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Twisha Sharma Death Case: ट्विशा शर्मा केस में आरोपी गिरिबाला सिंह को फिर से तगड़ा झटका लगा है. उन्हें जबलपुर हाईकोर्ट से जमानत नहीं मिली है. कोर्ट ने उनके दावे को पूरी तरह से खारिज कर दिया है. अब इस मामले में अगली सुनवाई 14 अक्टूबर को होगी. गिरिबाला अभी जेल में बंद हैं और बाहर आने के कई प्रयास कर चुकी हैं.
गिरिबाला सिंह को फिर लगा तगड़ा झटका
Giribala Singh Bail Plea: भोपाल के बहुचर्चित ट्विशा शर्मा केस में सास गिरिबाला सिंह और पति समर्थ सिंह अभी जेल के अंदर बंद हैं. रिटायर्ड जज गिरिबाला अपनी जमानत के लिए कई बार अर्जी लगा चुकी हैं, लेकिन हर बार उन्हें निराशा हाथ लगी है. इस बार भी जबलपुर हाईकोर्ट से उन्हें तगड़ा झटका लगा है. गिरिबाला सिंह के जमानत अर्जी की सुनवाई जस्टिस अजय कुमार निरंकारी की सिंगल बेंच में हुई. जहां कोर्ट ने आरोपी के दावे को पूरी तरह से खारिज कर दिया है. कोर्ट की तरफ से कहा गया है कि दहेज लेने और हत्या के आरोप सीबीआई ने खत्म नहीं किए हैं. अभी दहेज, हत्या के एंगल से सीबीआई की जांच अभी जारी है.
CBI ने रखा अपना पक्ष
सीबीआई की तरफ से बताया गया है कि दहेज हत्या की धारा 80(2) हटने की बात पूरी तरह से गलत है. जांच में आत्महत्या के लिए उकसाने की धारा 108 जोड़ी गई है. मोबाइल डाटा और CCTV DVR की रिपोर्ट अभी आना बाकी है.
गिरिबाला सिंह ने जमानत के लिए किया ये दावा
दूसरी तरफ गिरिबाला सिंह की तरफ से दावा किया था कि CBI ने दहेज हत्या की धाराएं हटा दी हैं. इसके अलावा गिरिबाला ने 90 दिन से ज्यादा जांच लंबित होने का हवाला दिया था. उन्होंने आर्टिकल 21 का हवाला देकर जल्द जमानत देने की कोर्ट से मांग की थी, जिसे अब ठुकरा दिया गया है.
14 अक्टूबर को होगी अगली सुनवाई
कोर्ट ने गिरिबाला के आवेदन में धारा 108 जोड़ने वाले हिस्से को भी रिकॉर्ड किया है. इसके अलावा जमानत आवेदन और ट्विशा के पिता के आपत्ति आवेदन में संशोधन के लिए 2 दिन का समय दिया है. फिलहाल जमानत का फैसला टल गया है. अब इस मामले पर 14 अक्टूबर को अगली सुनवाई होगी.
क्या था पूरा मामला?
भोपाल के कटारा हिल्स में ट्विशा शर्मा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी. इसके बाद ससुराल पक्ष ने इसे आत्महत्या बताया था. वहीं मायके पक्ष वालों ने इसे हत्या करार दिया था. इसी कारण से ट्विशा का दो बार पोस्टमार्टम करवाया गया था. बाद में भोपाल सेशन कोर्ट से गिरिबाल ने अग्रिम जमानत ले ली थी, जिसे जबलपुर हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया था. दूसरी तरफ केस फिर सीबीआई के पास चला गया था. जहां सीबीआई ने आरोपी गिरिबाला और समर्थ सिंह को गिरफ्तार कर लिया था.