IPS Aishwarya Singh UPSC Success Story: दिल्ली में हो रहे प्रदर्शन के दौरान जब भीड़ को संभालने की जिम्मेदारी एक महिला पुलिस अधिकारी निभाती दिखाई दीं, तो सोशल मीडिया पर उनकी चर्चा शुरू हो गई. उनके काम करने के अंदाज को देखकर कई लोगों ने उन्हें ‘लेडी सिंघम’ कहना शुरू कर दिया. दरअसल, इस महिला अधिकारी का नाम ऐश्वर्या सिंह है, जो दिल्ली पुलिस में IPS अधिकारी हैं. उनका यह लेडी सिंघम वाला दमदार अंदाज दिल्ली प्रोटेस्ट में देखने को मिला, जिसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है. हालांकि, उनकी पहचान सिर्फ सख्त पुलिस अधिकारी के रूप में ही नहीं है. उनके पीछे यूपीएससी की ऐसी कहानी भी है, जिसमें पहली बार में IRS सेवा मिलने के बाद भी उन्होंने अपने लक्ष्य के लिए मेहनत जारी रखी और आखिरकार IPS बनने का अपना सपना पूरा किया.
कौन हैं IPS ऐश्वर्या सिंह?
ऐश्वर्या सिंह 2022 बैच की आईपीएस अधिकारी हैं और AGMUT कैडर से जुड़ी हैं. वह दक्षिण दिल्ली में एडिशनल डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस (ADCP) के पद पर तैनात हैं. इससे पहले वह लाजपत नगर में असिस्टेंट कमिश्नर ऑफ पुलिस (ACP) की जिम्मेदारी संभाल चुकी हैं. उनका परिवार उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ से ताल्लुक रखता है, जबकि उनकी शुरुआती पढ़ाई असम में हुई. ऐश्वर्या ऐसे परिवार से आती हैं, जहां प्रशासनिक सेवा और लोगों की जिम्मेदारी निभाने का माहौल पहले से मौजूद रहा है.
पिता रहे सीनियर IPS अधिकारी, मां भी कर चुकी हैं सरकारी सेवा
ऐश्वर्या सिंह के पिता ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह 1991 बैच के IPS अधिकारी हैं. वह असम-मेघालय कैडर से जुड़े रहे हैं और असम पुलिस में कानून-व्यवस्था समेत कई अहम जिम्मेदारियां संभाल चुके हैं. बता दें उन्होंने गैंडे के शिकार को रोकने के लिए बनाई गई विशेष टास्क फोर्स से जुड़ी जिम्मेदारी भी निभाई है.
वहीं, उनकी मां अनामिका सिंह भी असम सिविल सेवा में अधिकारी रह चुकी हैं. उपलब्ध जानकारी के अनुसार, उन्होंने 1996 से 2006 तक सेवा दी और बाद में नौकरी छोड़ दी. इसके अलावा, ऐश्वर्या की छोटी बहन आराधिता सिंह ने भी प्रोफेशनल फील्ड में अपनी जगह बनाई और राज्यसभा सचिवालय में सीनियर प्राइवेट सेक्रेटरी के पद पर काम किया. इस तरह परिवार में शिक्षा और प्रशासनिक सेवाओं का खास महत्व रहा है.
दिल्ली के कॉलेज से की पढ़ाई
ऐश्वर्या सिंह की शुरुआती पढ़ाई असम में हुई. इसके बाद उन्होंने दिल्ली के मदर्स इंटरनेशनल स्कूल से स्कूली शिक्षा पूरी की. वहीं, 12वीं के बाद उन्होंने लेडी श्रीराम कॉलेज से पॉलिटिकल साइंस में ग्रेजुएशन की डिग्री हासिल की. पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने UPSC सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी शुरू कर दी.
बताया जाता है कि माता-पिता को प्रशासनिक सेवा में काम करते देखकर उनके मन में भी सिविल सर्विस में जाने की इच्छा पैदा हुई थी. हालांकि, इस फील्ड में आगे बढ़ने के लिए केवल सपना देखना काफी नहीं था. इसके लिए उन्हें लगातार पढ़ाई करनी पड़ी और परीक्षा के हर चरण में खुद को बेहतर बनाना पड़ा.
पहली बार में IRS, तो तीसरी बार में बनीं IPS
ऐश्वर्या सिंह की यूपीएससी यात्रा का खास पहलू यह है कि उन्हें पहली ही कोशिश में सफलता मिल गई थी. अपने पहले प्रयास में उन्होंने ऑल इंडिया रैंक 249 हासिल की और भारतीय राजस्व सेवा (IRS) के लिए चयनित हुईं. यह अपने आप में बड़ी उपलब्धि थी, लेकिन उनका लक्ष्य IPS अधिकारी बनना था.
इसलिए उन्होंने अपनी तैयारी जारी रखी और दोबारा परीक्षा दी. दूसरे प्रयास में वह इंटरव्यू तक पहुंचीं, लेकिन फाइनल मेरिट लिस्ट में जगह नहीं बना सकीं. इस नतीजे के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी. उन्होंने अपनी कमियों को समझकर तैयारी जारी रखी और तीसरे प्रयास में बेहतर रैंक हासिल करने में सफल रहीं. यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा के तीसरे प्रयास में ऐश्वर्या सिंह ने ऑल इंडिया रैंक 97 हासिल की. इस रैंक के साथ उनका IPS बनने का सपना पूरा हुआ.