US Laser Weapon : बिना मिसाइल, हवा में ड्रोन को डीप फ्राई कर डालेंगे 4 ‘दिव्यास्त्र’, मोटर-ईंधन-सेंसर सब एकसाथ शटडाउन

US Laser Weapon : बिना मिसाइल, हवा में ड्रोन को डीप फ्राई कर डालेंगे 4 ‘दिव्यास्त्र’, मोटर-ईंधन-सेंसर सब एकसाथ शटडाउन


मॉडर्न वॉरफेयर अब बारूद, तोप के गोलों और भारी-भरकम मिसाइलों से बदलकर छोटे, सस्ते और जानलेवा ड्रोन्स की तरफ मुड़ चुका है. कमर्शियल और आत्मघाती ड्रोन्स ने दुनिया की सबसे आधुनिक सेनाओं के नाक में दम कर रखा है. अमेरिका भी इस नए खतरे के सामने हेल्पलेस हो गया था क्योंकि सैकड़ों ड्रोन्स के झुंड को रोकने के लिए लाखों डॉलर की पैट्रियट जैसी इंटरसेप्टर मिसाइलें दागना न केवल बेवकूफी है, बल्कि ये सेना के खजाने को खाली करने वाला सौदा है. इसी मुसीबत का तोड़ निकालने के लिए पेंटागन ने अब एक ऐसा कदम उठाया है, जो मिसाइल युग को पीछे छोड़ते हुए जंग का नया ब्लूप्रिंट तैयार कर रहा है.

ड्रोन्स से निपटने को अमेरिका ने बनाए 4 लेजर हथियार

अमेरिकी रक्षा विभाग ने अपने सबसे अहम सैन्य ठिकानों की सुरक्षा के लिए 4 ऐसे ‘दिव्यास्त्रों’ को चुना है, जो बिना किसी गोली या मिसाइल के हवा में उड़ रहे ड्रोन्स को सेकंडों में भून डालते हैं. ये डायरेक्टेड एनर्जी हथियार प्रकाश की रफ्तार से हमला करते हैं और दुश्मन ड्रोन की मोटर, फ्यूल टैंक, जीपीएस और सेंसर को एक झटके में पूरी तरह ठप कर देते हैं.

मिसाइलों और बारूद पर निर्भरता खत्म करने के लिए अमेरिका ने इन डायरेक्टेड एनर्जी हथियारों को सीधे जंग के मैदान में टेस्ट करने का मन बना लिया है. इस पूरे हाई-टेक मिशन की जिम्मेदारी ‘जॉइंट इंटरएजेंसी टास्क फोर्स 401’ को दी गई है. इस टास्क फोर्स का मुख्य काम देश-विदेश में मौजूद अमेरिकी सैन्य अड्डों को किसी भी अनचाहे ड्रोन हमले से सुरक्षित रखना है. पेंटागन ने जिन 4 वेपन सिस्टम को चुना है, उन्हें दुनिया की बड़ी-बड़ी डिफेंस कंपनियों ने तैयार किया है. ये चारों हथियार दो अलग-अलग तकनीकों पर काम करते हैं.

  1. AeroVironment का पलेटीज्ड हाई एनर्जी लेजर: ये एक बेहद शक्तिशाली और पोर्टेबल लेजर सिस्टम है, जिसे ट्रकों या स्थायी चौकियों पर आसानी से इंस्टॉल किया जा सकता है.
  2. Epirus का लियोनिडास हाई पावर्ड माइक्रोवोव सिस्टम: ये हथियार हवा में माइक्रोवोव तरंगों की ऐसी अदृश्य दीवार खड़ी करता है, जो एक साथ दर्जनों ड्रोन्स के सर्किट को भून देती है.
  3. Kord का फायरफ्लाई हाई एनर्जी लेजर: ये सिस्टम दुश्मनों के हमलावर ड्रोन्स पर बेहद तेज, अचूक और लगातार लेजर बीम दागकर उन्हें पिघला देता है.
  4. Boeing का कॉम्पैक्ट लेजर वोपन सिस्टम: एयरोस्पेस दिग्गज बोइंग का ये लेज़र हथियार साइज में छोटा और हल्का है, जिसे किसी भी अग्रिम मोर्चे पर तुरंत तैनात किया जा सकता है.

