सोलर प्लेट खराब, गांवों में अंधेरा… अब कैमूर पहाड़ी पर बसे 198 गांवों में पहुंचेगी बिजली


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Sasaram News: कैमूर पहाड़ी पर बसे गांवों में अंधेरे के बीच एक बार फिर रोशनी की किरण जगमगाई है. यहां 198 गांव में सोलर पैनल खराब होने की वजह से बिजली नहीं है. ऐसे में सरकार यहां सीधे पावर ग्रिड के जरिए बिजली पहुंचाने वाली है. सरकार ने इस योजना के तहत 351 करोड़ रुपए की राशि मंजूर की है.

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कैमूर पहाड़ी के 198 गांवों में पहुंचेगी बिजली, 351 करोड़ मंजूरZoom

कैमूर पहाड़ी के गांवों में बिजली पहुंचेगी. (AI से इमेज बनाई गई.)

सासारामः रोहतास और कैमूर जिले की कैमूर पहाड़ी पर बसे गांव अब रौशन हो सकेंगे. यहां के 198 गांवों के 21,644 घरों तक पावर ग्रिड के जरिए बिजली पहुंचाने की योजना है. बिहार सरकार ने इसके लिए 351 करोड़ 80 लाख रुपए की राशि मंजूर की है. इससे उन परिवारों को राहत मिलने की उम्मीद है, जो लंबे समय से बिजली की समस्या से जूझ रहे हैं. खासकर रोहतास जिले के पहाड़ी गांवों में रहने वाले लोगों को इस योजना से बड़ा फायदा मिल सकता है.

2017 में सोलर से पहुंची थी बिजली
करीब नौ साल पहले, साल 2017 में तत्कालीन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पहल पर कैमूर पहाड़ी के गांवों में सोलर के जरिए बिजली पहुंचाई गई थी. शुरुआत में ग्रामीणों को इससे राहत मिली. घरों में रोशनी के साथ पंखे चलने की सुविधा भी मिली. लेकिन समय के साथ सोलर प्लेट और उनसे जुड़े उपकरण खराब होने लगे. नतीजा यह हुआ कि कई गांवों में फिर से अंधेरा छा गया.

मोबाइल नेटवर्क तक की परेशानी
कैमूर पहाड़ी पर बसे धनसा, खपरपोटी, नागाटोली और बुधुवा जैसे गांवों में लोगों की जिंदगी आसान नहीं है. यहां बिजली की कमी के कारण रात में रोशनी की समस्या बनी रहती है. डिजिटल युग में भी ग्रामीणों को कई बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष करना पड़ता है. कुछ इलाकों में मोबाइल नेटवर्क की समस्या भी है. ऐसे में पावर ग्रिड से बिजली पहुंचाने की घोषणा ने ग्रामीणों के बीच उम्मीद जगाई है.

21,644 घरों तक पहुंचेगी बिजली
जानकारी के मुताबिक, रोहतास और कैमूर जिले के कुल 198 गांवों के 21,644 घरों को सीधे पावर ग्रिड से बिजली देने की योजना है. रोहतास जिले में 12 हजार से अधिक वनवासी आबादी को इससे लाभ मिलने की उम्मीद है. बिजली पहुंचने से घरों में रोशनी के साथ पंखे और अन्य बिजली के उपकरण चलाने की सुविधा बढ़ेगी.

2019 में भेजा गया था प्रस्ताव
पहाड़ी गांवों तक पावर ग्रिड से बिजली पहुंचाने के लिए साल 2019 में तत्कालीन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजा था. अब योजना के लिए राशि मंजूर होने के बाद इसके आगे बढ़ने की उम्मीद है. भाजपा नेता और पूर्व विधायक ललन पासवान और चेनारी के विधायक और पूर्व मंत्री मुरारी प्रसाद गौतम ने सरकार के इस फैसले का स्वागत किया है.

बिजली पहुंचने से बदल सकती है जिंदगी
कैमूर पहाड़ी पर बसे गांवों में बिजली पहुंचना केवल अंधेरा दूर करने तक सीमित नहीं होगा. इससे ग्रामीणों को आधुनिक सुविधाओं से जुड़ने का मौका मिलेगा. बच्चों की पढ़ाई, मोबाइल चार्ज करने और घरेलू कामकाज में आसानी हो सकती है. अब ग्रामीणों को इंतजार है कि मंजूर हुई योजना का काम कब शुरू होता है और उनके घरों तक नियमित बिजली कब पहुंचती है.



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