Agriculture: खेती में मुनाफा बढ़ाना है तो बदलें तरीका, तुलसी-अश्वगंधा-शतावरी से करें लाखों की कमाई

Agriculture: खेती में मुनाफा बढ़ाना है तो बदलें तरीका, तुलसी-अश्वगंधा-शतावरी से करें लाखों की कमाई


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खेती में मुनाफा बढ़ाना है तो बदलें तरीका, तुलसी-अश्वगंधा-शतावरी से करें कमाई

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Agriculture News: चित्रकूट के पाठा क्षेत्र में किसान अब गेहूं, धान और बाजरा जैसी पारंपरिक फसलों के साथ औषधीय पौधों की खेती की ओर भी बढ़ रहे हैं. तुलसी, अश्वगंधा और शतावरी जैसी फसलों की बाजार में मांग होने के कारण किसान इन्हें अतिरिक्त आमदनी के विकल्प के तौर पर अपना रहे हैं. किसान विजय सिंह बघेल के मुताबिक, इन फसलों के लिए ऐसी जमीन बेहतर रहती है जहां पानी जमा न हो और इनकी खेती में बहुत ज्यादा सिंचाई की जरूरत भी नहीं पड़ती. करीब 5 से 6 महीने में फसल तैयार हो जाती है, जिसे बाजार में बेचकर अच्छी कमाई की जा सकती है.

चित्रकूट: खेती करने वाले किसानों के लिए सबसे बड़ी चुनौती यही रहती है कि कम खर्च में फसल से अच्छी कमाई कैसे हो. गेहूं, धान, ज्वार और बाजरा जैसी पारंपरिक फसलों की खेती यहां बड़े पैमाने पर होती है, लेकिन मौसम खराब होने, लागत बढ़ने और बाजार में सही भाव न मिलने से कई बार किसानों को उम्मीद के मुताबिक मुनाफा नहीं मिल पाता.

इसी वजह से अब कुछ किसान पारंपरिक फसलों के साथ दूसरी फसलों का भी रुख कर रहे हैं. चित्रकूट के पाठा क्षेत्र में तुलसी, अश्वगंधा और शतावरी जैसी औषधीय फसलों की खेती किसानों के लिए कमाई का एक विकल्प बन सकती है. अनुभवी किसानों के मुताबिक, इन फसलों में सामान्य अनाज की तुलना में कुछ परिस्थितियों में पानी की जरूरत कम होती है और अन्ना पशुओं से फसल को नुकसान का खतरा भी कम रहता है.

औषधीय फसलों की खेती बनाएगी मालामाल
किसान और एक्सपर्ट विजय सिंह बघेल ने लोकल 18 को बताया कि अश्वगंधा, तुलसी और शतावरी की खेती के लिए ऐसी जमीन अच्छी रहती है, जहां पानी रुकता न हो. बलुई दोमट या हल्की दोमट मिट्टी में इन फसलों की खेती अच्छी तरह की जा सकती है. इन फसलों में बहुत ज्यादा पानी देने की जरूरत नहीं होती. सामान्य तौर पर इनकी फसल करीब 5 से 6 महीने में तैयार हो जाती है. तैयार फसल बाजार में बेचने के बाद इसका इस्तेमाल औषधियां बनाने में किया जाता है.

सही बाजार मिले तो हो सकती है लाखों की कमाई
विजय सिंह बघेल के मुताबिक, औषधीय फसलों को सही बाजार में बेचने पर किसान अच्छी कमाई कर सकते हैं. उनके अनुसार, इन फसलों से किसान 4 से 5 लाख रुपये तक की कमाई कर सकते हैं. हालांकि, कमाई फसल, उत्पादन और बाजार भाव पर निर्भर करती है.

खेती से पहले इन बातों का रखें ध्यान
विजय सिंह बघेल का कहना है कि चित्रकूट के पाठा क्षेत्र के किसान अगर पारंपरिक फसलों के साथ औषधीय पौधों की खेती करें तो अपनी आमदनी बढ़ा सकते हैं. तुलसी, अश्वगंधा और शतावरी की बाजार में मांग रहती है, लेकिन खेती शुरू करने से पहले किसानों को मिट्टी की जांच, अच्छे बीज और फसल बेचने के बाजार की जानकारी जरूर लेनी चाहिए. विजय सिंह बघेल बताते हैं कि वह करीब 20 साल से पारंपरिक फसलों की जगह औषधीय फसलों की खेती पर ज्यादा ध्यान दे रहे हैं. इनकी उपज बाजार में बेचकर उन्हें अच्छा मुनाफा भी मिल रहा है. खेती में खाद के लिए वह सड़ी हुई गोबर की खाद का भी इस्तेमाल करते हैं.



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