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Nalkheda Baglamukhi Temple Timings: शारदीय नवरात्रि में नलखेड़ा के मां बगलामुखी मंदिर में 11 से 19 अक्टूबर तक गर्भगृह में दर्शन बंद रहेंगे. भक्त त्रिशूल मंडपम से दर्शन कर सकेंगे, कपाट सुबह 5:30 बजे खुलेंगे और हवन 7 बजे से होगा. चालिए दर्शन, कपाट और हवन का समय जान लेते हैं…
Nalkheda Baglamukhi Temple Timings: पितृ पक्ष का समापन कल, 10 अक्टूबर को होगा. इसके अगले दिन यानी 11 अक्टूबर से शारदीय नवरात्रि की शुरुआत हो जाएगी. नवरात्रि के दौरान मां बगलामुखी मंदिर में श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ को देखते हुए मंदिर प्रबंधन ने विशेष तैयारियां की हैं. भक्तों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए दर्शन और हवन के लिए खास व्यवस्थाएं की गई हैं, ताकि श्रद्धालु सुगमता से पूजा-अर्चना कर सकें. नवरात्रि के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के मंदिर पहुंचने की संभावना है. इसे ध्यान में रखते हुए मंदिर प्रबंधन ने दर्शन व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने और श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी से बचाने के लिए यह फैसला लिया है.
मंदिर प्रबंधन की ओर से जारी आदेश के अनुसार, 11 अक्टूबर से 19 अक्टूबर तक मंदिर के गर्भगृह में श्रद्धालुओं के प्रवेश और दर्शन पर पूरी तरह से बैन रहेगा. इस दौरान भक्तों को त्रिशूल मंडपम से ही मां बगलामुखी के दर्शन करने की व्यवस्था की गई है. श्रद्धालुओं को मंदिर प्रबंधन के निर्देशों का पालन करना होगा, ताकि सभी भक्त आसानी से दर्शन कर सकें और मंदिर परिसर में भीड़ को नियंत्रित रखा जा सके.
कब खोले जाएंगे कपाट
नवरात्रि के दौरान मंदिर के कपाट रोजाना सुबह 5:30 बजे श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे. वहीं, रात 11 बजे मंदिर के पट बंद कर दिए जाएंगे. इस समय के अनुसार, भक्त पूरे दिन मां बगलामुखी के दर्शन कर सकेंगे. मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि वे तय समय का ध्यान रखें और दर्शन के दौरान व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करें.
इसके अलावा, नवरात्रि के दौरान मंदिर में हवन करने वाले श्रद्धालुओं के लिए भी समय फिक्स किया गया है. मंदिर में हवन की प्रक्रिया रोजाना सुबह 7 बजे से शुरू होगी. ऐसे में हवन कराने के इच्छुक श्रद्धालु निर्धारित समय को ध्यान में रखकर मंदिर पहुंच सकते हैं.
बड़ी संख्या में भक्तों के आने की उम्मीद
शारदीय नवरात्रि के दौरान मध्य प्रदेश के नलखेड़ा स्थित मां बगलामुखी मंदिर में बड़ी संख्या में भक्तों के पहुंचने की उम्मीद है. नवरात्रि के दिनों में दूर-दूर से श्रद्धालु माता के दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए आते हैं. इसी वजह से मंदिर प्रबंधन ने पहले से ही जरूरी इंतजाम किए हैं. मंदिर प्रबंधन का मकसद श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सही तरीके से दर्शन कराना है. भक्तों से अनुरोध है कि वे नियमों का पालन करें, धैर्य बनाए रखें और मंदिर प्रशासन का सहयोग करें, ताकि नवरात्रि के दौरान दर्शन और हवन की व्यवस्था सुचारु रूप से चलती रहे.