रियलइम्पैक्ट स्केल’ पर 4 नंबर दिया है.
इसका मतलब ये है कि ये स्केल केवल हवा की स्पीड ही नहीं देखता, बल्कि ये भी हिसाब लगाता है कि तूफान कितनी बारिश लाएगा, समुद्री लहरें कितनी ऊंची होंगी और इंसानी संपत्ति और बुनियादी ढांचे यानी पावर ग्रिड, सड़कें, घर को कुल कितना नुकसान पहुंचेगा. 4 रेटिंग का सीधा सा अर्थ है, विनाश और जान-माल का भारी नुकसान!
प्रशासन ने सुरक्षा के लिहाज से पुंटा सैन टेल्मो से लेकर पुंटा मिता तक हरिकेन वार्निंग जारी कर दी है. तटीय इलाकों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई है.