Last Updated:
Pali Food Poisoning: पाली शहर के प्यारा चौक में ग्यारहवीं शरीफ की दावत में खाना खाने के बाद 250 से अधिक लोग फूड पॉइजनिंग का शिकार हो गए. रात 12 बजे से उल्टी-दस्त की शिकायत के बाद मरीजों को बांगड़ अस्पताल में भर्ती कराया गया. अस्पतालों में भारी भीड़ के चलते एक बेड पर तीन-तीन मरीजों का इलाज करना पड़ा. घटना में 1000 से अधिक लोग शामिल हुए थे. प्रशासनिक अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने अस्पताल पहुंचकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया. खाद्य सुरक्षा टीम भोजन के सैंपल की जांच में जुट गई है.
Pali Bangar Hospital: फूड पॉइजनिंग से अस्पताल में मरीजों की भीड़, एक बेड पर तीन-तीन का इलाज
पाली: राजस्थान के पाली शहर में शनिवार देर रात ग्यारहवीं शरीफ के पावन अवसर पर आयोजित एक धार्मिक दावत के बाद अचानक उस समय हड़कंप मच गया जब सैकड़ों लोगों की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी. शहर के कोतवाली थाना क्षेत्र में स्थित प्यारा चौक में आयोजित इस भव्य दावत में खाना खाने के बाद 250 से अधिक लोग फूड पॉइजनिंग का शिकार हो गए. पीड़ितों में महिलाएं, बुजुर्ग और मासूम बच्चे भी शामिल हैं. दावत में भोजन करने के बाद अचानक लोगों को तेज उल्टी और दस्त की शिकायतें शुरू हो गईं, जिसके बाद बीमार पड़े लोगों को आनन-फानन में पाली के मुख्य बांगड़ राजकीय अस्पताल और आसपास के कई निजी अस्पतालों में भर्ती कराया गया. एक साथ इतनी बड़ी संख्या में मरीजों के अस्पताल पहुंचने से चिकित्सा व्यवस्थाओं पर भारी दबाव बन गया और अस्पतालों में अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया.
प्राप्त जानकारी के अनुसार, प्यारा चौक परिसर में ग्यारहवीं शरीफ के पवित्र मौके पर एक विशाल दावत का आयोजन किया गया था. बताया जा रहा है कि इस आयोजन में शहर भर से एक हजार से अधिक लोग शिरकत करने पहुंचे थे. कार्यक्रम के दौरान लोगों ने बड़े चाव से भोजन किया, लेकिन शनिवार रात लगभग 12 बजे के आसपास लोगों की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी. देखते ही देखते एक के बाद एक कई लोगों ने पेट दर्द, उल्टी और दस्त की तेज शिकायत की. जैसे ही यह खबर फैली, परिजनों ने एंबुलेंस और निजी वाहनों की मदद से बीमारों को अस्पताल पहुंचाना शुरू किया. देखते ही देखते बांगड़ अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड और गलियारे मरीजों से पूरी तरह से पट गए.
अस्पताल में मची अफरा-तफरी, एक बेड पर तीन-तीन मरीजों का इलाज
अस्पताल में मरीजों की बेतहाशा बढ़ती संख्या को देखते हुए अस्पताल प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए. हालात की गंभीरता को समझते हुए छुट्टी पर चल रहे और ऑन-कॉल अतिरिक्त डॉक्टरों तथा नर्सिंग स्टाफ को तुरंत ड्यूटी पर बुलाया गया. अस्पताल में बेड कम पड़ जाने के कारण हालात ऐसे हो गए कि विवश होकर डॉक्टरों को एक-एक बेड पर तीन-तीन मरीजों को बैठाकर प्राथमिक उपचार शुरू करना पड़ा. चिकित्साकर्मियों ने मुस्तैदी दिखाते हुए ड्रिप और दवाइयां देना शुरू किया. त्वरित इलाज मिलने के बाद कई मरीजों की हालत में सुधार हुआ, जिन्हें प्राथमिक उपचार के बाद देर रात और सुबह तक छुट्टी दे दी गई, जबकि गंभीर लक्षण वाले कई अन्य मरीजों का अस्पताल में इलाज जारी है.
प्रशासनिक अधिकारी और जनप्रतिनिधि पहुंचे अस्पताल
फूड पॉइजनिंग की इस भीषण घटना की सूचना मिलते ही पाली जिला प्रशासन और पुलिस महकमे के आला अधिकारी तुरंत हरकत में आए और बांगड़ अस्पताल पहुंचे. जिला सुपरवाइजर अधिकारी प्रतीक मिल, सीओ मंगलेश चुंडावत और कोतवाली थानाधिकारी रविंद्र खींची भारी पुलिस जाब्ते के साथ अस्पताल पहुंचे तथा मरीजों की स्थिति और व्यवस्थाओं का जायजा लिया. इसके साथ ही नगर निगम के उप महापौर महबूब टी, स्थानीय पार्षद मोहसिन खत्री, शहजाद शेख, शाहिद पिन्नू, आसिफ भाटी और सलीम एमडी भी अस्पताल पहुंचे. उन्होंने डॉक्टरों से बात कर सभी मरीजों को बेहतर और त्वरित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के कड़े निर्देश दिए. शहर में एक साथ इतने लोगों के बीमार पड़ने से भारी चिंता का माहौल है. खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम भोजन के सैंपल लेकर जांच की प्रक्रिया में जुट गई है.