IGI एयरपोर्ट पर चलेगी ट्रेन, ₹3500 करोड़ का प्लान, 13 मिनट में पूरा होगा सफर
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IGI Airport Air Train: भारत एक तेजी से विकास करने वाली इकोनॉमी है. डेवलमेंट का असर चहुंओर दिख रहा है. ऐसे में इंफ्रास्ट्रक्चर को उसके अनुरूप बनाना भी जरूरी है. इसे देखते हुए देश के सबसे व्यस्त हवाई अड्डा इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर एक ऐसा प्रोजेक्ट शुरू करने की प्लानिंग की जा रही है, जिससे फ्लाइट लेने के लिए यहां आने वाले हजारों लोगों को काफी राहत मिलेगी.
IGI एयरपोर्ट पर एयर ट्रेन चलाने की योजना है. प्रोजेक्ट के पूरा होने पर टर्मिनल-1 से टर्मिनल-3 तक की यात्रा महज 13 मिनट में पूरी की जा सकेगी. (फाइल फोटो/PTI)
IGI Airport Air Train: एयरपोर्ट पर ट्रेन चले तो कैसा लगेगा? जी हां…आपने बिल्कुल सही सुना. देश के सबसे व्यस्त हवाई अड्डे इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट (IGI Airport) पर अब ट्रेन चलाने योजना है. यह कोई आम ट्रेन नहीं होगी. इसे एयर ट्रेन (Automated People Mover- APM) का नाम दिया गया है. ₹3500 के इस प्रोजेक्ट पर अगले साल से काम शुरू होने की संभावना है. यदि समय पर काम शुरू होता है तो इसके पूरा होने में तकरीबन 30 महीने का वक्त लगेगा. इससे टर्मिनल-1 से टर्मिनल-3 तक जाना बेहद आसान हो जाएगा. महज 12 से 13 मिनट में पैसेंजर्स एक जगह से दूसरी जगह तक जा सकेंगे. एयर ट्रेन की कुल लंबाई 7.3 किलोमीटर होगी.
हर 10 मिनट में एक ट्रेन
मास्टर प्लान के अनुसार, APM की कुल लंबाई 7.3 किलोमीटर होगी. इसमें 5.3 किलोमीटर का हिस्सा एलिवेटेड और दो किलोमीटर का हिस्सा जमीन पर होगा. इसमें छह स्टेशन होंगे. ट्रेन हर 10 मिनट में उपलब्ध होगी और एक छोर से दूसरे छोर तक यात्रा में करीब 13 मिनट लगेंगे. शुरुआत के वर्ष में प्रतिदिन करीब 55,000 यात्रियों के इसके इस्तेमाल का अनुमान है, जबकि पूरी क्षमता पर यह संख्या 85,000 यात्रियों तक पहुंच सकती है. APM एयरोसिटी में मौजूदा एयरपोर्ट मेट्रो नेटवर्क से निर्बाध कनेक्टिविटी उपलब्ध कराएगा. पाणिकर के अनुसार, APM स्टेशन मेट्रो स्टेशन के बिल्कुल समीप होगा, हालांकि दोनों के बीच सीधे प्लेटफॉर्म-टू-प्लेटफॉर्म कनेक्शन की योजना नहीं है. एयरोसिटी को निर्माणाधीन गोल्डन लाइन और प्रस्तावित सराय काले खां-अलवर RRTS से भी जोड़ने की योजना है.
यात्रियों में इजाफे की उम्मीद
DIAL के 2036 के मास्टर प्लान के मुताबिक, नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के शुरू होने के प्रभाव को ध्यान में रखते हुए भी IGI एयरपोर्ट पर सालाना यात्रियों की संख्या करीब 12.9 करोड़ तक पहुंच सकती है. दिल्ली-NCR के तीनों प्रमुख हवाई अड्डों की संयुक्त यात्री क्षमता 2036 तक करीब 16 करोड़ सालाना रहने का अनुमान है. IGI पर यात्री मांग 2030 तक 10.7 करोड़ तक पहुंचने की संभावना है, जबकि तब तक हवाई अड्डे की क्षमता करीब 12.1 करोड़ यात्रियों की होगी. यात्री मांग को देखते हुए टर्मिनल-3 पर घरेलू यात्रियों के लिए नया पियर-ई बनाया जाएगा. इसके अलावा चेक-इन काउंटर बढ़ाए जाएंगे और आगमन क्षेत्र में बैगेज रिक्लेम बेल्ट का विस्तार किया जाएगा. T3 के प्रस्थान और आगमन फोरकोर्ट को भी चौड़ा किया जाएगा. प्रस्थान के लिए ड्रॉप-ऑफ लेन तीन से बढ़ाकर पांच और आगमन की पिक-अप लेन चार से बढ़ाकर छह की जाएंगी.
बन रही सुरंग
टर्मिनल-2 को एयरपोर्ट मेट्रो स्टेशन से जोड़ने वाली पैदल सुरंग का निर्माण जारी है और इसके जल्द पूरा होने की उम्मीद है. एयरपोर्ट का कार्गो ट्रैफिक भी 2036 तक बढ़कर सालाना 17 लाख टन होने का अनुमान है. मौजूदा कार्गो क्षेत्र की क्षमता करीब 18 लाख टन सालाना है और भविष्य की मांग को देखते हुए इसके विस्तार की भी योजना बनाई गई है.