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वेदांता के शेयरहोल्डर्स के लिए 8 अक्टूबर अहम दिन है. कंपनी के बोर्ड की बैठक में वित्त वर्ष 2026-27 के पहले अंतरिम डिविडेंड पर फैसला लिया जाएगा. हालांकि, डिविडेंड की रकम अभी तय नहीं हुई है. कंपनी ने 14 अक्टूबर को रिकॉर्ड डेट घोषित की है. वहीं, दूसरी तिमाही के नतीजों तक कुछ नामित लोगों के लिए ट्रेडिंग विंडो बंद रहेगी. जून तिमाही में कंपनी का मुनाफा बढ़कर 5,294 करोड़ रुपये रहा, जबकि EBITDA 13% बढ़कर 8,501 करोड़ रुपये पहुंचा.
जून तिमाही में कंपनी का मुनाफा बढ़कर 5,294 करोड़ रुपये रहा था.
वेदांता के शेयरहोल्डर्स की नजर अब 8 अक्टूबर पर टिकी हुई है. कंपनी के बोर्ड की इस दिन अहम बैठक होने वाली है. इसमें वित्त वर्ष 2026-27 के पहले अंतरिम डिविडेंड को मंजूरी देने पर विचार किया जाएगा. कंपनी ने अभी यह नहीं बताया है कि अगर डिविडेंड घोषित होता है तो प्रति शेयर कितना पैसा मिलेगा. इसलिए निवेशकों का फोकस अब बोर्ड के फैसले पर है.
इस बीच कंपनी ने डिविडेंड के लिए 14 अक्टूबर को रिकॉर्ड डेट तय कर दी है. इसका मतलब है कि डिविडेंड घोषित होने की स्थिति में पात्र शेयरधारकों की पहचान इस तारीख के आधार पर की जाएगी. ऐसे में वेदांता के शेयर में निवेश करने वालों के लिए अगले कुछ दिन अहम हो गए हैं. हालांकि, केवल डिविडेंड की उम्मीद में निवेश करने से पहले कंपनी के कारोबार और शेयर के जोखिम को समझना भी जरूरी है.
8 अक्टूबर को बोर्ड लेगा डिविडेंड पर फैसला
CNBC की रिपोर्ट के अनुसार, वेदांता का निदेशक मंडल 8 अक्टूबर को बैठक करेगा. इसमें वित्त वर्ष 2026-27 के पहले अंतरिम डिविडेंड को मंजूरी देने पर फैसला लिया जाएगा. कंपनी ने स्टॉक एक्सचेंज को इसकी जानकारी दी है. फिलहाल डिविडेंड की रकम सामने नहीं आई है. यानी निवेशकों को अभी यह पता नहीं है कि प्रति शेयर कितना भुगतान किया जाएगा. यह जानकारी बोर्ड की मंजूरी के बाद ही साफ होगी. कंपनी यह फैसला सेबी के लिस्टिंग नियमों के तहत होने वाली बोर्ड बैठक में करेगी. इसलिए बाजार की नजर अब बैठक के नतीजे पर रहेगी.
14 अक्टूबर है रिकॉर्ड डेट
कंपनी ने 14 अक्टूबर को रिकॉर्ड डेट तय की है. यानी डिविडेंड के लिए पात्र शेयरधारकों की पहचान इसी तारीख के आधार पर होगी. हालांकि, निवेशकों को सिर्फ रिकॉर्ड डेट देखकर शेयर खरीदने का फैसला नहीं करना चाहिए. शेयर खरीदने और डिविडेंड के लिए पात्र होने के बीच सेटलमेंट और एक्स-डिविडेंड से जुड़े नियम भी लागू होते हैं. इसलिए निवेश करने से पहले कंपनी की आधिकारिक ऐलान और संबंधित तारीखों को चेक करना जरूरी है.
दूसरी तिमाही के नतीजों तक ट्रेडिंग विंडो बंद
वेदांता ने यह भी बताया है कि कंपनी के कुछ नामित लोगों के लिए ट्रेडिंग विंडो बंद रहेगी. यह पाबंदी सितंबर 2026 को खत्म हुई दूसरी तिमाही और छमाही के वित्तीय नतीजों से जुड़ी है. कंपनी के मुताबिक, नतीजे जारी होने के 48 घंटे बाद तक यह ट्रेडिंग विंडो बंद रहेगी. इसका मकसद अंदरूनी जानकारी के आधार पर शेयरों में खरीद-बिक्री को रोकना है. यह सेबी के इनसाइडर ट्रेडिंग नियमों के तहत किया जाता है.
जून तिमाही में मुनाफा बढ़ा
वेदांता के लिए जून तिमाही का परफॉर्मेंस भी निवेशकों के लिहाज से महत्वपूर्ण रहा. डिमर्जर पूरा होने के बाद यह कंपनी का पहला तिमाही नतीजा था. कंपनी का शुद्ध मुनाफा पिछली तिमाही के 4,267 करोड़ रुपये से बढ़कर 5,294 करोड़ रुपये हो गया. हालांकि, इस दौरान रेवेन्यू में मामूली गिरावट आई. राजस्व 24,609 करोड़ रुपये से घटकर 24,205 करोड़ रुपये रहा. दूसरी ओर, EBITDA 13% बढ़कर 8,501 करोड़ रुपये पहुंच गया. EBITDA मार्जिन भी 30.7% से बढ़कर 35.1% हो गया.
7 अक्टूबर को वेदांता का शेयर 2.53% की तेजी के साथ 259 रुपये पर कारोबार कर रहा है. अब बाजार की नजर 8 अक्टूबर की बोर्ड बैठक पर है. इस बैठक के बाद डिविडेंड के ऐलान और उसकी रकम सामने आने के बाद शेयर में आगे हलचल देखने को मिल सकती है.