क्या भोपाल से दिल्ली ट्रांसफर होगा ट्विशा शर्मा का केस? गुहार लगाते हुए सुप्रीम कोर्ट में पिता की अर्जी


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Twisha Sharma Death Case: ट्विशा शर्मा केस को उनके परिजनों ने दिल्ली शिफ्ट करने के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाई है. इसमें केस दिल्ली शिफ्ट करने की वजह भी बताई गई है. याचिका में बताया गया है कि भोपाल में सबूतों से छेड़छाड़ किए जाने की आशंका है और केस उसी अदालत में है, जहां गिरिबाला सिंह पहले जज थीं.

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भोपाल से दिल्ली ट्रांसफर होगा ट्विशा शर्मा का केस? पिता की SC में गुहारZoom

क्या भोपाल से दिल्ली ट्रांसफर होगा ट्विशा शर्मा केस

Twisha Sharma Death Case: ट्विशा शर्मा केस में अहम मोड़ आया है. अब ट्विशा के पिता नवनिधि शर्मा ने केस को भोपाल से दिल्ली सुप्रीम कोर्ट में केस ट्रांसफर करने के लिए याचिका दायर की है. सुप्रीम कोर्ट में हियरिंग के लिए मामले को लिस्टेड किया गया है. अब इस पर 16 अक्टूबर को सुनवाई होगी. ट्विशा शर्मा के परिवार की तरफ से एडवोकेट अभिजीत सिन्हा और वकील अंकुर पांडे पैरवी कर रहे हैं.

सुप्रीम कोर्ट में याचिका भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 446 के तहत दायर की गई है. इसमें मांग की गई है कि सेशंस ट्रायल नंबर 584/2026 (CBI बनाम गिरिबाला सिंह और अन्य), जो अभी भोपाल के डिस्ट्रिक्ट एंड एडिशनल सेशंस जज के पास है, उसे दिल्ली की किसी सक्षम अदालत में ट्रांसफर किया जाए. इसके अलावा एक अलग अर्जी में अदालत से भोपाल में चल रहे मुकदमे पर रोक लगाने की मांग की गई है, जब तक कि यह याचिका लंबित है. भोपाल में अभी मुकदम आरोप तय करने के चरण में है.

दिल्ली केस ट्रांसफर करने के लिए बताए क्या कारण?

1. गिरिबाला सिंह उसी भोपाल सेशंस डिवीजन से प्रिंसिपल डिस्ट्रिक्ट एंड सेशंस जज के पद से रिटायर हुई थीं, जहां उन पर मुकदमा चलना है. जब ट्विशा की मौत हुई, तो वह भोपाल जिला उपभोक्ता आयोग की अध्यक्ष थीं. इससे वहां सूबतों से छेड़छाड़ हो सकती है.

2. दूसरा अहम कारण यह बताया गया है कि पांच दिनों में उनकी जमानत याचिका पांच अलग-अलग अदालतों में गई थीं. इसमें से तीन जजों ने या तो फाइल वापस कर दी है. या फिर खुद को ही मामले से अलग कर दिया है. एक जज ने पहले कहा था कि समर्थ सिंह उनके अपने वकील थी. जबकि एक ने कहा था कि गिरिबाला सिंह ने उन्हें प्रोबेशनर के तौर पर ट्रेनिंग दी थी.

3. याचिका में यह भी कहा गया है कि मुकदमा उसी अदालत को सौंपा गया है, जिसने FIR के कुछ घंटों के भीतर ही गिरीबाला सिंह को अग्रिम जमानत दे दी थी. मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने राज्य सरकार की चुनौती के बाद 27 मई को उस आदेश को रद्द कर दिया था. यह भी बताया गया है कि ट्विशा की मौत के 50 घंटे के बाद FIR दर्ज की गई थी, जिस छत पर मौत हुई है. उसे ठीक से सील नहीं किया गया था.

अभी जेल के अंदर हैं दोनों आरोपी
भोपाल में ट्विशा शर्मा की 12 मई 2026 को अपनी ससुराल में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी. बताया जाता है कि उन्होंने फांसी लगाकर जान दी थी. लेकिन मायके पक्ष इसे हत्या बताता है. इस केस में सास गिरिबाला सिंह और पति समर्थ सिंह मुख्य आरोपी हैं. उन पर ट्विशा को प्रताड़ित करने और जान देने के लिए उकसाने का आरोप लगा है. अभी दोनों जेल के अंदर हैं.

(रिपोर्ट-रमाकांत दुबे)



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