सोने की अंगूठी ली थी… कांग्रेस प्रदर्शन में घायल कांस्टेबल ने बताया दर्द
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दिल्ली में कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की हुई. इसी दौरान ड्यूटी पर तैनात महिला कांस्टेबल सीमा कुमारी के हाथ में चोट लगी और नीले निशान पड़ गए. न्यूज18 इंडिया से बातचीत में सीमा ने प्रदर्शन के दौरान अपने साथ हुई एक और घटना का जिक्र किया.
कांग्रेस प्रदर्शन में हुई धक्का-मुक्की
दिल्ली में चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन जारी है. चुनाव आयोग के बाहर प्रदर्शन के बाद कांग्रेस ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन किया. अब राजघाट पर भी प्रदर्शन की तैयारी है. इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की की घटनाएं भी सामने आईं. कल प्रदर्शन के बीच न्यूज18 इंडिया ने ड्यूटी पर तैनात महिला कांस्टेबल सीमा कुमारी से बात की. उन्होंने प्रदर्शन के दौरान लगी चोट और अपनी खोई हुई अंगूठी को लेकर अपना अनुभव साझा किया.
सीमा कुमारी की ड्यूटी आकाशवाणी भवन के बाहर लगी थी. उन्होंने बताया कि प्रदर्शन के दौरान पुलिस कांग्रेस नेताओं और विधायकों को हिरासत में लेने के लिए आगे बढ़ रही थी. इसी दौरान प्रदर्शनकारियों की तरफ से धक्का-मुक्की हुई. सीमा के मुताबिक, इस दौरान उनके हाथ में चोट लगी और हाथ पर नीले निशान पड़ गए. सीमा ने आगे बताया कि पुलिसकर्मियों को प्रदर्शनकारियों से शांति और संयम के साथ बात करने और पहले अपील करने की ट्रेनिंग दी जाती है. उनका कहना है कि वे भी प्रदर्शनकारियों से लगातार शांति से बात कर रही थीं और उन्हें समझाने की कोशिश कर रही थीं, लेकिन इसके बावजूद धक्का-मुक्की की स्थिति बनी.
‘ड्यूटी के दौरान पुलिसकर्मी सिर्फ अपना काम करते हैं’
महिला कांस्टेबल ने कहा कि ड्यूटी के दौरान पुलिसकर्मी सिर्फ अपना काम कर रहे होते हैं. उनके मुताबिक, प्रदर्शन के दौरान कई बार प्रदर्शनकारी पुलिसकर्मियों की वर्दी और उनकी ड्यूटी का ध्यान नहीं रखते और धक्का-मुक्की करने लगते हैं. सीमा ने यह भी बताया कि उनके हाथ के अलावा शरीर के अन्य हिस्सों में भी चोट लगी है. हालांकि, उन्होंने उन चोटों के बारे में विस्तार से बताने से इनकार किया.
एक-एक पैसा जोड़कर खरीदी अंगूठी
सीमा कुमारी ने एक और बात साझा की. उन्होंने बताया कि एक प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने की कोशिश के बीच उनके हाथ से अंगूठी गायब हो गई. सीमा के मुताबिक, उन्होंने अपनी मेहनत की कमाई से एक-एक पैसा जोड़कर वह अंगूठी अपने लिए बनवाई थी. उन्होंने कहा कि अंगूठी खोने का दुख अपनी जगह है, लेकिन उससे ज्यादा चिंता इस बात की है कि ड्यूटी कर रहे पुलिसकर्मियों के साथ प्रदर्शन के दौरान किस तरह का व्यवहार किया जाता है.
‘पुलिस अपना काम करती है’
सीमा कुमारी का कहना है कि पुलिसकर्मी प्रदर्शन रोकने या किसी के अधिकार छीनने के लिए नहीं, बल्कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए ड्यूटी पर होते हैं. उन्होंने कहा कि जब पुलिसकर्मी शांति से लोगों से अपील कर रहे हों, तो उनके साथ धक्का-मुक्की करना उचित नहीं है. कांग्रेस के प्रदर्शनों के बीच पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव की घटनाओं ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा किया है कि लोकतांत्रिक विरोध के दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस, दोनों की जिम्मेदारी और सीमाएं क्या होनी चाहिए.