चंडीगढ़, 9 अक्टूबर: पंजाब में एशियाई हॉकी चैंपियंस ट्रॉफी के आयोजन को लेकर तैयारियां तेज करने के निर्देश दिए गए हैं. मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करने और अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं उपलब्ध कराने को कहा है. टूर्नामेंट का उद्घाटन समारोह 27 अक्टूबर को जालंधर में होगा. इसके बाद 5 नवंबर तक मैच खेले जाएंगे. मुख्यमंत्री ने आयोजन की तैयारियों की समीक्षा के लिए उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता की. इसमें स्टेडियम की व्यवस्था के साथ शहरों की सफाई, सौंदर्यीकरण, आवास, परिवहन, सुरक्षा और मेहमाननवाजी पर ध्यान देने के निर्देश दिए गए. उन्होंने स्कूल और कॉलेज के विद्यार्थियों को मैच देखने का अवसर देने तथा पूरे पंजाब में ट्रॉफी टूर आयोजित करने की योजना बनाने को भी कहा. इस टूर्नामेंट में भारत, चीन, मलेशिया, जापान, बांग्लादेश और दक्षिण कोरिया सहित प्रमुख हॉकी देशों की टीमें हिस्सा लेंगी.
एशियाई हॉकी चैंपियंस ट्रॉफी को लेकर मुख्यमंत्री ने क्या निर्देश दिए?
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि एशियाई हॉकी चैंपियंस ट्रॉफी पंजाब के खेल इतिहास में एक महत्वपूर्ण आयोजन बननी चाहिए. इसके लिए सभी विभागों को मिलकर काम करना होगा. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रतियोगिता में हिस्सा लेने वाली टीमों, अधिकारियों, दर्शकों और मेहमानों को विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं.
मुख्यमंत्री ने कहा, ‘यह सुनिश्चित किया जाएगा कि यह प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजन पंजाब के खेल इतिहास में नया मील का पत्थर स्थापित करे.’
उन्होंने पंजाब की हॉकी विरासत का जिक्र करते हुए कहा कि राज्य भारतीय खेलों में अपने योगदान के लिए दुनिया भर में जाना जाता है. ऐसे में अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतियोगिता की मेजबानी के दौरान व्यवस्थाओं का विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए.
मुख्यमंत्री के अनुसार आयोजन की सफलता के लिए केवल मैच स्थल तैयार करना पर्याप्त नहीं है. इसके साथ बुनियादी ढांचे, आवागमन, स्वच्छता, यातायात प्रबंधन और सार्वजनिक सुविधाओं पर भी ध्यान देना जरूरी है.
चैंपियंस ट्रॉफी के मैच कब और कहां खेले जाएंगे?
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने बताया कि एशियाई हॉकी चैंपियंस ट्रॉफी का उद्घाटन समारोह 27 अक्टूबर को जालंधर में आयोजित होगा. प्रतियोगिता के मैच 27 अक्टूबर से 5 नवंबर तक खेले जाएंगे.
उन्होंने संबंधित विभागों को सभी तैयारियां समय से पहले पूरी करने के निर्देश दिए. मुख्यमंत्री ने कहा कि आयोजन अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं के निर्धारित नियमों और पेशेवर मानकों के अनुरूप होना चाहिए.
टूर्नामेंट में भारत, चीन, मलेशिया, जापान, बांग्लादेश और दक्षिण कोरिया सहित प्रमुख हॉकी देशों की भागीदारी होगी. मुख्यमंत्री ने कहा कि इन टीमों की मौजूदगी से पंजाब को अंतरराष्ट्रीय खेल जगत में अपनी मेहमाननवाजी, बुनियादी ढांचे, खेल उपलब्धियों और सांस्कृतिक परंपराओं को प्रदर्शित करने का अवसर मिलेगा.
खिलाड़ियों और विदेशी प्रतिनिधिमंडलों के ठहरने के लिए क्या व्यवस्था होगी?
