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Patna News : पटना के पुनपुन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में एक ANM ने BHM कुंदन कुमार पर अश्लील हरकत और मानसिक प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाए हैं. ANM ने स्वास्थ्य मंत्री निशांत से मामले में कड़ी कार्रवाई की गुहार लगाई है.
पुनपुन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में कार्यरत एक एएनएम ने प्रखंड स्वास्थ्य प्रबंधक (BHM) कुंदन कुमार पर गंभीर आरोप लगाए हैं.
पटना. पटना के पुनपुन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में कार्यरत एक एएनएम ने प्रखंड स्वास्थ्य प्रबंधक (BHM) कुंदन कुमार पर गंभीर आरोप लगाए हैं. एएनएम कविता कुमारी का आरोप है कि BHM उनके साथ अश्लील हरकत करते हैं और उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित करते हैं. उन्होंने यह भी आरोप लगाया है कि BHM कभी राजगीर तो कभी झारखंड साथ चलने के लिए उन पर दबाव बनाते हैं. परेशान होकर अब एएनएम ने बिहार के स्वास्थ्य मंत्री निशांत से मामले में कड़ी कार्रवाई की मांग की है.
पीड़िता का आरोप है कि प्रखंड स्वास्थ्य प्रबंधक कुंदन कुमार की हरकतों से वह काफी परेशान हैं. उन्होंने मानसिक प्रताड़ना, अश्लील हरकत करने और टॉर्चर करने का आरोप लगाया है. एएनएम का कहना है कि इस वजह से वह दहशत में हैं और उन्हें काम करने में भी परेशानी हो रही है. ANM के मुताबिक, स्वास्थ्य प्रबन्धक की ओर से उन्हें कभी राजगीर तो कभी झारखंड साथ चलने के लिए कहा जाता है. उन्होंने इन बातों को लेकर आपत्ति जताई, लेकिन कथित तौर पर दबाव बनाया जाता रहा.
पटना के अधिकारियों से भी कर चुकी हैं शिकायत
एएनएम का कहना है कि उन्होंने मामले को लेकर पहले भी कई अधिकारियों से शिकायत की है. उनके मुताबिक, पटना के जिलाधिकारी, कमिश्नर, सिविल सर्जन और जिला कार्यक्रम प्रबंधक (DPM) के स्तर पर शिकायत की जा चुकी है. पीड़िता का आरोप है कि शिकायत के बाद मामले की जांच भी हुई, लेकिन उन्हें जांच से न्याय नहीं मिला. उन्होंने जिला के DPM और सिविल सर्जन पर भी मामले में कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगाया है.
अब स्वास्थ्य मंत्री निशांत से कार्रवाई की उम्मीद
लगातार शिकायतों के बावजूद कार्रवाई नहीं होने का दावा करते हुए एएनएम ने अब स्वास्थ्य मंत्री निशांत से मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की है. उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषी पाए जाने वाले व्यक्ति के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है. पीड़िता का कहना है कि वह लंबे समय से मानसिक दबाव में हैं और कार्रवाई नहीं होने के कारण खुद को असुरक्षित महसूस कर रही हैं. उन्होंने कहा कि अब उन्हें स्वास्थ्य मंत्री से ही न्याय और कार्रवाई की उम्मीद है.