‘मैं 100% सनातनी बन चुकी हूं’, भोजशाला पहुंचीं नाजिया इलाही खान ने पढ़ी हनुमान चालीसा, कर दी बड़ी घोषणा


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Dhar Bhojshala News: धार स्थित ऐतिहासिक भोजशाला में नाजिया इलाही खान पहुंचीं. वहां हिंदू संगठनों ने उनका स्वागत किया. उन्होंने मां सरस्वती का पूजन, आरती और सामूहिक हनुमान चालीसा का पाठ किया. मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि हम कानूनी प्रक्रिया और सब्र से अपने मंदिरों को वापस लेंगे.

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'मैं 100% सनातनी बन चुकी हूं', भोजशाला पहुंचीं नाजिया खान ने पढ़ी हनुमान चालीसाZoom

धार भोजशाला में हनुमान चालीसा का पाठ करती नाजिया.

Dhar News: अधिवक्ता और भाजपा नेता नाजिया इलाही खान धार जिले में स्थित ऐतिहासिक भोजशाला परिसर पहुंचीं. भोजशाला पहुंचने पर वहां मौजूद विभिन्न हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने उनका भव्य स्वागत किया. इसके बाद नाजिया इलाही खान ने पूरे भोजशाला परिसर का बारीकी से अवलोकन किया.

कर दी बड़ी घोषणा
परिसर का निरीक्षण करने के बाद नाजिया इलाही खान ने मां सरस्वती का श्रद्धापूर्वक पूजन किया. उन्होंने चित्र पर पुष्प अर्पित किए और फिर आरती उतारी. आरती समाप्त होने के बाद उन्होंने वहां उपस्थित लोगों के साथ मिलकर सामूहिक रूप से हनुमान चालीसा का पाठ किया. एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा, ‘मैं 100 प्रतिशत सनातनी बन चुकी हूं. निर्णय लेने के बाद इसी भोजशाला में आकर सनातन धर्म स्वीकार करूंगी’.

‘शुक्रवार होने से पूजा-पाठ में कोई बाधा नहीं’
पूजा-अर्चना के बाद नाजिया इलाही खान ने मीडियाकर्मियों से बातचीत की. शुक्रवार के दिन दर्शन करने के सवाल पर उन्होंने कहा कि सभी दिन और समय भगवान के ही बनाए हुए हैं. शुक्रवार होने से पूजा-पाठ में कोई बाधा नहीं आती है. उन्होंने कहा कि हनुमान चालीसा का पाठ इसीलिए किया जाता है, ताकि बुरी शक्तियां, भूत-पिशाच और जिन-जिन्नात भाग जाएं. वे यहां केवल दर्शन करने, माथा टेकने, आरती करने और हनुमान चालीसा पढ़ने आई थीं.

संघर्ष करने वालों का जताया आभार
नाजिया इलाही खान ने भोजशाला को अत्यंत पवित्र स्थान बताया. उन्होंने कहा कि यह स्थान काफी मशक्कत के बाद वापस मिला है. उन्होंने भोजशाला के लिए संघर्ष करने वाले हिंदू संगठन के लोगों का आभार जताया. विशेष रूप से गोपाल जी का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि उन्होंने जीवन के सभी सुख-सुविधाओं का त्याग कर दिया, लेकिन भोजशाला के लिए मजबूती से खड़े रहे. उन्होंने कहा कि हिंदू समाज को ऐसे ही समर्पित योद्धाओं की जरूरत है.

‘कानूनी तरीके से वापस लेंगे मंदिर’
मंदिरों के मुद्दे पर नाजिया इलाही खान ने स्पष्ट किया कि हम अपने मंदिरों को कानूनी तरीके से और पूरे सब्र के साथ वापस लेंगे. इसके लिए अदालत के निर्णय का इंतजार किया जाएगा. उन्होंने विश्वास जताया कि जब भी सर्वे, जांच, इनक्वायरी, इन्वेस्टिगेशन और इंटेरोगेशन होगा, तो मंदिर से मंदिर ही निकलेगी. जिस तरह राम मंदिर, कृष्ण जन्मभूमि और भोजशाला का सच सामने आया, ठीक उसी तरह अन्य स्थान भी हमारे ही रहेंगे.



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