Black Sea Drone Attacks : होर्मुज से भी खतरनाक हुआ ‘ब्लैक सी’, 2 कार्गो शिप पर ड्रोन्स ने बरसाई मौत, जान बचाकर भागे क्रू मेंबर्स

Black Sea Drone Attacks : होर्मुज से भी खतरनाक हुआ ‘ब्लैक सी’, 2 कार्गो शिप पर ड्रोन्स ने बरसाई मौत, जान बचाकर भागे क्रू मेंबर्स


दुनिया अभी पश्चिम एशिया की जंग, रेड सी में जहाजों पर मंडराते खतरों और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज की नाकाबंदी की मुसीबत से उबरी भी नहीं थी कि समुद्री व्यापार के नक्शे पर एक नया और बेहद खौफनाक मंजर सामने आ गया है. ग्लोबल ट्रेड का समुद्री रास्ता यानी ‘ब्लैक सी’ अब होर्मुज से भी ज्यादा खतरनाक मोड़ पर पहुंच चुका है. नाटो (NATO) सदस्य देश बुल्गारिया के तट के बिल्कुल करीब दो कार्गो जहाजों पर अचानक ड्रोन्स मौत बनकर बरस पड़े हैं. इन जलते और डूबते जहाजों से किसी तरह क्रू मेंबर्स अपनी जान बचाकर भागे.

ब्लैक सी में कैसे हुआ ड्रोन अटैक?

इस भयंकर हमले में एक मर्चेंट शिप देखते ही देखते जलकर खाक होने लगा, जबकि दूसरा विशालकाय कार्गो शिप गहरे समुद्र में समा गया. जान बचाने के लिए बेबस नाविकों को रात के घने अंधेरे में उफनती लहरों के बीच लाइफबोट में कूदना पड़ा. इस वारदात के सामने आते ही बुल्गारिया में हड़कंप मच गया है और सरकार ने आनन-फानन में नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल की आपातकालीन बैठक बुला ली है.

तबाही का ये खौफनाक मंजर 6 अक्टूबर की रात को देखने को मिला. काला सागर में जब कमर्शियल जहाज ‘एबल’ बुल्गारिया के तटीय शहर बयाला के पास से गुजर रहा था, तभी अचानक एक साथ कई ‘एयर और सी ड्रोन्स’ ने उस पर धावा बोल दिया.

हमला इतना सटीक और आत्मघाती था कि मिनटों में जहाज के ऊपरी हिस्से और डेक से आग की भयंकर लपटें उठने लगीं. धू-धू कर जलते जहाज से निकलकर बदहवास क्रू मेंबर्स एक छोटी सी लाइफबोट के सहारे जान बचाई. समुद्र के सन्नाटे में दूर-दूर तक सिर्फ आग की लपटें देखी गईं. गनीमत ये रही कि पास से गुजर रही ‘दियोस्कुरिया’ नाम की एक पैसेंजर फेरी ने समय रहते इन नाविकों को देखा और उन्हें सुरक्षित बाहर निकालकर बुल्गारिया के वार्ना पोर्ट पहुंचाया.

बुल्गारिया के पास एक जहाज जलकर राख, दूसरा काला सागर में डूबा

ये तबाही केवल एक जहाज तक सीमित नहीं रही. इसी कॉर्डिनेटेड ड्रोन स्ट्राइक की चपेट में आया दूसरा बड़ा कार्गो शिप बुल्गारियाई तट से करीब 130 किलोमीटर दूर गहरे पानी में पूरी तरह डूब गया.

बुल्गारिया की मैरीटाइम एडमिनिस्ट्रेशन एग्जीक्यूटिव एजेंसी के वाइस-एडमिरल रुमेन निकोलोव ने इस त्रासदी पर दर्दनाक अपडेट देते हुए बताया कि समुद्र में अचानक बिगड़े मौसम और मंडराते नए हमलों के खतरे को देखते हुए डूबे हुए जहाज के लापता क्रू मेंबर्स का सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन फिलहाल रोक दिया गया है. रेस्क्यू ऑपरेशन रुकने से समुद्र में लापता हुए नाविकों के परिजनों की आस टूटती नजर आ रही है और इस घटना ने मर्चेंट नेवी के कर्मचारियों में गहरा खौफ पैदा कर दिया है.

