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GST Update : वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण की अगुवाई में 8 अक्टूबर को जीएसटी परिषद की बैठक होनी है और इस बार की बैठक दुकानदारों और कारोबारियों के लिहाज से काफी अहम होने वाली है. पिछली बैठक में उपभोक्ताओं को टैक्स स्लैब में राहत दी गई थी तो इस बार कारोबारियों को राहत देने की तैयारी है. इसमें रिफंड प्रक्रितया को सरल बनाने से लेकर आईटीसी क्लेम करने जैसे मुद्दों पर सहमति बनाई जा सकती है.
जीएसटी परिषद की बैठक 8 अक्टूबर को होनी है.
नई दिल्ली. यह सप्ताह आम आदमी के लिए बहुत खास होने वाला है. गवर्नर संजय मल्होत्रा की अगुवाई में 7 अक्टूबर को रेपो रेट सहित आपकी जेब से जुड़े कई फैसले किए जाएंगे, तो 8 अक्टूबर को वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण की अगुवाई में जीएसटी परिषद की बैठक होने वाली है. परिषद ने भी इस बार की बैठक में कई अहम फैसले लिए जाने का संकेत दिया है. इसमें जीएसटी रिफंड को कम समय में वापस करने के अलावा कानून को सरल बनाने पर भी फैसला किया जा सकता है. उधर, आरबीआई 7 अक्टूबर, बुधवार को होम और ऑटो लोन की ब्याज दरों पर अहम फैसला सुनाएगा.
जीएसटी परिषद की बैठक में इस बार जीएसटी की दरों में बदलाव के प्रस्तावों पर साल में केवल एक बार विचार करने और सभी संशोधनों को नए वित्त वर्ष की शुरुआत से लागू करने पर मंथन किया जा सकता है. इसके अलावा टैक्स रिफंड की समयसीमा घटाकर 17 दिन करने के प्रस्ताव पर भी विचार होगा. वित्त मंत्रालय के सूत्रों ने बताया कि परिषद करदाताओं को नोटिस जारी करने के मामले में एकसमान स्टैंडर्ड बनाने और निर्धारित सीमा से नीचे के मामलों में कोई नोटिस नहीं देने के प्रस्ताव पर भी विचार करेगी.
पिछली बैठक में हुए थे व्यापक सुधार
केंद्रीय वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में जीएसटी परिषद की बैठक 8 अक्टूबर को होगी. इसमें राज्यों के वित्त मंत्री भी परिषद के सदस्य के तौर पर शामिल होंगे. परिषद ने पिछले साल सितंबर में टैक्स की दरों और स्लैब को तर्कसंगत बनाने का फैसला किया था. चार स्लैब वाले जीएसटी (पांच, 12, 18 और 28 फीसदी) की जगह सिर्फ दो-दर वाली व्यवस्था (पांच और 18 फीसदी) लागू की गई थी. वित्त मंत्रालय के सूत्रों ने कहा कि जीएसटी परिषद की 57वीं बैठक के एजेंडे में टैक्स दरों में बदलाव का कोई प्रस्ताव शामिल नहीं है.
साल की शुरुआत में ही बदलेंगी दरें
सूत्रों ने कहा कि भविष्य में दरों में बदलाव के प्रस्ताव साल में एक बार ही लाए जाएंगे और उन्हें एक अप्रैल यानी नए वित्तवर्ष से लागू किया जाएगा. आगामी बैठक में दरों को तर्कसंगत बनाने और अस्पष्टता दूर करने से जुड़े सीमित मुद्दों पर विचार किया जाएगा. टैक्स रिफंड के बारे में कहा कि रिफंड की 10 दिन के भीतर पुष्टि कर दी जाएगी और उसके अगले 7 दिन में जारी करने का प्रस्ताव है. यानी जीएसटी रिफंड प्रक्रिया 17 दिन में पूरी कर लेने का प्रस्ताव है जिस पर जीएसटी परिषद गौर करेगी. फिलहाल जीएसटी रिफंड में 21 दिन से लेकर 45 दिन तक का समय लग जाता है.
नोटिस नहीं भेजे जाने पर विचार
परिषद जीएसटी नोटिस, सुनवाई और आदेश के लिए एकसमान मानक बनाने पर भी विचार कर रही है. साथ ही एक तय सीमा से कम के मामले में कोई नोटिस नहीं देने का भी प्रस्ताव है. जीएसटी पंजीकरण प्रक्रिया को सरल और सुगम बनाने का भी प्रस्ताव परिषद के समक्ष रखा जाएगा. वर्तमान में 61 फीसदी करदाताओं को बिना किसी अधिकारी के हस्तक्षेप के 3 कार्यदिवस में पंजीकरण दिया जा रहा है. शेष करदाताओं के लिए प्रक्रिया को इस तरह सरल बनाया जा रहा है कि अनावश्यक सवालों और आवेदन खारिज होने से बचा जा सके. इसके अलावा परिषद यह मंजूर कर सकती है कि ई-कॉमर्स मंच के जरिये की जाने वाली सप्लाई पर इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) के बिना पांच फीसदी जीएसटी दर लागू कर सकें.