बच्चों की मौतों के बाद बैगा अंचल के लिए नया प्लान! 13 विभाग मिलकर करेंगे काम, जानिए क्या है रोडमैप

बच्चों की मौतों के बाद बैगा अंचल के लिए नया प्लान! 13 विभाग मिलकर करेंगे काम, जानिए क्या है रोडमैप


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Balaghat Development Plan: बालाघाट के बैगा आदिवासी अंचल में सरकार ने नया विकास प्लान जारी किया है, जिसमें 300 करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च होंगे. सड़क, पुलिया, स्टॉप डैम और 20 से ज्यादा स्वास्थ्य केंद्रों पर काम होगा, जिसकी निगरानी 13 विभाग मिलकर करेंगे.

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Balaghat Development Plan: बालाघाट के जिस बैगांचल में बच्चों की मौतें हुई है, अब वहां पर सरकार ने डेवलपमेंट प्लान जारी किया है. लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के दौरे के बाद जिस इलाके में सरकार 225 करोड़ रुपए के विकास कार्य करने जा रही थी, वह अब बढ़ कर 3 सौ करोड़ से ज्यादा रुपए खर्च कर रही है. बालाघाट जिले के पांच गांवों में विकास कार्य करने का सरकार का प्लान है. इसमें किरनापुर, बिरसा, लांजी, बैहर और परसवाड़ा शामिल है. इसमें सड़क, पेयजल, स्वास्थ्य केंद्र सहित कई सुविधाएं आदिवासी अंचल के लोगों के मिल सकती है.

मुख्य सचिव से मिली मंजूरी
मध्य प्रदेश शासन के मुख्य सचिव अशोक वर्णवाल ने भी इस योजना को सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है. अब इस डेवलपमेंट प्रोजेक्ट को 13 विभाग मिलकर जमीन पर काम करेंगे. इसमें सीएम मोहन यादव सहित मुख्य सचिव इसकी सीधी निगरानी रखेंगे. वहीं, जनजातीय विभाग के प्रमुख सचिव गुलशन विभागों के बीच कॉर्डिनेशन कर रहे हैं. आपको बता दें कि जनजातीय कार्य विभाग के मुख्य सचिव गुलशन बामरा ने हाल ही में प्रभावित क्षेत्र का दौरा कर जमीनी रणनीति भी तैयार की थी.

सड़कों और कनेक्टिविटी पर होगा खर्च
सरकार के इस डेवलपमेंट प्रोजेक्ट में बालाघाट की आदिवासी बहुल ब्लॉक में 151 सड़कों पर काम होगा. इसमें 168.94 करोड़ रुपए खर्च होंगे. इसके अलावा 69 पुलिया पर 34.03 करोड़ और 60 स्टॉप डैम के लिए 35.97 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे. साथ ही बालाघाट के उन इलाकों में 20 से ज्यादा हेल्थ सेंटर सेंटर भी बनाने की तैयारी है.

नक्सल प्रभावित रहे क्षेत्रों का होगा विकास
लांजी-किरनापुर विधायक राजकुमार कर्राहे ने बताया कि अति नक्सल प्रभावित गांवों की सूची पहले से ही तैयार की गई थी. इसमें उन गांवों में जो मूलभूत सुविधाओं से वंचित थे. अब उसमें यह काम होगा. आने वाले कुछ समय में ही काम शुरु होगा. इसमें लगातार निगरानी रखी जाएगी और लगातार विकास कार्य होंगे.

45 से ज्यादा मौतें हुई, अब जागा सिस्टम
कभी नक्सल प्रभावित रहे गांवों में इस साल कुपोषण, मलेरिया, मीजल्स सहित कई तरह की बीमारियों ने 45 से ज्यादा बच्चों की जान ली थी. ऐसे में सरकार के पुराने विकास के दावों की पोल खुल गई. ऐसे में सरकार ने फिर से उन इलाकों में नया डेवलपमेंट प्लान जारी किया है. ऐसे में देखना यह है कि आने वाले सालों में इस डेवलपमेंट प्लान से उस इलाके की तस्वीर बदलेगी या फिर स्थिति जस की तस रहेगी.



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