Last Updated:
F&O Trading : मयंक ने अपनी पोस्ट में बताया कि यह भारी-भरकम नुकसान किसी तकनीकी खराबी या गलत रणनीति की वजह से नहीं, बल्कि सिर्फ और सिर्फ अनुशासनहीनता के चलते हुआ.
स्टॉप लॉस ट्रिगर करने में हुई देरी ने सारा काम बिगाड दिया. (प्रतीकात्मक फोटो : canva)
नई दिल्ली. शेयर बाजार के फ्यूचर एंड ऑप्शंस (F&O) सेगमेंट में एक छोटी सी लापरवाही किसी ट्रेडर को कितनी भारी पड़ सकती है, इसे मयंक से ज्यादा शायद ही कोई समझ पाए. दलाल स्ट्रीट पर अक्सर लोगों को नुकसान गलत एनालिसिस या बाजार के अचानक पलटने से होता है. लेकिन, मयंक का न तो टेक्निकल चार्ट गलत साबित हुआ और न ही मार्केट में कोई भयंकर उतार-चढ़ाव हुआ. बस एक छोटी सी चूक ने पोर्टफोलियो की लंका लगा दी.
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर मयंक राज ने अपनी दर्दनाक कहानी साझा की है, जो अब इंटरनेट पर तेजी से वायरल हो रही है. मयंक ने 9 अक्टूबर को ओवरनाइट कॉल ऑप्शंस शॉर्ट किए हुए थे. योजना के मुताबिक उन्हें सुबह बाजार खुलते ही टर्मिनल पर बैठकर अपना स्टॉप-लॉस ट्रिगर करना था. लेकिन अफसोस, सुबह समय पर उनकी आंख नहीं खुली और वे सोते रह गए. जब नींद खुली और उन्होंने हड़बड़ाहट में फोन पर अपना ट्रेडिंग टर्मिनल खोला, तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई.
₹15 लाख का रिस्क बना ₹61 लाख का घाटा
मयंक ने अपनी पोस्ट में बताया कि यह भारी-भरकम नुकसान किसी तकनीकी खराबी या गलत रणनीति की वजह से नहीं, बल्कि सिर्फ और सिर्फ अनुशासनहीनता के चलते हुआ. उन्होंने लिखा कि अगर वे तय समय पर सोकर उठ जाते, तो पूर्व-निर्धारित प्लान के मुताबिक ₹15 से ₹20 लाख के नुकसान पर अपनी पोजीशन काटकर बाहर निकल जाते. लेकिन टर्मिनल पर मौजूद न होने के कारण खुला छूटा ट्रेड लगातार विकराल रूप लेता गया.
मयंक ने अपने ट्रेडिंग डैशबोर्ड का लाइव स्क्रीनशॉट भी शेयर किया. डैशबोर्ड के आंकड़ों के मुताबिक, 13 अक्टूबर की वीकली एक्सपायरी वाले Nifty 22,000 Call को शॉर्ट करने पर उन्हें अकेले ₹71 लाख का भारी नुकसान हुआ था. गनीमत यह रही कि उन्होंने उसी एक्सपायरी के Nifty 22,500 Call को हेजिंग के तौर पर बाय कर रखा था, जिसमें उन्हें ₹10 लाख का प्रॉफिट हुआ. इस हेज की वजह से उनका कुल नेट लॉस ₹71 लाख से थोड़ा घटकर ₹61 लाख पर आकर रुका.
मैनुअल स्टॉप-लॉस के भरोसे नहीं रहें
मयंक की इस पोस्ट के सामने आते ही सोशल मीडिया और ट्रेडिंग कम्युनिटी में जोरदार बहस छिड़ गई. कई अनुभवी ट्रेडर्स और नेटिजन्स ने उन्हें भविष्य के लिए सख्त हिदायत दी कि जब भी घर ओवरनाइट पोजीशन लेकर जाएं, तो कभी भी मैनुअल स्टॉप-लॉस के भरोसे न रहें. सिस्टम में GTT या ऑटोमेटेड स्टॉप-लॉस पहले से पंच होना चाहिए.
बाजार में आई तेजी ने बिगाड़ा खेल
दरअसल 9 अक्टूबर, शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार ने पिछले 25 सालों में अपनी सबसे लंबी साप्ताहिक गिरावट के सिलसिले को तोड़ते हुए धमाकेदार यू-टर्न लिया था. आईटी दिग्गज TCS के शानदार नतीजों और एआई आधारित कमाई के दम पर Nifty 50 1.3% उछलकर 22,520 के पार और Sensex 1.23% की छलांग लगाकर 72,472 पर बंद हुआ. बाजार की इसी तेज रिकवरी ने कॉल राइटर्स (शॉर्ट सेलर्स) को संभलने तक का मौका नहीं दिया और जो ट्रेडर स्क्रीन से गायब थे, बाजार ने उनके पूरे कैपिटल पर बुलडोजर चला दिया.