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Iran-US War Update: अमेरिका एक बार फिर से ईरान को लेकर अपनी तैयारियां तेज कर रहा है. पेंटागन को अमेरिकी राष्ट्रपति ने हमलों के लिए तैयार रहने का निर्देश दिया है. खबरें तो ये भी हैं कि इजरायल के साथ मिलकर यूएस इसकी तैयारी कर रहा है लेकिन हमलों की तारीख तय नहीं हुई है.
ईरान पर फिर हमले की तैयारी?
Iran-US War Update: अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर से बढ़ता नजर आ रहा है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अभी ईरान के खिलाफ बड़े सैन्य अभियान को दोबारा शुरू करने का अंतिम फैसला नहीं लिया है, लेकिन रिपोर्टों के मुताबिक पेंटागन को संभावित नए हमलों की तैयारी करने के निर्देश दिए गए हैं. अमेरिकी सेंट्रल कमांड को कुछ दिन पहले ही ईरान में बड़े सैन्य अभियान दोबारा शुरू करने की स्थिति में जरूरी तैयारियां पूरी करने को कहा गया. हालांकि अब तक ये तय नहीं हुआ है कि हमले कब शुरू किए जाएंगे.
अगर अमेरिका दोबारा बड़े सैन्य अभियान शुरू करता है तो ईरान के ऊर्जा केंद्रों, बुनियादी ढांचे और परमाणु ठिकानों को निशाना बनाए जाने की आशंका जताई जा रही है. अमेरिकी और इजरायली अधिकारियों के मुताबिक अमेरिका और इजरायल मिलकर सैन्य कार्रवाई कर सकते हैं. इस पर यकीन भी किया जा रहा है क्योंकि अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत भी आगे नहीं बढ़ पाई है. मध्यस्थ देश कतर, ईरान के जवाब का इंतजार कर रहा है. अमेरिका की ओर से रखे गए प्रस्ताव में ईरान से परमाणु कार्यक्रम को लेकर कई रियायतें मांगी गई हैं.
चुनावों से पहले तनाव बढ़ने की आशंका
रिपोर्टों में दावा किया गया है कि अमेरिका में नवंबर में होने वाले मिड टर्म इलेक्शन से पहले सैन्य कार्रवाई की संभावना पर चर्चा हुई है. हालांकि अधिकारियों का कहना है कि चुनाव से पहले हमले की संभावना बहुत ज्यादा नहीं है, लेकिन इसे पूरी तरह खारिज भी नहीं किया गया है. इजरायल में भी चुनाव होने हैं और ईरान के खिलाफ नई कार्रवाई वहां की राजनीति को प्रभावित कर सकती है. आशंका है कि जवाबी कार्रवाई में ईरान, इजरायल पर बड़ी संख्या में बैलिस्टिक मिसाइलें दाग सकता है.
ट्रंप का दावा- ईरान हो चुका है कमजोर
ट्रंप ने दावा किया है कि अमेरिका ने ईरान की परमाणु क्षमता को काफी नुकसान पहुंचाया है. उन्होंने कहा कि ईरान के साथ संघर्ष जल्द खत्म हो सकता है और इसके बाद तेल की कीमतों में बड़ी गिरावट आ सकती है. ट्रंप ने रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर भी कड़ा रुख अपनाया है. उन्होंने अमेरिकी नौसेना की मौजूदगी को ईरान पर दबाव का बड़ा माध्यम बताया.
क्या है ईरान का रुख?
इस बीच एक बार फिर से ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघेई ने कहा है कि उनका देश इस बात को लेकर स्पष्ट और दृढ़ है कि उसे किन शर्तों पर इस युद्ध को खत्म करना है. उन्होंने ये भी कहा कि ईरान ने अपना प्रस्ताव अमेरिका के सामने रख दिया है और अमेरिकी प्रस्ताव को लेकर उनका जवाब मध्यस्थों के जरिये ही दिया जाएगा. इससे पहले अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने साफ किया था कि यूरेनियम एनरिचमेंट जब तक खत्म नहीं होगा, तब तक युद्ध बंद नहीं होगा.