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Pakistan PTI long march Update: पाकिस्तान में इस समय राजनीतिक माहौल गरमाया हुआ है. शहबाज शरीफ ने सोचा भी नहीं होगा कि पीटीआई के लॉन्ग मार्च को इतना समर्थन मिलेगा. विपक्षी पार्टियां भी जब इस प्रदर्शन के हक में बात करने लगीं, तो शहबाज सरकार पर दबाव और बढ़ गया है.
पाकिस्तान में पीटीआई का लॉन्ग मार्च. (रॉयटर्स)
Pakistan PTI long march Update: पाकिस्तान में पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) का विरोध मार्च लगातार आगे बढ़ रहा है. इमरान खान की रिहाई की मांग को लेकर शुरू हुए इस मार्च के पेशावर पहुंचने से पहले शहर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है. इतने लंबे मार्च को लेकर घबराया प्रशासन किसी भी संभावित तनाव से निपटने के लिए अतिरिक्त इंतजाम कर रहा है. यह मार्च 4 अक्टूबर को खैबर पख्तूनख्वा से शुरू हुआ था. इसी प्रांत में PTI की सरकार है और पार्टी के कार्यकर्ताओं और समर्थकों का यह काफिला अलग-अलग स्थानों से गुजरते हुए आगे बढ़ रहा है और आने वाले दिनों में इस्लामाबाद की ओर जाने की तैयारी है.
कमालिया में 30 लोगों पर मामला दर्ज
इस बीच पंजाब प्रांत के कमालिया में PTI के समर्थन में रैली निकालने के आरोप में 30 लोगों के खिलाफ पुलिस ने मामला दर्ज किया है. यहां नवाज शरीफ की बेटी मरियम नवाज की सरकार है, जो शहबाज शरीफ की भतीजी भी हैं. ऐसे में तैयारी जबरदस्त कर ली गई है. पुलिस के मुताबिक इन लोगों ने उस समय रैली निकाली जब पूरे पंजाब में रैलियों और सार्वजनिक सभाओं पर रोक लागू है. इस कार्रवाई से PTI और सरकार के बीच पहले से चल रहे राजनीतिक तनाव के और बढ़ने की आशंका है.
पेशावर में कर्फ्यू जैसा हाल
PTI का मार्च अब पेशावर पहुंचने वाला है. मार्च के मद्देनजर शहर में सुरक्षा व्यवस्था बेहद सख्त कर दी गई है. कुछ निजी स्कूलों ने गुरुवार को छुट्टी की घोषणा की है. हालांकि, सरकारी स्कूलों को लेकर अभी कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है. पेशावर के कुछ इलाकों में मोबाइल फोन सेवाएं प्रभावित होने की खबरें भी सामने आई हैं, लेकिन संबंधित अधिकारियों की ओर से इसकी आधिकारिक पुष्टि या खंडन नहीं किया गया है. PTI के खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री सोहेल अफरीदी ने कहा है कि मार्च स्वाबी तक जाएगा और वहां आगे की रणनीति की घोषणा की जाएगी. उन्होंने दावा किया कि आदिवासी जिलों को खैबर पख्तूनख्वा में विलय के बाद मिलने वाली आर्थिक हिस्सेदारी अभी तक पूरी तरह नहीं मिली है.
खैबर पख्तूनख्वा में राष्ट्रपति शासन?
इसी बीच खैबर पख्तूनख्वा के गवर्नर फैसल करीम कुंडी ने कहा है कि यदि सुरक्षा स्थिति को संभालने के लिए जरूरी समझा गया तो प्रांत में आपातकाल या गवर्नर शासन लगाया जा सकता है. उन्होंने कहा कि प्राथमिकता किसी भी कीमत पर क्षेत्र में शांति बहाल करना है. दूसरी ओर PTI प्रवक्ता शेख वकास अकरम ने सरकार पर देश में अस्थिरता पैदा करने का आरोप लगाया है. उनका कहना है कि PTI बातचीत के रास्ते से कभी पीछे नहीं हटी, लेकिन सरकार की कथित जिद के कारण वार्ता आगे नहीं बढ़ सकी. इस पूरे घटनाक्रम ने पाकिस्तान में राजनीतिक तनाव को फिर बढ़ा दिया है. अब नजर इस बात पर है कि पेशावर के बाद PTI का मार्च किस दिशा में बढ़ता है और सरकार इसे रोकने के लिए क्या कदम उठाती है.