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रतियोगिता में आने वाले सभी प्रतिनिधिमंडलों का गर्मजोशी से स्वागत किया जाए. उनके ठहरने के दौरान मेहमाननवाजी का अच्छा अनुभव सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया.
उन्होंने भाग लेने वाली टीमों और उनके सहायक स्टाफ के लिए आरामदायक तथा गुणवत्तापूर्ण आवास उपलब्ध कराने को कहा. इसके साथ परिवहन, सुरक्षा, भोजन और अन्य जरूरी सुविधाओं की व्यवस्था समय रहते पूरी करने के निर्देश दिए.
मुख्यमंत्री ने कहा कि खिलाड़ियों को ऐसी सुविधाएं मिलनी चाहिए, जिससे वे किसी तरह की असुविधा के बिना अपने प्रदर्शन पर ध्यान केंद्रित कर सकें.
अधिकारियों को होटलों, मैच स्थलों और अन्य निर्धारित स्थानों के बीच सुचारू परिवहन सुनिश्चित करने को भी कहा गया. इसका उद्देश्य खिलाड़ियों और प्रतिनिधिमंडलों को अनावश्यक देरी तथा आवागमन से जुड़ी परेशानियों से बचाना है.
मुख्यमंत्री ने सभी विभागों को जमीनी स्तर पर व्यवस्थाओं की समीक्षा करने और सामने आने वाली कमियों को तुरंत दूर करने के निर्देश दिए.
जालंधर और मोहाली में सफाई तथा सौंदर्यीकरण पर क्यों दिया गया जोर?
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजन की तैयारियां केवल स्टेडियम तक सीमित नहीं रहनी चाहिए. पूरे शहर में सफाई, सौंदर्यीकरण और सार्वजनिक सुविधाओं की स्थिति पर भी ध्यान देना होगा.
उन्होंने नगर निगम जालंधर और मोहाली को व्यापक सफाई अभियान चलाने के निर्देश दिए. अधिकारियों से स्वच्छता व्यवस्था में सुधार करने और सार्वजनिक स्थानों का उचित रखरखाव सुनिश्चित करने को कहा गया.
मुख्यमंत्री ने शहरों को विदेशी पर्यटकों के लिए साफ-सुथरा और आकर्षक बनाने पर जोर दिया. इसके लिए आवश्यक सौंदर्यीकरण कार्य समय पर पूरा करने के निर्देश दिए गए.
उन्होंने स्टेडियम और अन्य महत्वपूर्ण स्थानों की ओर जाने वाली सड़कों के रखरखाव पर भी ध्यान देने को कहा. जहां जरूरत हो वहां सड़कों की मरम्मत कराने के निर्देश दिए गए.
इन व्यवस्थाओं का उद्देश्य प्रतियोगिता के दौरान खिलाड़ियों, अधिकारियों, दर्शकों और अन्य आगंतुकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है. मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि आयोजन से जुड़ी तैयारियों में शहर की बुनियादी सुविधाओं को भी महत्व दिया जाना चाहिए.
स्कूल और कॉलेज के विद्यार्थियों को मैच दिखाने की क्या योजना है?
मुख्यमंत्री ने एशियाई हॉकी चैंपियंस ट्रॉफी में विद्यार्थियों की भागीदारी बढ़ाने के निर्देश दिए. उन्होंने अधिकारियों से स्कूल और कॉलेज के विद्यार्थियों के लिए मैच देखने की व्यवस्था करने को कहा.
मुख्यमंत्री ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों को खेलते हुए देखने से नई पीढ़ी को प्रेरणा मिल सकती है. उन्होंने खेलों के प्रति रुचि बढ़ाने और युवाओं को पंजाब की हॉकी विरासत से जोड़ने के लिए विशेष प्रयास करने पर जोर दिया.
उन्होंने कहा, ‘इस स्तर के खेल आयोजन नई पीढ़ी को खेलों, अनुशासन और टीमवर्क को अपनाने के लिए प्रेरित करेंगे.’
मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुसार विद्यार्थियों को मैच देखने की सुविधा देने पर ध्यान दिया जाएगा. इसका उद्देश्य युवाओं को अंतरराष्ट्रीय हॉकी से परिचित कराना और उन्हें खेलों से जुड़ने के लिए प्रोत्साहित करना है.
पूरे पंजाब में ट्रॉफी टूर और प्रचार अभियान कैसे चलाया जाएगा?
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने प्रतियोगिता से पहले लोगों के बीच उत्साह बढ़ाने के लिए राज्यव्यापी प्रचार अभियान की रूपरेखा तैयार करने को कहा. इसके तहत टूर्नामेंट की ट्रॉफी या उसके मॉडल को विशेष रूप से तैयार की गई एसयूवी में प्रदर्शित करने की योजना बनाई जाएगी.
यह एसयूवी पूरे पंजाब में घूमेगी. इसके जरिए अलग-अलग जिलों के लोगों तक प्रतियोगिता की जानकारी पहुंचाने और उनकी भागीदारी को प्रोत्साहित करने का प्रयास किया जाएगा.
मुख्यमंत्री ने कहा, ‘यह पहल जागरूकता पैदा करने, जनभागीदारी को प्रोत्साहित करने और विभिन्न जिलों के लोगों में अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट के प्रति उत्साह पैदा करने में मदद करेगी.’
इस पहल के माध्यम से चैंपियंस ट्रॉफी को राज्य के अलग-अलग हिस्सों तक पहुंचाने की योजना है. मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को प्रचार अभियान तैयार करने और लोगों को प्रतियोगिता से जोड़ने के लिए जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए.
प्रतियोगिता की तैयारियों के लिए समन्वय कमेटी की क्या भूमिका होगी?
मुख्यमंत्री ने सरकारी विभागों, टूर्नामेंट के आयोजकों और अन्य संबंधित पक्षों के बीच बेहतर तालमेल सुनिश्चित करने के लिए विशेष समन्वय कमेटी गठित करने की बात कही.
इस कमेटी का उद्देश्य आयोजन से जुड़े कामों में समन्वय बनाए रखना और विभिन्न विभागों की तैयारियों को व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ाना होगा. मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रतियोगिता के सभी पहलुओं की नियमित समीक्षा की जाए.
उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट की सफलता के लिए बुनियादी ढांचे, आवागमन, स्वच्छता, यातायात प्रबंधन और सार्वजनिक सुविधाओं से संबंधित व्यवस्थाएं पूरी होनी चाहिए. अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधिमंडलों के पहुंचने से पहले लॉजिस्टिक सहायता से जुड़े सभी जरूरी पहलुओं पर ध्यान देने को कहा गया.
मुख्यमंत्री ने दोहराया कि सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करना चाहिए. साथ ही तैयारियों में किसी भी कमी को समय रहते दूर किया जाना चाहिए.
चैंपियंस ट्रॉफी की बैठक में कौन-कौन से अधिकारी शामिल हुए?
एशियाई हॉकी चैंपियंस ट्रॉफी की तैयारियों को लेकर हुई उच्चस्तरीय बैठक में पंजाब के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए. बैठक में मुख्य सचिव के.ए.पी. सिन्हा, अतिरिक्त मुख्य सचिव अनुराग वर्मा और मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव डॉ. रवि भगत मौजूद रहे.
इसके अलावा खेल सचिव वरुण रूजम और सूचना एवं लोक संपर्क विभाग के सचिव पुनीत गोयल सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने भी बैठक में हिस्सा लिया.
मुख्यमंत्री ने सभी संबंधित विभागों को आयोजन की तैयारियां समय पर पूरी करने और अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए. प्रतियोगिता के दौरान खिलाड़ियों, अधिकारियों, दर्शकों और मेहमानों के लिए बेहतर व्यवस्था करने के साथ शहरों की सफाई, विद्यार्थियों की भागीदारी और राज्यव्यापी प्रचार अभियान पर भी ध्यान देने को कहा गया.
टूर्नामेंट का उद्घाटन समारोह 27 अक्टूबर को जालंधर में होगा और मैच 5 नवंबर तक खेले जाएंगे.