कढ़ी पकोड़ा बनाते समय डालें ये देसी तड़का, स्वाद ऐसा कि लोग मांगेगे बार-बार

कढ़ी पकोड़ा बनाते समय डालें ये देसी तड़का, स्वाद ऐसा कि लोग मांगेगे बार-बार


लखीमपुर खीरी: उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले में ग्रामीण क्षेत्र से लेकर शहरी इलाकों तक आज भी पारंपरिक देसी व्यंजनों का खास महत्व है. यहां घरों में मौसम और पसंद के हिसाब से कई तरह के पकवान बनाए जाते हैं. इन्हीं पारंपरिक और स्वादिष्ट व्यंजनों में कढ़ी पकोड़ा भी लोगों की पसंदीदा डिश है. बेसन और छाछ से तैयार होने वाली कढ़ी को खासतौर पर चावल के साथ खाना लोग बेहद पसंद करते हैं.

कढ़ी पकोड़ा की खास बात यह है कि इसे बनाने के लिए बहुत ज्यादा सामग्री की जरूरत नहीं होती. घर की रसोई में मौजूद बेसन, दही या छाछ और कुछ सामान्य मसालों की मदद से स्वादिष्ट कढ़ी तैयार की जा सकती है. वहीं, बेसन से बनाए गए पकोड़े कढ़ी के स्वाद को और बढ़ा देते हैं.

मुस्कान बताती हैं कि कढ़ी पकोड़ा ऐसी डिश है, जिसे घर पर आसानी से तैयार किया जा सकता है. इसके लिए सबसे जरूरी सामग्री बेसन और छाछ होती है. अगर कढ़ी का घोल सही तरीके से तैयार किया जाए और उसे अच्छी तरह पकाया जाए, तो स्वाद काफी बेहतर आता है.

सबसे पहले तैयार करें पकोड़े का घोल

कढ़ी पकोड़ा बनाने की शुरुआत बेसन के पकोड़े तैयार करने से की जाती है. इसके लिए एक बड़े बर्तन में बेसन लिया जाता है. इसमें स्वाद के अनुसार नमक, लाल मिर्च पाउडर, हल्दी, धनिया पाउडर और थोड़ा सा गरम मसाला डाला जाता है.

अगर पसंद हो तो इसमें बारीक कटा हुआ प्याज और हरी मिर्च भी डाली जा सकती है. इसके बाद सभी मसालों और बेसन को अच्छी तरह मिला लिया जाता है.

अब इसमें थोड़ा-थोड़ा पानी डालकर घोल तैयार किया जाता है. घोल न तो बहुत ज्यादा पतला होना चाहिए और न ही बहुत ज्यादा गाढ़ा. मुस्कान के मुताबिक, पकोड़े का घोल तैयार करते समय बेसन को अच्छी तरह फेंटना जरूरी है. पकोड़ों के लिए ऐसा घोल तैयार किया जाता है, जिसे हाथ या चम्मच से आसानी से उठाकर तेल में डाला जा सके.

कढ़ाई में गर्म करें तेल

अब गैस पर कढ़ाई रखें और उसमें तेल गर्म करें. तेल गर्म होने के बाद बेसन के घोल की छोटी-छोटी मात्रा हाथ या चम्मच की मदद से तेल में डालें.

पकोड़ों को मध्यम आंच पर तलना बेहतर रहता है. तेज आंच पर बाहर से पकोड़े जल्दी लाल हो सकते हैं, लेकिन अंदर से अच्छी तरह नहीं पकते. इसलिए मध्यम आंच पर पकोड़ों को पलट-पलटकर सुनहरा होने तक तलें.

लहसुन-प्याज-अदरक का तड़का बढ़ाएगा स्वाद

अब कढ़ाई या बड़े भगोने में थोड़ा तेल गर्म करें. इसमें जीरा और चुटकी भर हींग डालें. इसके बाद बारीक कटा प्याज या प्याज, लहसुन और अदरक का तैयार पेस्ट डालें.

इसे मध्यम आंच पर अच्छी तरह भूनें. जब प्याज हल्का सुनहरा होने लगे और अदरक-लहसुन की खुशबू आने लगे, तो इसमें हरी मिर्च भी डाली जा सकती है. मुस्कान बताती हैं कि लहसुन, प्याज और अदरक का इस्तेमाल कढ़ी के स्वाद को और बढ़ा देता है.

अब डालें बेसन और छाछ का घोल

तड़का तैयार होने के बाद इसमें पहले से तैयार बेसन, दही और छाछ का घोल धीरे-धीरे डालें. घोल डालते समय लगातार चलाते रहें. शुरुआत में कढ़ी को लगातार चलाते रहना चाहिए, जिससे बेसन नीचे बैठकर चिपके नहीं और उसमें गांठ न बने.

कढ़ी में उबाल आने तक इसे मध्यम आंच पर पकाएं. उबाल आने के बाद गैस की आंच थोड़ी कम कर दें और कढ़ी को धीरे-धीरे पकने दें. कढ़ी को जितनी देर धीमी आंच पर पकाया जाता है, उसका स्वाद उतना ही अच्छा होता है. अगर कढ़ी ज्यादा गाढ़ी हो जाए तो इसमें आवश्यकता के अनुसार थोड़ा पानी या छाछ मिलाई जा सकती है.

अब कढ़ी में डालें पकोड़े

जब कढ़ी अच्छी तरह पक जाए तो इसमें पहले से तैयार किए गए बेसन के पकोड़े डाल दें. पकोड़े डालने के बाद कढ़ी को करीब 5 से 10 मिनट तक धीमी आंच पर पकाया जा सकता है. इस दौरान पकोड़े कढ़ी का स्वाद सोख लेते हैं और नरम हो जाते हैं. इसके बाद करीब 20 मिनट तक कढ़ी को और पकने दें.

चावल के साथ कढ़ी पकोड़ा का स्वाद

ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में कढ़ी पकोड़ा को चावल के साथ खाने का चलन काफी पुराना है. गर्मागर्म चावल के साथ गरम कढ़ी और उसके अंदर नरम पकोड़े खाने में बेहद स्वादिष्ट लगते हैं.



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