कैसे काम करते हैं लेजर हथियार? प्रकाश की रफ्तार से सीधा वार

हाई एनर्जी लेजर हथियार बारूद के बजाय अत्यधिक केंद्रित इलेक्ट्रोमैग्नेटिक एनर्जी बीम का इस्तेमाल करते हैं. ये बीम प्रकाश की गति यानी लगभग 3 लाख किलोमीटर प्रति सेकंड की रफ्तार से ट्रेवल करती है.

जैसे ही कोई दुश्मन ड्रोन सुरक्षा घेरे में प्रवोश करता है, लेज़र सिस्टम का ऑटोमेटेड रडार उसे ट्रैक करता है और अपनी बीम को ड्रोन के सबसे सेंसेटिव हिस्से, जैसे उसकी मोटर, विंग्स, फ्यूल टैंक या ऑप्टिकल सेंसर, पर लॉक कर देता है. पलक झपकते ही लेजर बीम इतनी भीषण गर्मी पैदा करती है कि ड्रोन के पुर्जे पिघल जाते हैं, उसका मेटल और प्लास्टिक ढांचा जलने लगता है और वो हवा में ही डीप फ्राई होकर जमीन पर गिर पड़ता है.

अमेरिकी थल सेना के अधिकारियों के अनुसार, लेजर हथियारों का सबसे बड़ा फायदा ये है कि इनका ‘कॉस्ट पर शॉट’ न के बराबर आता है. मिसाइल की तरह इसमें मैगजीन खत्म होने का झंझट नहीं होता; जब तक बिजली सप्लाई उपलब्ध है, ये अनंत काल तक लगातार फायर कर सकता है.

माइक्रोवोव वोपन्स: ड्रोन्स के झुंड का काल

अगर लेजर को एक स्नाइपर राइफल माना जाए जो एक बार में एक ही टारगेट को डीप फ्राई करती है, तो हाई पावर्ड माइक्रोवोव हथियार एक इलेक्ट्रोमैग्नेटिक नेट की तरह काम करता है. ये तकनीक ड्रोन्स के झुंड का एक साथ सफाया करने के लिए बनाई गई है.

अमेरिकी नेवी के रिसर्च ऑफिस के मुताबिक, एचपीएम सिस्टम बेहद शक्तिशाली माइक्रोवेव रेडिएशन की चौड़ी बीम छोड़ता है. जैसे ही ये तरंगे आसमान में तैर रहे ड्रोन्स से टकराती हैं, वो बिना कोई धमाका किए सीधे ड्रोन के भीतर लगे मदरबोर्ड, माइक्रोचिप, जीपीएस और कंट्रोल सिस्टम को ओवरहीट करके पूरी तरह जला देती हैं. इसका असर ये होता है कि दर्जनों ड्रोन्स की मोटर, ईंधन सप्लाई और सेंसर एक साथ शटडाउन हो जाते हैं और पूरा ड्रोन स्वार्म बिन पानी की मछली की तरह बेजान होकर सीधे जमीन पर आ गिरता है.

मिसाइलों के दौर का अंत?

अमेरिका द्वारा इन चार अत्याधुनिक हथियारों को पायलट प्रोग्राम में शामिल करना इस बात का सबूत है कि आने वाले समय में जंगों में बारूद का दबदबा अब खत्म हो रहा है.

जिस तरह सस्ते ड्रोन्स ने दुनिया के महंगे से महंगे टैंकों और एयर डिफेंस सिस्टम्स की धज्जियां उड़ाई थीं, अब ये डायरेक्टेड एनर्जी टेक्नोलॉजी उन्हीं ड्रोन्स का काल बनने जा रही है. अमेरिका के ये लेजर और माइक्रोवेव ‘दिव्यास्त्र’ एंटी-एयरक्राफ्ट तोपों के साथ मिलकर एक ऐसा ‘मल्टी-लेयर्ड शील्ड’ तैयार करेंगे, जिसके पार जाकर हमला करना किसी भी दुश्मन के लिए नामुमकिन होगा. बिना किसी मिसाइल और बिना किसी आवाज के, लाइट की रफ्तार से तबाही मचाने वाले ये हथियार अब आधुनिक युद्धनीति की नई इबारत लिख रहे हैं.



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