अगर SIR में छूट गया नाम, या पहली बार डालना है वोट, तो यूपी के वोटरों के लिए बड़ा मौका

अगर SIR में छूट गया नाम, या पहली बार डालना है वोट, तो यूपी के वोटरों के लिए बड़ा मौका


लखनऊः उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव 2027 को देखते हुए मतदाता सूची को और अधिक पारदर्शी बनाने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा. विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण (SIR)-2026 के बाद मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने से छूट गए पात्र नागरिकों के साथ-साथ पहली बार मतदान करने वाले युवाओं का भी पंजीकरण कराया जाएगा. जिसको लेकर उत्तरप्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ एक अहम बैठक कर इस अभियान की जानकारी देते हुए उनसे अपने सुझावों के साथ सक्रिय सहयोग भी मांगा गया है.

CEO ने प्रमुख राजनैतिक दलों के प्रतिनिध के साथ की बैठक
इस दौरान मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने समाजवादी पार्टी, अपना दल (एस), सीपीआई (एम), बहुजन समाज पार्टी, आम आदमी पार्टी, भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर उन्हें विधिवत इस विशेष अभियान की जानकारी दी गई. इस दौरान बताया गया कि बूथ लेवल अधिकारी 10 अप्रैल 2026 को प्रकाशित अंतिम मतदाता सूची की तुलना SIR से पहले 7 जनवरी 2025 की अंतिम मतदाता सूची और पूरक सूचियों से करेंगे. ऐसे मतदाताओं को चिन्हित किया जाएगा, जिनका नाम पुरानी सूची में था लेकिन मौजूदा मतदाता सूची में नहीं है.

BLO घर-घर जाकर वोटर्स की करेंगे पहचान
UP CEO नवदीप रिणवा के मुताबिक इसके बाद बूथ लेवल अधिकारी घर-घर जाकर चिन्हित मतदाताओं की वर्तमान स्थिति का सत्यापन करेंगे. छूटे हुए पात्र नागरिकों, पहली बार वोटर बनने वाले युवाओं और अन्य पात्र मतदाताओं से फॉर्म-6 भरवाने की कार्रवाई की जाएगी.

राजनीतिक दलों के बूथ एजेंटों से साझा होगी सूची
भारत निर्वाचन आयोग के इस अभियान के दौरान चिन्हित मतदाताओं की सूची मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंटों (BLA) के साथ भी साझा की जाएगी. बूथ स्तर पर तैयार सूची को निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ साझा करेंगे, ताकि पात्र नागरिकों का नाम मतदाता सूची में शामिल कराने के लिए अतिरिक्त अवसर मिल सके.

रैन बसेरों और लेबर कॉलोनियों में भी लगेगा विशेष कैंप
मतदाता पंजीकरण के लिए बूथ स्तर पर विशेष कैंप आयोजित किए जाएंगे. रात्रि आश्रयों, लेबर कॉलोनियों, आश्रयहीन तथा मुख्यधारा से वंचित लोगों को मतदाता सूची से जोड़ने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा. इसके अलावा शिक्षण संस्थानों, स्थानीय जनसंपर्क, स्वीप गतिविधियों, प्रेस ब्रीफिंग और अन्य माध्यमों से व्यापक जागरूकता अभियान चलाया जाएगा.

DM/DEO और ERO करेंगे नियमित निगरानी
मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने कहा कि जिला निर्वाचन अधिकारी और निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी अभियान की प्रगति की नियमित समीक्षा करेंगे. इस दौरान उन्होंने राजनीतिक दलों से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि प्रयास होना चाहिए कि प्रदेश का कोई भी पात्र नागरिक मतदाता बनने के अधिकार से वंचित न रहे. इसलिए सभी राजनैतिक दल भी अपने अहम् सुझावों के साथ इस कार्य में आयोग का सक्रिय सहयोग भी करें.

SIR के दौरान तैयार हुई थीं अलग-अलग सूचियां
UP CEO ने इस बैठक में बताया कि SIR-2026 के गणना चरण में बूथ लेवल अधिकारियों ने अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत और डुप्लीकेट मतदाताओं की सूचियां तैयार की गई थीं. इन सूचियों को स्थानीय निकायों, पंचायत भवनों और संबंधित कार्यालयों के नोटिस बोर्ड के साथ मुख्य निर्वाचन अधिकारी की वेबसाइट पर भी प्रदर्शित किया गया था. और राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंटों से साझा किया गया था. दावे और आपत्तियों के निस्तारण के बाद 10 अप्रैल 2026 को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की गई थी.

2027 चुनाव से पहले फिर होगा संक्षिप्त पुनरीक्षण
मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने अंत में इस बात की भी जानकारी दी कि आगामी विधानसभा सामान्य निर्वाचन-2027 के मद्देनजर 1 जनवरी 2027 की अर्हता तिथि के आधार पर विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों की मतदाता सूचियों के संक्षिप्त पुनरीक्षण के लिए भारत निर्वाचन आयोग से अनुरोध किया गया है.



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