IMC 2026, DIKSHA full form: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इंडिया मोबाइल कांग्रेस के समारोह में कहा कि मोबाइल और इंटरनेट ने देश के दूर-दराज क्षेत्रों में रहने वाले बच्चों और गरीब परिवारों के लिए पढ़ाई के नए रास्ते खोले हैं. डिजिटल कनेक्टिविटी की वजह से शिक्षा के साथ-साथ भुगतान और स्वास्थ्य सेवाओं को भी मुश्किल परिस्थितियों में जारी रखना संभव हुआ. उन्होंने कहा कि कोविड के दौर में भी ऑनलाइन शिक्षा के जरिए बड़ी संख्या में छात्रों तक पढ़ाई पहुंची और 2022 तक दीक्षा प्लेटफॉर्म पर 500 करोड़ से अधिक लर्निंग सेशन दर्ज किए गए. उन्होंने कहा कि सरकार की कोशिश है कि ऑनलाइन शिक्षा के उपलब्ध सभी माध्यमों का लाभ समाज के उन वर्गों तक भी पहुंचे, जिन्हें इसकी सबसे ज्यादा जरूरत है.
DIKSHA का नाम आपने स्कूल की किताबों में दिए QR कोड, ऑनलाइन पढ़ाई या शिक्षक प्रशिक्षण के संदर्भ में जरूर सुना होगा लेकिन यह सिर्फ वीडियो देखने या ऑनलाइन कोर्स करने वाला ऐप नहीं है.DIKSHA यानी डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर फॉर नॉलेज शेयरिंग (Digital Infrastructure for Knowledge Sharing)स्कूल शिक्षा के लिए भारत का राष्ट्रीय डिजिटल प्लेटफॉर्म है.इसमें पाठ्यपुस्तकों से लेकर वीडियो, इंटरैक्टिव सामग्री, कोर्स और दूसरी डिजिटल शैक्षणिक सामग्री उपलब्ध है.इसे शिक्षा मंत्रालय के तहत NCERT की अगुवाई में CIET के सहयोग से विकसित किया गया है और इसकी शुरुआत 2017 में हुई थी.
DIKSHA आखिर है क्या?
सरल भाषा में समझें तो DIKSHA एक ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म है जहां छात्र, शिक्षक, अभिभावक और स्कूल से जुड़े दूसरे लोग पढ़ाई से जुड़ी डिजिटल सामग्री हासिल कर सकते हैं.यह PM e-VIDYA का भी एक प्रमुख हिस्सा है और इसे स्कूली शिक्षा के लिए वन नेशन,वन डिजिटल प्लेटफॉर्म के रूप में इस्तेमाल किया जाता है.इसका दायरा सिर्फ किसी एक कक्षा या बोर्ड तक सीमित नहीं है.आधिकारिक जानकारी के मुताबिक DIKSHA पर K-12 यानी शुरुआती स्कूली शिक्षा से लेकर सीनियर सेकेंडरी स्तर तक डिजिटल लर्निंग सामग्री उपलब्ध है.इसमें NCERT, CBSE, NIOS और राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों के बोर्ड से जुड़ी सामग्री भी शामिल है.
DIKSHA पर कितने तरह के कोर्स हैं?
यहां एक बात समझना जरूरी है कि DIKSHA पर कोर्स की कोई एक तय संख्या या केवल कुछ निश्चित कोर्स कैटेगरी नहीं हैं.अलग-अलग राज्य, बोर्ड, संस्थान और कोर्स क्रिएटर अपनी जरूरत के हिसाब से कोर्स तैयार और उपलब्ध करा सकते हैं.आधिकारिक DIKSHA सिस्टम में कोर्स को अलग-अलग तरीके से खोजा और देखा जा सकता है.कोर्स के स्तर पर देखें तो यहां छात्रों के लिए रिवीजन प्रोग्राम, शिक्षकों के लिए क्षमता बढ़ाने और प्रोफेशनल डेवलपमेंट से जुड़े कोर्स, तथा स्कूल प्रमुखों और शिक्षा अधिकारियों के लिए भी कार्यक्रम उपलब्ध हो सकते हैं.किसी कोर्स में कई मॉड्यूल होते हैं और उसमें आकलन यानी असेसमेंट भी शामिल किया जा सकता है.DIKSHA पर कोर्स खोजने के लिए कोर्स का नाम, कीवर्ड, QR कोड, 6 अंकों का DIAL कोड या Course Do-ID जैसे विकल्प इस्तेमाल किए जा सकते हैं यानी आपको पहले से यह जानना जरूरी नहीं कि पूरा कोर्स किस श्रेणी में रखा गया है.
