3500 घंटे उड़ान, 40 साल लंबा करियर; कौन हैं NDA से निकलकर IAF चीफ बनने वाले आशुतोष दीक्षित?

3500 घंटे उड़ान, 40 साल लंबा करियर; कौन हैं NDA से निकलकर IAF चीफ बनने वाले आशुतोष दीक्षित?


New IAF Chief Ashutosh Dixit: भारतीय वायु सेना को जल्द ही नया प्रमुख मिलने जा रहा है. एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित 31 अक्टूबर 2026 से भारतीय वायु सेना के 29वें प्रमुख के रूप में जिम्मेदारी संभालेंगे. मौजूदा एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह के रिटायर होने के बाद वह यह पद संभालेंगे. करीब चार दशक लंबे सैन्य करियर में आशुतोष दीक्षित ने ऑपरेशनल ड्यूटी से लेकर ट्रेनिंग और कई बड़े कमांड पदों पर काम किया है. उनकी पढ़ाई और प्रोफेशनल ट्रेनिंग भी काफी खास रही है.

NDA से शुरू हुई सैन्य शिक्षा

आशुतोष दीक्षित की सैन्य शिक्षा की शुरुआत नेशनल डिफेंस एकेडमी (NDA), खड़गवासला से हुई. वह NDA के 69वें कोर्स का हिस्सा रहे हैं. इसके बाद उन्होंने एयर फोर्स एकेडमी, डुंडीगल से ट्रेनिंग पूरी की और भारतीय वायु सेना के फाइटर स्ट्रीम में शामिल हुए. सैन्य क्षेत्र में आगे बढ़ने के साथ उन्होंने कई महत्वपूर्ण संस्थानों से उच्च स्तर की ट्रेनिंग और शिक्षा हासिल की.

आशुतोष दीक्षित ने डिफेंस सर्विसेज कमांड एंड स्टाफ कॉलेज से भी शिक्षा हासिल की है. इसके अलावा वह नेशनल डिफेंस कॉलेज, नई दिल्ली के भी पूर्व छात्र रहे हैं. इन संस्थानों में मिली ट्रेनिंग ने उन्हें सैन्य रणनीति, नेतृत्व और उच्च स्तर पर फैसले लेने से जुड़ी समझ विकसित करने में मदद की.

1986 में IAF में हुए शामिल

आशुतोष दीक्षित का जन्म 9 दिसंबर 1966 को हुआ था. उन्होंने 6 दिसंबर 1986 को भारतीय वायु सेना के फाइटर स्ट्रीम में कमीशन प्राप्त किया. इसके बाद लगभग चार दशकों के करियर में उन्होंने कई तरह की जिम्मेदारियां संभालीं. वह 3,500 घंटे से ज्यादा उड़ान का अनुभव रखने वाले फाइटर पायलट हैं.

उन्होंने अपने करियर में Mirage-2000, अलग-अलग MiG विमान, Jaguar, Kiran, IL-78, Hawk और स्वदेशी Tejas जैसे कई विमानों को उड़ाया है. वह Experimental Test Pilot और Qualified Flying Instructor भी हैं. यानी उनका अनुभव केवल ऑपरेशनल उड़ान तक सीमित नहीं रहा, बल्कि नए विमानों की टेस्टिंग और ट्रेनिंग से भी जुड़ा रहा है.

Tejas के डेवलपमेंट में भी निभाई अहम भूमिका

आशुतोष दीक्षित का करियर सिर्फ फाइटर पायलट के तौर पर ही नहीं, बल्कि भारत के स्वदेशी रक्षा विमान कार्यक्रमों से भी जुड़ा रहा है. उन्होंने Light Combat Aircraft यानी LCA Tejas और दूसरे विमान कार्यक्रमों की शुरुआत और विकास से जुड़े कामों में भूमिका निभाई है. उनके अनुभव को भारतीय रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता पर बढ़ते जोर के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है.

कई बड़े ऑपरेशन का रहे हिस्सा

करीब 40 साल के सैन्य करियर के दौरान एयर मार्शल दीक्षित ने कई महत्वपूर्ण ऑपरेशन और सैन्य अभ्यासों में हिस्सा लिया. इनमें Operation Safed Sagar, Operation Rakshak और Operation Sindoor शामिल हैं. इसके अलावा उन्होंने भारतीय वायु सेना में कई महत्वपूर्ण ऑपरेशनल, ट्रेनिंग और कमांड जिम्मेदारियां संभाली हैं.

वाइस चीफ ऑफ द एयर स्टाफ बनने से पहले वह हेडक्वार्टर इंटीग्रेटेड डिफेंस स्टाफ में चीफ ऑफ इंटीग्रेटेड डिफेंस स्टाफ के पद पर भी रहे. इससे पहले वह सेंट्रल एयर कमांड के एयर ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं.

कई बड़े सैन्य सम्मान से नवाजे गए

आशुतोष दीक्षित को उनके लंबे सैन्य करियर के दौरान कई सम्मान भी मिले हैं. उन्हें 2006 में वायु सेना मेडल, 2011 में विशिष्ट सेवा मेडल, 2023 में अति विशिष्ट सेवा मेडल और 2026 में परम विशिष्ट सेवा मेडल से सम्मानित किया गया. बता दें परम विशिष्ट सेवा मेडल देश के प्रमुख सैन्य सम्मानों में शामिल है.

31 अक्टूबर से संभालेंगे इंडियन एयरफोर्स चीफ की जिम्मेदारी

रक्षा मंत्रालय के नोटिफिकेशन के अनुसार, एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित 31 अक्टूबर 2026 की दोपहर से एयर चीफ मार्शल के पद पर नियुक्त होंगे और 31 दिसंबर 2028 तक इस पद पर रहेंगे. फिलहाल वह वाइस चीफ ऑफ द एयर स्टाफ के तौर पर जिम्मेदारी संभाल रहे हैं.



Source link