हमले के पीछे किसका हाथ? रूस ने आरोपों से झाड़ा पल्ला

यूक्रेन युद्ध की शुरुआत से ही काला सागर सैन्य संघर्ष और माइंस का अड्डा बना हुआ है. ऐसे में इस हमले के तुरंत बाद उंगली रूस की तरफ उठी. पश्चिमी देशों और डिफेंस एक्सपर्ट्स को शक है कि ये नाटो देशों के ट्रेड समुद्री रास्तों को पूरी तरह तबाह करने के लिए रूस का कोई नया ‘हाइब्रिड अटैक’ हो सकता है.

हालांकि, सोफिया स्थित रूसी दूतावास ने रॉयटर्स को ईमेल के जरिए आधिकारिक बयान भेजकर इन दावों को पूरी तरह खारिज कर दिया. रूस का कहना है कि मंगलवार को उनके किसी भी सैन्य ऑपरेशन या ड्रोन स्ट्राइक के निशाने पर कोई कमर्शियल शिप शामिल नहीं था. अब सबसे बड़ा सस्पेंस ये है कि अगर ये रूस की सैन्य कार्रवाई नहीं थी, तो नाटो की सीमा में घुसकर बेकसूर मर्चेंट शिप्स पर मिसाइलनुमा ड्रोन्स से हमला करने वाला ये अदृश्य दुश्मन कौन है?

बुल्गारिया में हाई-लेवल इमरजेंसी मीटिंग, नाटो देश अलर्ट पर

ब्लैक सी में नाटो की सीमा के इतने करीब हुए इस हमले ने यूरोपीय देशों के होश उड़ा दिए हैं. बुल्गारिया की राष्ट्रपति इलियाना जोतोवा ने मामले की गंभीरता को देखते हुए नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल की अर्जेंट मीटिंग की अध्यक्षता की.

बैठक के बाद राष्ट्रपति जोतोवा ने बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि ब्लैक सी में कमर्शियल जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र को सुरक्षित रखने के लिए बुल्गारिया तुरंत अपने पड़ोसी नाटो सहयोगियों—रोमानिया और तुर्की के साथ उच्चस्तरीय इमरजेंसी बातचीत शुरू कर रहा है. अगर समय रहते कड़े कदम नहीं उठाए गए, तो इस रूट पर जहाजों का बीमा इतना महंगा हो जाएगा कि अंतरराष्ट्रीय सप्लाई चेन पूरी तरह चरमरा जाएगी.

समुद्री व्यापार पर मंडराया नया युद्ध संकट

काला सागर में दो कार्गो शिप्स पर हुआ ये जानलेवा हमला साबित करता है कि आधुनिक युद्ध के हथियार अब केवल मोर्चे पर लड़ रहे सैनिकों के लिए ही नहीं, बल्कि बेकसूर नाविकों और वैश्विक व्यापार के लिए भी काल बन चुके हैं. सस्ते और घातक ड्रोन्स की मदद से अब कोई भी गुमनाम हमलावर अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों को होर्मुज से भी ज्यादा खतरनाक बना सकता है.

लाइफबोट के जरिए वार्ना पहुंचे क्रू मेंबर्स भले ही आज जिंदा बच गए हों, लेकिन डूबे हुए जहाज के लापता साथियों का दर्द और इस हमले के पीछे छिपा असली गुनहगार का सच अभी भी समुद्र की गहराइयों में दफन है. नाटो की संयुक्त जांच ही अब इस खूनी साजिश का सच दुनिया के सामने ला सकती है.द



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