छात्रों के लिए सिर्फ कोर्स ही नहीं, पूरी डिजिटल पढ़ाई
DIKSHA के होमपेज पर टेक्स्टबुक, वीडियो, इंटरैक्टिव कंटेंट और कोर्स जैसे अलग-अलग तरह के संसाधन उपलब्ध हैं.विषयों में गणित, विज्ञान, हिंदी, अंग्रेजी, पर्यावरण अध्ययन, व्यावसायिक शिक्षा, भौतिक विज्ञान, जीव विज्ञान, कंप्यूटर साइंस, इतिहास, अर्थशास्त्र और अकाउंटेंसी जैसे विषय शामिल हैं यानी कोई छात्र केवल कोर्स ही नहीं, बल्कि अपनी कक्षा और विषय के हिसाब से डिजिटल पढ़ाई की दूसरी सामग्री भी खोज सकता है.
किताब में दिया QR कोड कैसे काम करता है?
DIKSHA की सबसे उपयोगी सुविधाओं में से एक QR कोड वाले एनर्जाइज्ड टेक्स्टबुक हैं.कई पाठ्यपुस्तकों में दिए QR कोड को DIKSHA ऐप या पोर्टल के जरिए स्कैन करने पर उस पाठ से जुड़ी डिजिटल सामग्री तक पहुंच बनाई जा सकती है.इसमें वीडियो, इंटरैक्टिव सामग्री और दूसरी शैक्षणिक सामग्री मिल सकती है.इसका फायदा यह है कि छात्र किताब में पढ़े जा रहे अध्याय से जुड़ी डिजिटल सामग्री तक सीधे पहुंच सकता है उसे अलग से इंटरनेट पर ढूंढने की जरूरत नहीं पड़ती.
DIKSHA पर कौन पढ़ सकता है?
DIKSHA का इस्तेमाल छात्र, शिक्षक, अभिभावक, स्कूल प्रमुख, स्कूल अधिकारी और अन्य उपयोगकर्ता कर सकते हैं.हालांकि हर कोर्स के लिए पात्रता और उसमें शामिल होने के नियम एक जैसे नहीं होते.किसी खास कोर्स का क्रिएटर या मेंटर यह तय कर सकता है कि उसमें कौन शामिल हो सकता है.गेस्ट यानी बिना लॉगिन किए उपयोगकर्ता भी DIKSHA पर काफी सामग्री देख सकते हैं.लेकिन कोर्स में औपचारिक रूप से शामिल होने जैसी सुविधाओं के लिए आम तौर पर रजिस्ट्रेशन और लॉगिन करना जरूरी होता है.
DIKSHA पर पढ़ाई कैसे शुरू करें?
अगर आप DIKSHA से पढ़ाई करना चाहते हैं तो तरीका काफी आसान है.सबसे पहले DIKSHA की वेबसाइट खोल सकते हैं या मोबाइल पर DIKSHA ऐप का इस्तेमाल कर सकते हैं.प्लेटफॉर्म पर अपनी जरूरत के हिसाब से भाषा और प्रोफाइल से जुड़ी जानकारी चुनने पर आपके लिए प्रासंगिक सामग्री ढूंढना आसान हो जाता है.इसके बाद आप कक्षा, विषय, बोर्ड, माध्यम, रिसोर्स टाइप या कीवर्ड के आधार पर सामग्री खोज सकते हैं.DIKSHA के आधिकारिक ऐप में बोर्ड, क्लास, विषय, माध्यम और रिसोर्स टाइप जैसे फिल्टर का विकल्प मिलता है.अगर आपको कोई खास कोर्स करना है तो उसे सर्च करके उसके डिटेल पेज पर जाना होगा.उपलब्ध बैच खुला होने पर Join Course विकल्प के जरिए उसमें शामिल हुआ जा सकता है.कोर्स पूरा होने पर प्रगति भी देखी जा सकती है.
क्या DIKSHA पर बिना इंटरनेट के भी पढ़ सकते हैं?
