Indian Army Lieutenant Salary: भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट (Lieutenant) का पद अधिकारी बनने की शुरुआत माना जाता है. NDA, CDS या दूसरे रास्तों से सेना में शामिल होने वाले युवाओं के लिए यह पद करियर की एक महत्वपूर्ण शुरुआत होती है. अच्छी सैलरी के साथ लेफ्टिनेंट को कई तरह के भत्ते और सुविधाएं भी मिलती हैं. हालांकि, हर अधिकारी की इन-हैंड सैलरी एक जैसी नहीं होती, क्योंकि यह पोस्टिंग और मिलने वाले भत्तों के आधार पर बदलती रहती है.
लेफ्टिनेंट की बेसिक सैलरी कितनी है?
अगर लेफ्टिनेंट की बेसिक सैलरी की बात करें, तो 7वें वेतन आयोग के Pay Matrix के अनुसार, भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट को Pay Level 10 में रखा गया है. इस पद पर बेसिक पे 56,100 रुपये प्रति महीने से शुरू होता है और सर्विस के साथ बढ़कर 1,77,500 रुपये तक पहुंच सकता है. ध्यान रखें कि हर साल मिलने वाले इंक्रीमेंट और आगे प्रमोशन के साथ अधिकारी की सैलरी में बढ़ोतरी होती रहती है.
पोस्टिंग के हिसाब से बढ़ती है सैलरी
लेफ्टिनेंट की कुल सैलरी में उसकी पोस्टिंग की जगह और परिस्थितियों का भी बड़ा असर होता है. अगर अधिकारी को किसी कठिन या दूरदराज इलाके में तैनात किया जाता है, तो उसे अतिरिक्त भत्ते मिलते हैं. यही वजह है कि दो लेफ्टिनेंट की कुल सैलरी अलग-अलग हो सकती है.
लेफ्टिनेंट को कौन-कौन से भत्ते मिलते हैं?
लेफ्टिनेंट को मिलने वाली सैलरी में कई तरह के भत्ते शामिल होते हैं. बेसिक पे के अलावा लेफ्टिनेंट को मिलिट्री सर्विस पे (Military Service Pay) यानी MSP भी मिलता है. यह 15,500 प्रति महीने है. इसके अलावा, डियरनेस अलाउंस (Dearness Allowance) यानी DA भी मिलता है, जिसकी दर समय-समय पर महंगाई के हिसाब से बदली जाती है.
वहीं, शहर की कैटेगरी के हिसाब से HRA यानी हाउस रेंट अलाउंस (House Rent Allowance) करीब 8,400 – 27,000 रुपये तक मिलता है. इसके अलावा, ट्रांसपोर्ट अलाउंस (Transport Allowance) 3,600 – 7,200 रुपये दिया जाता है. वहीं, कठिन इलाकों में तैनाती होने पर फील्ड एरिया अलाउंस (Field Area Allowance) मिलता है, जो 10,500 – 25,000 रुपये तक होता है. साथ ही बहुत ज्यादा ऊंचाई वाले क्षेत्रों में तैनात ऑफिसर को 1,600 – 16,900 रुपये तक हाई एल्टीट्यूड अलाउंस (High Altitude Allowance) दिया जाता है, जिससे उनका कुल वेतन और बढ़ जाता है.
इसके अलावा अधिकारी को यूनिफॉर्म और जरूरी सामान के लिए सालाना 20,000 रुपये यूनिफॉर्म अलाउंस (Uniform Allowance) भी मिलता है. इन सभी भत्तों को जोड़ने के बाद लेफ्टिनेंट की कुल मंथली सैलरी 75,000 – 1,10,000 रुपये तक पहुंच जाती है. हालांकि, ये इन-हैंड सैलरी नहीं होती.
कितनी होती है लेफ्टिनेंट की इन-हैंड सैलरी?
कटौती के बाद लेफ्टिनेंट की इन-हैंड सैलरी आम तौर पर करीब 70,000 से 85,000 रुपये प्रति महीने के बीच हो सकती है. हालांकि, यह कोई फिक्स रकम नहीं है. पोस्टिंग, मिलने वाले भत्ते और अलग-अलग कटौतियों के कारण हाथ में आने वाली सैलरी कम या ज्यादा हो सकती है. वहीं, जो अधिकारी कठिन, फील्ड या हाई-एल्टीट्यूड वाले इलाकों में तैनात होते हैं, उन्हें अतिरिक्त भत्ते मिलते हैं. ऐसे में उनकी कुल सैलरी सामान्य पोस्टिंग वाले अधिकारी की तुलना में ज्यादा हो सकती है.
Captain बनने पर और बढ़ती है सैलरी
लेफ्टिनेंट के रूप में करियर शुरू करने के बाद अधिकारी आगे कैप्टन (Captain) के पद पर प्रमोट होते हैं. आम तौर पर करीब दो साल की सेवा के बाद कैप्टन बनने का अवसर मिलता है. ऐसे में प्रमोशन के साथ Pay Level, सैलरी और जिम्मेदारियों में भी बदलाव होता है. यानी भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट की नौकरी सिर्फ शुरुआती सैलरी तक सीमित नहीं है. अनुभव और प्रमोशन के साथ अधिकारी की कमाई और पद दोनों बढ़ते जाते हैं. इसके साथ सेना में मिलने वाली अन्य सुविधाएं भी अधिकारी के कुल करियर पैकेज का महत्वपूर्ण हिस्सा होती हैं.