28 दिन का बच्चा भी शेयर बाजार में कर सकता है निवेश, 5 स्टेप्स में ही खुल जाएगा अकाउंट

28 दिन का बच्चा भी शेयर बाजार में कर सकता है निवेश, 5 स्टेप्स में ही खुल जाएगा अकाउंट


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Zerodha के फाउंडर नितिन कामथ ने बताया कि उनके प्लेटफॉर्म का सबसे कम उम्र का ग्राहक सिर्फ 28 दिन का है. असल में, उस बच्चे के नाम पर माता-पिता ने माइनर अकाउंट खोलकर निवेश शुरू किया है. माइनर अकाउंट बच्चे के नाम पर होता है, लेकिन इसे माता-पिता या कानूनी अभिभावक ऑपरेट करते हैं. इसमें शेयर, म्यूचुअल फंड और IPO से मिले शेयर रखे जा सकते हैं, जबकि इंट्राडे और F&O की अनुमति नहीं होती. ये अकाउंट खोलने के लिए बच्चे और अभिभावक के PAN, KYC और बैंक से जुड़े डॉक्यूमेंट्स जरूरी होते हैं. 18 साल की उम्र पर इसे सामान्य डीमैट अकाउंट में बदला जाता है.

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क्या आप जानते हैं कि कोई बच्चा पैदा होने के कुछ ही दिनों बाद शेयर बाजार में निवेश शुरू कर सकता है? यह सुनने में थोड़ा अजीब लग सकता है, लेकिन ऐसा संभव है. Zerodha के फाउंडर नितिन कामथ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर बताया कि उनके प्लेटफॉर्म का सबसे कम उम्र का निवेशक सिर्फ 28 दिन का है. बच्चे के माता-पिता ने उसके नाम पर माइनर अकाउंट (Minor Account) खोला और करीब एक हफ्ते बाद उसमें पहला निवेश भी कर दिया.

इससे यह भी पता चलता है कि कई माता-पिता अब बच्चे के भविष्य के लिए निवेश काफी कम उम्र से शुरू कर रहे हैं. हालांकि, माइनर अकाउंट का मतलब यह नहीं है कि बच्चा खुद शेयर खरीद या बेच सकता है. बच्चे के नाम पर खोले गए इस अकाउंट को माता-पिता या कानूनी अभिभावक ऑपरेट करते हैं. अगर आप भी अपने बच्चे के नाम पर Demat Account खोलकर निवेश शुरू करना चाहते हैं, तो इसका प्रोसेस समझना जरूरी है.

Minor Demat Account क्या होता है?

साभार- नितिन कामथ
माइनर अकाउंट बच्चे के नाम पर खोला जाता है, लेकिन इसे अभिभावक चलाता है. यानी निवेश से जुड़े फैसले माता-पिता या कानूनी अभिभावक लेते हैं. बच्चा खुद ट्रेडिंग नहीं कर सकता. इस तरह के अकाउंट का इस्तेमाल आमतौर पर बच्चे के नाम पर लंबे समय के लिए निवेश रखने के लिए किया जाता है. इसमें शेयर, म्यूचुअल फंड यूनिट या IPO से मिले शेयर रखे जा सकते हैं. हालांकि, इंट्राडे ट्रेडिंग और Futures & Options जैसी ट्रेडिंग की अनुमति नहीं होती.

बच्चे के नाम पर Demat Account कैसे खोलें?

  • सबसे पहले माता-पिता या अभिभावक का संबंधित ब्रोकर के साथ अपना अकाउंट होना जरूरी है. इसके बाद माइनर अकाउंट खोलने का प्रोसेस किया जा सकता है.
  • Zerodha के मामले में अभिभावक अपने अकाउंट से माइनर अकाउंट के लिए आवेदन कर सकते हैं.
  • इसमें बच्चे की जरूरी जानकारी जैसे नाम, जन्मतिथि और PAN की जानकारी देनी होती है.  इसके बाद बच्चे की पहचान और दूसरे डॉक्यूमेंट्स का वेरिफिकेशन किया जाता है.
  • आवेदन के दौरान बच्चे के बैंक अकाउंट की जानकारी भी देनी होती है.
  • इसके बाद जरूरी डॉक्यूमेंट्स जमा करने और KYC प्रोसेस पूरा करने के बाद अकाउंट खोला जाता है.

कौन-कौन से डॉक्यूमेंट चाहिए?

माइनर अकाउंट खोलने के लिए बच्चे का PAN और आधार जैसी पहचान से जुड़ी जानकारी जरूरी होती है. इसके अलावा जन्म प्रमाण पत्र या स्कूल से जुड़ा दस्तावेज भी मांगा जा सकता है. अभिभावक का PAN और KYC से जुड़े दस्तावेज भी जरूरी होते हैं. बच्चे के बैंक अकाउंट का प्रूफ, जैसे कैंसिल चेक या पासबुक, भी देना पड़ सकता है. अगर अकाउंट माता-पिता के बजाय किसी कानूनी अभिभावक द्वारा चलाया जा रहा है, तो उससे जुड़े अतिरिक्त दस्तावेज भी लग सकते हैं.

18 साल के बाद क्या होता है?

बच्चे के 18 साल के होने के बाद अकाउंट को सामान्य यानी Regular Demat Account में बदलने का प्रसोसे पूरी करना होता है. इसके लिए नए KYC और जरूरी डॉक्यूमेंट्स जमा करने पड़ सकते हैं. ध्यान रखें कि बच्चे के नाम पर निवेश करते समय टैक्स, बैंकिंग और KYC से जुड़े नियमों को भी समझना जरूरी है. माइनर अकाउंट का मकसद बच्चे के नाम पर लंबे समय के लिए निवेश करना हो सकता है, लेकिन निवेश का फैसला हमेशा रिस्क और टारगेट को ध्यान में रखकर ही करना चाहिए.



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