Houthi VS Pakistan News: आसिम मुनीर को हूतियों का पहला सिग्नल, सऊदी में हजारों पाकिस्तानी सैनिकों का क्या होगा अंजाम?


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सऊदी अरब और यमन के हूतियों के बीच जंग चल रही है. सऊदी के खिलाफ लगातार हूती विद्रोही हमले कर रहे हैं. इस बीच पाकिस्तान ने अपने सैनिकों को तैनात किया है, लेकिन लगता नहीं कि हूतियों को इससे कोई फर्क पड़ रहा है. हूतियों ने एयरपोर्ट पर लगातार तीसरे दिन हमला कर पाकिस्तान को मैसेजिंग दे दी है. उसने साफ दिखा दिया है कि पाकिस्तानी फौज उनके हमलों को रोक नहीं सकती और अगर कोशिश की तो उसके सैनिक भी लौटकर ताबूत में घर जाएंगे.

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मुनीर को हूतियों का पहला सिग्नल, सऊदी में पाक सैनिकों का क्या होगा अंजाम?Zoom

यमन के हूतियों की ओर से आसिम मुनीर को मैसेजिंग दी गई है.

Saudi Arabia Pakistan News: सऊदी अरब की रक्षा के लिए पाकिस्तान ने अपनी सेना भेजी है. मक्का रक्षा समझौते के तहत सैन्य सहयोग का भरोसा दिया गया है. लेकिन हूतियों के हमले थमने का नाम नहीं ले रहे. यमन के हूती विद्रोहियों ने लगातार तीसरे दिन सऊदी अरब के एयरपोर्ट और सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया. ये सीधे तौर पर पाकिस्तान के फील्ड मार्शल आसिम मुनीर को मैसेजिंग है कि उनकी सेना होने से कोई फर्क नहीं पड़ता. सऊदी के खिलाफ हूतियों का हमला जारी रहेगा और अगर पाकिस्तान ने युद्ध में कूदने की गुस्ताखी की तो उनके सैनिकों की कब्र खुद जाएगी. रियाद के किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर धुएं और एक तबाह विमान की तस्वीरें वायरल हो रही हैं. इसी बीच पाकिस्तान की वायुसेना के जेट्स के हूतियों के खिलाफ इस्तेमाल की खबर आई, तो इस्लामाबाद ने तुरंत इसे फर्जी और मनगढ़ंत बता दिया. ऐसे में सवाल उठ रहा है कि सऊदी की सुरक्षा में पाकिस्तानी सेना की भूमिका आखिर क्या है?

हूतियों के हौसले बुलंद

पाकिस्तान के सैन्य प्रवक्ता लेफ्टिनेंट जनरल अहमद शरीफ चौधरी ने हाल ही में पुष्टि की थी कि पाकिस्तानी सैनिक सऊदी अरब में तैनात हैं और कई क्षेत्रों में काम कर रहे हैं. उन्होंने यह भी कहा था कि पाकिस्तानी सैनिक दशकों से सऊदी में मौजूद हैं. इसके अलावा यह भी खबर आई कि आसिम मुनीर ने शहबाज शरीफ से बिना पूछे अतिरिक्त सैनिक भेज दिए. मक्का समझौते का मकसद साझा सुरक्षा और किसी हमले की स्थिति में मिलकर जवाब देने की क्षमता बढ़ाना है.

लेकिन इसी दौरान हूतियों ने सऊदी अरब पर हमले जारी रखे. संगठन ने गुरुवार को रियाद के किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट, दक्षिणी सीमा के पास नजरान एयरपोर्ट और किंग खालिद एयरबेस को निशाना बनाने का दावा किया. हूतियों के मुताबिक, इन हमलों में क्रूज और बैलिस्टिक मिसाइलों का इस्तेमाल किया गया. सऊदी अधिकारियों ने रियाद की ओर दागी गई दो बैलिस्टिक मिसाइलों को रोकने और नष्ट करने की जानकारी दी. उन्होंने यह भी कहा कि गिरते मलबे से एक किंडरगार्टन और मेडिकल क्लिनिक को नुकसान पहुंचा. दूसरी ओर, सामने आई तस्वीरों में रियाद एयरपोर्ट के टर्मिनल-4 के पास धुआं और एक क्षतिग्रस्त विमान जैसा दिखाई दिया. पिछले दो दिनों के हमलों में तीन लोगों की मौत और 36 लोगों के घायल होने की जानकारी भी सामने आई थी.

जेट्स की खबर आते ही पाकिस्तान ने दी सफाई

पाकिस्तान के लिए सबसे अहम घटनाक्रम तब आया, जब 7 अक्टूबर की न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट में एक अज्ञात सूत्र के हवाले से दावा किया गया कि पाकिस्तानी वायुसेना के लड़ाकू विमानों का इस्तेमाल हूतियों के खिलाफ किया जा रहा है. पाकिस्तान के सूचना मंत्रालय ने गुरुवार को इस रिपोर्ट को ‘फर्जी और मनगढ़ंत’ बताया. मंत्रालय ने अंतरराष्ट्रीय मीडिया से मक्का संयुक्त रक्षा समझौते के तहत पाकिस्तानी सेना की तैनाती को लेकर अटकलों से बचने को कहा. साथ ही कहा कि तैनाती की जरूरत पड़ी, तो संबंधित अधिकारी इसकी जानकारी देंगे.

भारत ने एडवायजरी जारी की

सऊदी अरब में बढ़ते हमलों के बीच भारतीय दूतावास ने वहां रहने वाले भारतीय नागरिकों को सतर्क रहने, जरूरत पड़ने पर घर के भीतर रहने और स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी है. दूतावास ने सोशल मीडिया पर घटनाओं से जुड़े वीडियो और खबरें साझा करने से भी बचने को कहा है. भारत पहले ही आभा और रियाद एयरपोर्ट पर हुए हमलों की निंदा कर चुका है. विदेश मंत्रालय ने नागरिक बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने को पूरी तरह अस्वीकार्य बताया और सऊदी अरब के साथ एकजुटता जताई.



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