IIM Ahmedabad Gold Medalist Siddhant Agarwal: IIT से इंजीनियरिंग, कैट में 99.97 परसेंटाइल हासिल कर पहुंचे IIM, विदेशी नौकरी छोड़कर बने गोल्ड मेडलिस्ट

IIM Ahmedabad Gold Medalist Siddhant Agarwal: IIT से इंजीनियरिंग, कैट में 99.97 परसेंटाइल हासिल कर पहुंचे IIM, विदेशी नौकरी छोड़कर बने गोल्ड मेडलिस्ट


नई दिल्ली (Siddhant Agarwal IIM Story). देश के टॉप मैनेजमेंट संस्थानों में शामिल आईआईएम अहमदाबाद से गोल्ड मेडल हासिल करना बहुत गर्व की बात है. किसी टॉपर की असली कहानी सिर्फ मेडल या एकेडमिक सफलता तक सीमित नहीं रहती. देखना रोचक होता है कि वह युवा आगे क्या मुकाम हासिल करता है. आईआईएम अहमदाबाद के 2022-24 बैच के इंस्टीट्यूट रैंक-1 और गोल्ड मेडलिस्ट सिद्धांत अग्रवाल की सक्सेस स्टोरी हर उस युवा के लिए मिसाल है, जो अपने दम पर बड़े सपने देखता है.

सिद्धांत अग्रवाल ने साबित कर दिया कि सफलता शॉर्टकट से नहीं, बल्कि मेहनत और अनुशासन से मिलती है. मिडिल क्लास परिवार से ताल्लुक रखने वाले सिद्धांत ने पहले आईआईटी खड़गपुर से इंजीनियरिंग की, अमेरिका में नौकरी की और फिर कॉर्पोरेट जगत की बड़ी जिम्मेदारियां समझने के लिए IIM अहमदाबाद का रुख किया. Medium में छपे ब्लॉग के मुताबिक, पहली ही कोशिश में CAT परीक्षा में 99.97 परसेंटाइल लाने वाले सिद्धांत ने अपनी जिंदगी के हर मोड़ पर खुद को साबित किया है.

आईआईएम अहमदाबाद के गोल्ड मेडलिस्ट अब क्या कर रहे हैं?

आईआईएम अहमदाबाद में गोल्ड मेडल हासिल करने वाले सिद्धांत अग्रवाल वेंचर कैपिटल फर्म ‘एलिवेशन कैपिटल’ में एसोसिएट वाइस प्रेसिडेंट के रूप में काम कर रहे हैं. वह भारत में रहकर नए स्टार्टअप्स को आगे बढ़ाने में मदद कर रहे हैं. सिद्धांत अग्रवाल ने आईसीएसई बोर्ड से पढ़ाई की है. उन्होंने 10वीं में 96.57% और 12वीं (ISC) में 96.60% हासिल किए थे.

लखनऊ से IIT खड़गपुर और फिर अमेरिका का सफर

सिद्धांत अग्रवाल उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के मिडिल क्लास परिवार से हैं. उनके पिता सीए होने के साथ-साथ शिक्षक भी हैं. स्कूली शिक्षा पूरी करने के बाद सिद्धांत ने आईआईटी खड़गपुर से मैकेनिकल और फाइनेंशियल इंजीनियरिंग में इंटीग्रेटेड डुअल डिग्री हासिल की. इसके बाद अमेरिका के जाने-माने संस्थान ‘कैपिटल वन’ में रिस्क मैनेजमेंट के क्षेत्र में काम किया. वह ऐसे क्षेत्र में जाना चाहते थे, जहां कारोबार से सीधा जुड़ाव हो और बड़े फैसले लेने की जिम्मेदारी मिले. इसी सोच ने उन्हें एमबीए के लिए प्रेरित किया.

CAT में 99.97 परसेंटाइल और IIM अहमदाबाद में एडमिशन

सिद्धांत अग्रवाल ने इंजीनियरिंग के फाइनल ईयर में ही कैट यानी आईआईएम प्रवेश परीक्षा की तैयारी शुरू कर दी थी. सिद्धांत अग्रवाल ने कैट परीक्षा के अपने पहले ही अटेंप्ट में 99.97 परसेंटाइल हासिल किए. देश के तीनों प्रमुख आईआईएम (अहमदाबाद, बेंगलुरु और कोलकाता) से ऑफर मिलने के बावजूद उन्होंने IIM अहमदाबाद से एमबीए करना चुना. वहां की केस-स्टडी आधारित पढ़ाई और चुनौतीपूर्ण माहौल ने उनके अंदर का लीडर तराश दिया.
Siddhant Agarwal CAT Scorecard: सिद्धांत अग्रवाल ने अपने पहले अटेंप्ट में कैट परीक्षा पास कर ली थी

आईआईएम में गोल्ड मेडल कैसे मिला?

IIM अहमदाबाद में पूरे बैच में पहली रैंक हासिल करना आसान नहीं है. इसलिए सिद्धांत ने अनुशासन और प्राथमिकताओं को लेकर स्पष्टता को अपनी ताकत बनाया. उन्होंने शुरुआत में ही तय कर लिया था कि उनकी पढ़ाई पहली प्रायोरिटी होगी. हालांकि, इसके बावजूद उनकी कैंपस लाइफ सिर्फ किताबों तक सीमित नहीं थी. वे अपने दोस्तों के साथ रात में साबरमती रिवरफ्रंट पर बाइक राइड के लिए निकल जाते थे, रात के 2 बजे आइसक्रीम और सुबह 4 बजे पोहा खाने के बाद सुबह 9 बजे की क्लास में समय पर पहुंचते थे.

Siddhant Agarwal IIM Story: सिद्धांत अग्रवाल ने पढ़ाई और एंटरटेनमेंट के बीच बैलेंस बनाकर रखा

वेंचर कैपिटल की दुनिया में नया मुकाम

सिद्धांत अग्रवाल अमेरिका की चमक-दमक को छोड़कर भारत लौट आए हैं और ‘एलिवेशन कैपिटल’ (Elevation Capital) में एसोसिएट वाइस प्रेसिडेंट के पद पर कार्यरत हैं. वह फिनटेक और कंज्यूमर टेक स्टार्टअप्स में निवेश कर रहे हैं. उनका मानना है कि भारत की इकोनॉमी महत्वपूर्ण मोड़ पर है. आने वाले समय में AI और डीप-टेक के क्षेत्र में देश के युवाओं के लिए अपार संभावनाएं हैं. उनका सफर साबित करता है कि इरादे पक्के हों और मेहनत सही दिशा में हो तो हर मुकाम हासिल किया जा सकता है.



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