हां, DIKSHA में कुछ सामग्री और कोर्स को डाउनलोड करके ऑफलाइन इस्तेमाल करने की सुविधा भी है.आधिकारिक जानकारी के मुताबिक उपयोगकर्ता उपलब्ध सामग्री को अपने डिवाइस पर डाउनलोड करके इंटरनेट कनेक्शन न होने पर भी उसका इस्तेमाल जारी रख सकता है.यही सुविधा ऐसे छात्रों के लिए महत्वपूर्ण है जिनके पास हर समय तेज इंटरनेट उपलब्ध नहीं रहता.
कोर्स पूरा करने पर सर्टिफिकेट भी मिल सकता है
DIKSHA पर हर कोर्स में सर्टिफिकेट मिलना जरूरी नहीं है.आधिकारिक गाइड के मुताबिक कुछ कोर्स सर्टिफिकेट वाले होते हैं और कुछ में सर्टिफिकेट नहीं होता.जिन कोर्स में सर्टिफिकेट का प्रावधान है वहां कोर्स पूरा करने या तय असेसमेंट मानदंड पूरा करने के बाद डिजिटल सर्टिफिकेट जारी किया जा सकता है.कुछ कोर्स में असेसमेंट भी होता है.यह कोर्स पूरा करने की शर्त का हिस्सा हो सकता है और कोर्स के अनुसार एक या उससे ज्यादा प्रयास की अनुमति हो सकती है.
मार्च 2026 तक DIKSHA पर कितनी पढ़ाई हुई?
DIKSHA के इस्तेमाल का पैमाना समझने के लिए सरकार के मार्च 2026 के आंकड़े काफी महत्वपूर्ण हैं.5 मार्च 2026 तक DIKSHA पर 566 करोड़ लर्निंग सेशन दर्ज किए गए थे.उस समय प्लेटफॉर्म पर 2.11 करोड़ रजिस्टर्ड यूजर्स थे.इसके अलावा 18.52 करोड़ कोर्स एनरोलमेंट, 14.71 करोड़ कोर्स कंप्लीशन और 12.69 करोड़ सर्टिफिकेट जारी होने की जानकारी सरकार ने दी थी.
कितनी भाषाओं में उपलब्ध है DIKSHA?
DIKSHA की एक बड़ी खासियत इसका बहुभाषी कंटेंट है. जून 2026 की सरकारी जानकारी के अनुसार प्लेटफॉर्म पर 135 भाषाओं का सपोर्ट है जिसमें 128 भारतीय और 7 विदेशी भाषाएं शामिल हैं. DIKSHA को देश के सभी 36 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के साथ-साथ CBSE और NIOS जैसे केंद्रीय बोर्डों/संस्थाओं ने भी अपनाया है.
शिक्षकों के लिए भी बहुत काम का है DIKSHA
DIKSHA सिर्फ बच्चों की पढ़ाई के लिए नहीं बनाया गया है.शिक्षकों के लिए ट्रेनिंग और प्रोफेशनल डेवलपमेंट से जुड़े कोर्स भी उपलब्ध हैं.उदाहरण के तौर पर NISHTHA जैसे शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रमों के ऑनलाइन कोर्स DIKSHA पर उपलब्ध कराए गए हैं.इसका मतलब यह है कि DIKSHA पर एक ही तरह का कंटेंट नहीं है.एक तरफ छात्र अपनी पढ़ाई के लिए सामग्री ले सकते हैं वहीं शिक्षक अपनी ट्रेनिंग और नई शिक्षण पद्धतियों से जुड़े कार्यक्रम कर सकते हैं.
DIKSHA और दूसरी ऑनलाइन पढ़ाई में क्या अंतर है?
DIKSHA को किसी सामान्य प्राइवेट एडटेक ऐप की तरह समझना सही नहीं होगा.इसका मुख्य फोकस स्कूल शिक्षा और पाठ्यक्रम से जुड़ी डिजिटल सामग्री पर है.इसके जरिए NCERT, CBSE, NIOS और राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों के स्कूल शिक्षा तंत्र से जुड़ी सामग्री उपलब्ध कराई जाती है. वहीं उच्च शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए सरकार के दूसरे प्लेटफॉर्म भी हैं.उदाहरण के लिए SWAYAM उच्च शिक्षा के ऑनलाइन पाठ्यक्रमों के लिए प्रमुख मंच है जबकि SATHEE उच्च शिक्षा और प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी पर केंद्रित है.इसलिए कॉलेज डिग्री या प्रतियोगी परीक्षा की हर तरह की पढ़ाई के लिए DIKSHA को एकमात्र सरकारी प्लेटफॉर्म समझना सही नहीं होगा.