Ground Report: कचरे के ढेर और बदबू, सफाई हड़ताल से सबसे साफ शहर इंदौर बेहाल, अब हो रही सियासत

Ground Report: कचरे के ढेर और बदबू, सफाई हड़ताल से सबसे साफ शहर इंदौर बेहाल, अब हो रही सियासत


Indore Safai Karmchari: देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर की सड़कों से सामने आई तस्वीरें इस वक्त सबसे बड़ा सवाल खड़ा कर रही हैं. इंदौर में सफाई कर्मचारी इस समय हड़ताल पर हैं और आज उनका तीसरा दिन है. शहर के कई इलाकों में कचरे के ढेर नजर आ रहे हैं. गलियों से लेकर चौराहों तक गंदगी और बदबू ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है. इसी बीच कचरे पर सियासत भी तेज हो गई. कांग्रेस ने कचरे के ढेर पर महापौर पुष्यमित्र भार्गव के पोस्टर लगा दिए हैं. पोस्टर पर लिखे नारे को लेकर नगर निगम पर निशाना साधा है. कांग्रेस की तरफ से मांग की गई है कि सफाई कर्मचारियों की मांग है कि उन्हें नियमित किया जाए. समान काम के लिए समान वेतन मिले और आउटसोर्स व्यवस्था खत्म की जाए.

कचरा फेंकने के वायरल वीडियो के बाद नगर निगम ने भी कार्रवाई शुरू कर दी है. सीसीटीवी और वायरल वीडियो के जरिए कचरा फेंकने वालों की पहचान की जा रही है. न्यूज 18 की टीम ने ग्राउंड पर जाकर रिपोर्ट की है. आइए जानते हैं, इसके बारे में.

सड़कों के किनारे लगे कचरे के ढेर
इंदौर जिसे लगातार कई सालों से देश के सबसे स्वच्छ शहर का तमगा मिलता रहा है. लेकिन सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के तीसरे दिन तस्वीर बदली हुई नजर आ रही है. शहर के कई इलाकों में सड़कों के किनारे कचरे के ढेर लगे हैं. गलियों और चौराहों पर गंदगी दिखाई दे रही है. बदबू से लोग परेशान हैं.

इंदौर में कचरे के ढेर पर सियासत

इंदौर में आठ अलग-अलग सफाई यूनियन के आह्वान पर करीब 6 हजार सफाई मित्र हड़ताल पर हैं. सफाई कर्मचारी पांच सूत्रीय मांगों को लेकर हड़ताल कर रहे हैं.

इन पांच मांगों को लेकर हड़ताल पर हैं सफाई कर्मचारी

1. समान काम समान वेतन.

2. 28 साल से बंद स्थायी सफाईकर्मियों की भर्ती शुरू करने.

3. NGO और आउटसोर्स व्यवस्था खत्म कर सफाई मित्रों को पेरोल पर लेने.

4. शिक्षा की बाध्यता खत्म करने.

5. लंबे समय से मस्टर पर काम कर रहे कर्मचारियों को स्थायी करने जैसी मांगें शामिल हैं.

पांच दिन की हड़ताल का किया है ऐलान
फिलहाल पांच दिन की हड़ताल का ऐलान किया गया है. सफाई कर्मचारियों ने साफ चेतावनी दी है कि अगर पांच दिन में सरकार ने उनकी मांगें नहीं मानीं, तो इसके बाद वे अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे.

नगर निगम ने सफाई के लिए की क्या व्यवस्था
हालांकि हड़ताल के बीच इंदौर की सफाई व्यवस्था पूरी तरह ठप न हो, इसके लिए नगर निगम ने वैकल्पिक व्यवस्था की है. NGO और आउटसोर्स एजेंसियों के करीब 4 हजार कर्मचारी फिलहाल सफाई व्यवस्था संभाल रहे हैं. यानी इस वक्त इंदौर की सफाई व्यवस्था की जिम्मेदारी इन्हीं कर्मचारियों के भरोसे चल रही है. लेकिन इसके बावजूद शहर के कई इलाकों में कचरे के ढेर नजर आ रहे हैं.

कांग्रेस ने खोला मार्चा
हड़ताल के बीच कांग्रेस ने भी नगर निगम के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. कचरे के ढेर के बीच महापौर पुष्यमित्र भार्गव के पोस्टर लगाए गए. पोस्टर पर लिखे नारे को लेकर सियासत गरमा गई. कांग्रेस ने सफाई कर्मचारियों की मांगों का समर्थन करते हुए नगर निगम से तत्काल शहर का कचरा उठाने की मांग की.

(रिपोर्ट-मिथिलेश गुप्ता)



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