जमशेदपुर: दिवाली और छठ का त्योहार नजदीक आते ही लोग अपने घरों की साफ-सफाई और रंग-रोगन की तैयारी में जुट जाते हैं. कोई घर को नया लुक देना चाहता है, तो कोई दीवारों पर लगी सीलन, काई और निकलती पापड़ी से परेशान रहता है. ऐसे में अगर आप भी त्योहार से पहले अपने घर की पेंटिंग कराने की योजना बना रहे हैं, तो बिना जानकारी के पेंट का चुनाव करना आपकी जेब पर भारी पड़ सकता है. लोकल 18 ने पेंट एक्सपर्ट अजीत से जाना कि घर के अंदर और बाहर की दीवारों के लिए कौन सा पेंट बेहतर है और पेंटिंग से पहले किन बातों का ध्यान रखना चाहिए.
बाहरी दीवारों के लिए वेदरप्रूफ पेंट बेहतर
पेंट एक्सपर्ट अजीत के अनुसार, घर की बाहरी दीवारों पर धूप, बारिश और नमी का सीधा असर पड़ता है. ऐसे में एक्सटीरियर इमल्शन या वेदरप्रूफ पेंट का चुनाव करना बेहतर होता है. ये पेंट मौसम के प्रभाव को सहने, रंग को लंबे समय तक बनाए रखने और दीवारों की सुरक्षा में मदद करते हैं. कुछ प्रीमियम पेंट में पानी से बचाव और एंटी-फंगल गुण भी होते हैं. हालांकि, अगर दीवार में पहले से सीलन है, तो केवल महंगा पेंट लगाने से समस्या दूर नहीं होगी.
घर के अंदर कौन सा पेंट लगाएं?
घर के अंदर बेडरूम, हॉल और ड्राइंग रूम के लिए इंटीरियर इमल्शन अच्छा विकल्प है. इसमें मैट, सॉफ्ट शीन और सिल्क जैसी फिनिश मिलती है. मैट फिनिश दीवारों को खूबसूरत और सादा लुक देती है, जबकि सिल्क या शीन फिनिश वाली दीवारों को साफ करना अपेक्षाकृत आसान हो सकता है. जिन घरों में छोटे बच्चे हैं या दीवारों पर अक्सर दाग लगते हैं, वहां वॉशेबल इमल्शन उपयोगी हो सकता है. प्रीमियम इमल्शन में कम गंध और कम वीओसी वाले विकल्प भी मिलते हैं, जो घर के अंदर इस्तेमाल के लिए बेहतर हो सकते हैं.
सीलन और काई की समस्या को न करें नजरअंदाज
कई घरों की बाहरी दीवारों पर बारिश के बाद काई जम जाती है, जबकि अंदर की दीवारों पर पापड़ी निकलने लगती है. अजीत के अनुसार, ऐसी दीवारों पर सीधे नया पेंट लगाने के बजाय पहले समस्या की वजह पता करना जरूरी है. छत से पानी रिसना, पाइप में लीकेज, बाहरी दीवारों में दरार या जमीन से नमी आना इसके कारण हो सकते हैं. पहले पानी के रिसाव को ठीक कराएं, फिर ढीले पेंट और पापड़ी को हटाकर दीवार को अच्छी तरह सुखाएं. जरूरत के अनुसार एंटी-फंगल ट्रीटमेंट, वॉटरप्रूफिंग और सही प्राइमर का इस्तेमाल करना चाहिए.
प्राइमर, पुट्टी और वॉटरप्रूफिंग का भी रखें ध्यान
नई पेंटिंग से पहले दीवार की सतह तैयार करना बेहद जरूरी है. पुट्टी से दीवार की छोटी-मोटी असमानताएं दूर होती हैं, जबकि प्राइमर पेंट की पकड़ बेहतर बनाने में मदद करता है. बाहरी दीवारों के लिए मौसम के अनुकूल प्राइमर और जरूरत के हिसाब से वॉटरप्रूफिंग सिस्टम चुनना चाहिए. बाथरूम और रसोई जैसे नमी वाले हिस्सों में भी उचित वेंटिलेशन और नमी के स्रोत को ठीक करना जरूरी है.
डिस्टेंपर, इमल्शन और टेक्सचर पेंट में क्या है अंतर?
कम बजट में पेंटिंग कराने वालों के लिए डिस्टेंपर एक विकल्प हो सकता है, लेकिन इसकी मजबूती और सफाई की क्षमता आम तौर पर अच्छे इमल्शन से कम होती है. इमल्शन बेहतर फिनिश और कई विकल्प देता है. वहीं, टेक्सचर पेंट दीवारों को डिजाइनर लुक देने के लिए इस्तेमाल किया जाता है. लकड़ी और लोहे के दरवाजों, खिड़कियों तथा ग्रिल के लिए अलग तरह के पेंट या इनेमल का इस्तेमाल करना चाहिए.
त्योहार से पहले कैसे करें सही चुनाव?
पेंट खरीदते समय केवल रंग और कीमत नहीं, बल्कि उसकी गुणवत्ता, कवरेज, टिकाऊपन और इस्तेमाल की जगह भी देखें. दीवार की मौजूदा स्थिति के अनुसार पेंट चुनें और जरूरत पड़ने पर विशेषज्ञ से सलाह लें. याद रखें, अच्छी पेंटिंग का मतलब सिर्फ सुंदर रंग नहीं, बल्कि दीवारों की सही तैयारी और नमी से बचाव भी है. अगर आप दिवाली और छठ से पहले घर को नया रूप देना चाहते हैं, तो समय रहते पेंटिंग की योजना बनाएं, ताकि त्योहार तक आपका घर सुंदर और साफ-सुथरा नजर आए.