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Homemade Liquid Fertilizer: लॉन की कटी हुई घास को कचरा समझकर फेंकने के बजाय उससे घर पर लिक्विड खाद बनाई जा सकती है. गार्डनिंग एक्सपर्ट चंद्रशेखर मिश्रा के मुताबिक बाल्टी में घास और पानी को 10 से 14 दिन रखकर तैयार घोल पालक, मेथी जैसी पत्तेदार सब्जियों के काम आ सकता है.
Homemade Liquid Fertilizer: अगर आपके घर में गार्डन या लॉन है तो वहां लगी घास की समय-समय पर कटाई जरूर करनी पड़ती है. कटाई के बाद काफी मात्रा में घास निकलती है, जिसे ज्यादातर लोग कचरा समझकर बाहर फेंक देते हैं. लेकिन अगली बार ऐसा करने से पहले एक बार रुक जाइए. यही कटी हुई घास आपके पौधों के लिए कम लागत वाली घरेलू लिक्विड खाद तैयार करने में काम आ सकती है. खासकर पालक, मेथी, धनिया और लेट्यूस जैसी पत्तेदार सब्जियों के लिए नाइट्रोजन जरूरी पोषक तत्वों में शामिल है और घास में भी नाइट्रोजन मौजूद होता है. गार्डनिंग एक्सपर्ट चंद्रशेखर मिश्रा के मुताबिक, कटी हुई घास और पानी की मदद से घर पर एक तरह का पोषक लिक्विड घोल तैयार किया जा सकता है. इसके लिए बाजार से कोई महंगी खाद खरीदने की जरूरत नहीं होती. लॉन की सफाई से निकलने वाले साफ ग्रीन वेस्ट का दोबारा इस्तेमाल करके इसे तैयार किया जा सकता है.
कटी घास से ऐसे तैयार करें लिक्विड खाद
इसके लिए सबसे पहले एक साफ बाल्टी लें और उसमें करीब आधी बाल्टी कटी हुई घास भर दें. अब इसमें इतना पानी डालें कि घास पूरी तरह पानी में डूब जाए. घास को पानी में अच्छी तरह दबाकर रखें, ताकि वह पानी के संपर्क में रहे. अब बाल्टी को ढककर करीब 10 से 14 दिनों के लिए किसी हवादार जगह पर रख दें. इस दौरान घास धीरे-धीरे पानी में गलने लगेगी और उसमें मौजूद कुछ घुलनशील पोषक तत्व पानी में आ जाएंगे. इस प्रक्रिया के दौरान पानी का रंग बदल सकता है और तेज गंध भी आ सकती है, इसलिए बाल्टी को घर के बंद कमरे में रखने के बजाय ऐसी जगह रखें जहां हवा का आवागमन बना रहे.
10-14 दिन बाद ऐसे करें इस्तेमाल
करीब 10 से 14 दिन बाद घास को अच्छी तरह छानकर अलग कर लें. बचा हुआ घोल पौधों में सीधे इस्तेमाल नहीं करना चाहिए. इसे पहले पानी के साथ पतला करना जरूरी है. इसके लिए 1 हिस्सा तैयार घोल और 10 हिस्से पानी मिलाकर इस्तेमाल किया जा सकता है. तैयार पतले घोल को पौधे की पत्तियों पर स्प्रे करने के बजाय मिट्टी में जड़ों के आसपास डालना बेहतर रहेगा. पहली बार इस्तेमाल करते समय कम मात्रा से शुरुआत करें और पौधे की प्रतिक्रिया देखें. हर पौधे की जरूरत अलग हो सकती है, इसलिए जरूरत से ज्यादा लिक्विड खाद डालने से बचना चाहिए.
पालक-मेथी जैसे पौधों के लिए आ सकती है काम
कटी हुई घास से तैयार यह घोल खास तौर पर पत्तेदार सब्जियों के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है. पालक, मेथी, धनिया और लेट्यूस जैसी सब्जियों की अच्छी बढ़वार के लिए नाइट्रोजन की जरूरत होती है. घास में मौजूद पोषक तत्वों का कुछ हिस्सा पानी में आने के कारण यह घोल पौधों के लिए पोषण का एक घरेलू स्रोत बन सकता है. हालांकि, सिर्फ इस लिक्विड खाद का इस्तेमाल करने से पौधों की ग्रोथ तेज होगी या ज्यादा पैदावार मिलेगी, यह जरूरी नहीं है. पौधों की अच्छी बढ़वार के लिए मिट्टी की गुणवत्ता, पर्याप्त धूप, पानी और दूसरे पोषक तत्व भी जरूरी होते हैं.
हर तरह की घास से खाद बनाना ठीक नहीं
इस घरेलू खाद को तैयार करते समय सबसे जरूरी सावधानी घास का चुनाव है। जिस घास पर पहले कीटनाशक, खरपतवारनाशक या किसी अन्य रसायन का इस्तेमाल किया गया हो, उसे इस तरह की खाद बनाने में इस्तेमाल नहीं करना चाहिए. इसी तरह बीमार, फफूंदी लगी या सड़ी हुई घास को भी अलग रखें. अगर लॉन की घास में कोई रासायनिक ट्रीटमेंट नहीं हुआ है और वह साफ है, तभी उसका इस्तेमाल करना बेहतर है. खाद तैयार करते समय तेज गंध आ सकती है, इसलिए बाल्टी को ऐसी जगह रखें जहां हवा आती-जाती रहे.
लॉन का कचरा बनेगा पौधों की खुराक
आमतौर पर लॉन की कटाई के बाद निकलने वाली घास को कचरा समझकर बाहर फेंक दिया जाता है. लेकिन साफ और बिना रसायन वाली कटी घास को दोबारा इस्तेमाल करके घर के गार्डन के लिए लिक्विड खाद का विकल्प तैयार किया जा सकता है. इससे ग्रीन वेस्ट का बेहतर इस्तेमाल होगा और पौधों की देखभाल के लिए घर में उपलब्ध चीज से ही एक कम लागत वाला विकल्प भी मिल जाएगा. इसलिए अगली बार जब गार्डन की घास कटे तो उसे सीधे कूड़ेदान में डालने के बजाय पहले यह जरूर सोचें कि यही घास आपके गार्डन के दूसरे पौधों के काम भी आ सकती है.