Pakistan Army Retire Soldiers: सऊदी में सैनिक भेजे तो पाकिस्तान में पड़ा जवानों का अकाल, रिटायर फौजियों को फिर बुलाया- Pakistan Balochistan news


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बलूचिस्तान में लगातार हालात खराब हो रहे हैं. पाकिस्तान के सैनिकों को विद्रोही निशाना बना रहे हैं. पाकिस्तान में सैनिकों की कमी का आलम ये है कि उसने अपने रिटायर्ड सैनिकों को वापस बुलाने का फैसला किया है. बलूचिस्तान से जुड़े रिटायर्ड सैनिकों को सर्विस में वापस आने को कहा गया है. यह तब हो रहा है, जब पाकिस्तान ने सऊदी में ही अपने हजारों सैनिक भेजे हैं.

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सऊदी में सैनिक भेजे तो पाकिस्तान में जवानों का अकाल, रिटायर फौजियों को बुलायाZoom

बलोचिस्तान में अपने रिटायर्ड सैनिकों को बुला रही है. (Reuters)

Pakistan Balochistan News: पाकिस्तान के लिए बलोचिस्तान एक सिरदर्द बना हुआ है. बलूच विद्रोही लगातार पाकिस्तानी सैनिकों को निशाना बना रहे हैं. सैनिकों का लगातार हो रही कमी के चलते रिटायर हो चुके सैनिकों को दोबारा ड्यूबी पर बुलाने की तैयारी शुरू की है. फ्रंटियर कॉर्प्स बलूचिस्तान (नॉर्थ) ने रिटायर कर्मचारियों से अपनी पुरानी यूनिट में संपर्क कर दोबारा सेवा में शामिल होने को कहा है. इसके लिए 30 अक्टूबर तक संबंधित विंग कमांडर से संपर्क करने का निर्देश दिया गया है. यह कदम ऐसे समय उठाया गया है, जब बलूचिस्तान में BLA लगातार पाकिस्तानी सुरक्षा बलों को मार रहा है. ऐसे में शायद पाकिस्तान ने अब अपने रिटायर्ड फौजियों को भी शहीद करने का मन बना लिया है.

CNN-न्यूज18 के पास फ्रंटियर कॉर्प्स के इंस्पेक्टर जनरल के कार्यालय की आधिकारिक सूचना मौजूद है. इसके मुताबिक, पहले सेना में रह चुके जवानों से दोबारा सेवा में आने की अपील की गई है. जो रिटायर सैनिक वापस आएंगे, उन्हें उनकी पूरी की गई सेवा के वर्षों के आधार पर वेतन दिया जाएगा. खास बात यह है कि कई साल पहले रिटायर हो चुके जवानों को भी दोबारा भर्ती करने के लिए सोचा जा रहा है. सीधे शब्दों में कहें तो पाकिस्तान अब पुराने सैनिकों को फिर से वर्दी पहनाने की तैयारी कर रहा है. इससे एक अनुमान यह भी लगाया जा सकता है कि पाकिस्तानी फौज सैनिकों की कमी के बावजूद नई भर्ती नहीं करना चाहती. हालांकि इस कमी का कारण वह खुद भी है. हजारों सैनिकों को उसने सऊदी अरब की लड़ाई में भेज दिया है.

BLA के हमलों ने बढ़ाई मुश्किल

इस फैसले के पीछे बलूचिस्तान में लगातार जारी हिंसा को बड़ी वजह माना जा रहा है. BLA ने सितंबर में पूरे प्रांत में 94 हमले करने का दावा किया है. BLA के मुताबिक, इन हमलों में 105 पाकिस्तानी सुरक्षा कर्मी मारे गए और 52 घायल हुए. संगठन ने 63 IED हमलों और पाकिस्तानी सुरक्षा बलों के 46 वाहनों को नष्ट करने का भी दावा किया. संगठन ने यह भी दावा किया कि सितंबर में उसके 33 लड़ाके मारे गए.

चप्पे-चप्पे पर सेना निशाने पर

BLA ने 14 से 23 सितंबर के बीच पंजगुर, केच, खरान, खुजदार, मस्तुंग, वाशुक और नुश्की में 25 ऑपरेशन करने का दावा किया. उसके मुताबिक, सैन्य काफिले, चेकपोस्ट, निगरानी ढांचे, सप्लाई रूट और सरकारी ठिकाने निशाने पर रहे. यानी पाकिस्तान के लिए चुनौती सिर्फ किसी एक इलाके तक सीमित नहीं है. बलूचिस्तान के अलग-अलग हिस्सों में सुरक्षा बलों की मौजूदगी और ऑपरेशन की जरूरत बढ़ रही है.

पाकिस्तान के सामने सबसे बड़ा सवाल ये है कि जब उसके घर में ही सैनिकों की कमी है, तब आखिर वह सऊदी अरब की मदद के लिए सैनिक क्यों भेज रहा है. रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तानी सेना ने माना है कि उसके हजारों सैनिक सऊदी अरब में तैनात है. इसके साथ ही उसके एयरफोर्स की एक स्क्वाड्रन भी मौजूद है.



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