प्रेमानंद महाराज पर आस्था की बात में कितनी सच्चाई, कैसे विराट की जिंदगी बदल दी
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भारतीय क्रिकेट टीम के दिग्गज विराट कोहली अचानक प्रेमानंद महाराज को लेकर सुर्खियों में. कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में ये दावा किया गया कि विराट ने केली कुंज आने के लिए पांच करोड़ रुपए लिए थे. विराट कोहली के प्रवक्ता ने इस रिपोर्ट का खंडन किया है. ऐसे में आइए जानते हैं प्रेमानंद महाराज में विराट की अस्था ने कैसे उनके जीवन को बदला.
प्रेमानंद महाराज के आश्रम में विराट कोहली और अनुष्का शर्मा
नई दिल्ली: “मैं पूजा-पाठ टाइप वाला लगता हूं…?” कई साल पहले की बात है, जब विराट कोहली ने एक इंटरव्यू में यह बात कही थी. तब विराट कोहली का व्यक्तित्व एक अल्हड़, बेबाक और क्रिकेट के मैदान में छोटी-छोटी बातों पर आक्रामक होने वाले खिलाड़ी का था. विरोधी टीमों के मन में तो विराट कोहली का दोहरा खौफ हुआ करता था. बल्लेबाजी से तो वह विरोधियों की हालत खराब करते ही थे, लेकिन जब वह मैदान पर फील्डिंग के लिए उतरते, तो जंगल के शेर की तरह बेखौफ अंदाज में विरोधियों के सामने दहाड़ते थे. एक समय तो ऐसा था जब स्लेजिंग के लिए बदनाम ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी भी विराट से उलझने की हिम्मत नहीं जुटा पाते थे.
विराट अकेले सब पर भारी पड़ते थे, लेकिन अचानक उनके जीवन में ऐसा बदलाव आया कि आज वही विराट पूजा-पाठ, नाम जप और आध्यात्म में इतने लीन हो गए हैं कि क्रिकेट फैंस को यकीन नहीं होता. खास तौर पर तब से, जब से उन्होंने वृंदावन स्थित केली कुंज में प्रेमानंद महाराज के आश्रम जाना शुरू किया. ऐसे में सवाल यह उठता है कि अचानक विराट की आध्यात्मिक यात्रा की इतनी चर्चा क्यों हो रही है? दरअसल, हाल ही में प्रेमानंद महाराज के आश्रम में उनके एक शिष्य ने आत्महत्या कर ली. उसके बाद से तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं, जिनमें एक दावा यह भी सामने आया कि विराट ने प्रेमानंद महाराज के आश्रम जाने के लिए पांच करोड़ रुपए लिए थे. हालांकि, उनके प्रवक्ता ने इस दावे का पूरी तरह से खंडन किया है.
विराट कोहली और विराट कोहली
कैसे शुरू हुआ विराट कोहली का आध्यात्मिक सफर?
इसमें कोई शक नहीं है कि विराट कोहली अब पूरी तरह से बदल चुके हैं, लेकिन इस बदलाव में उनकी पत्नी अनुष्का शर्मा का सबसे बड़ा योगदान रहा है. शादी के बाद अनुष्का ने विराट को एक नई दिशा दी और उनकी पूरी जिंदगी बदलकर रख दी. आज विराट मैदान के अंदर और बाहर दोनों जगह बेहद शांत नजर आते हैं. विराट कोहली को जब भी क्रिकेट से ब्रेक मिलता है, वह पत्नी के साथ वृंदावन में प्रेमानंद महाराज के आश्रम जाते हैं और आम लोगों के बीच बैठकर प्रवचन सुनते हैं.
अनुष्का शर्मा और विराट कोहली
दूसरी तरफ, विराट कोहली का जब से आध्यात्म की ओर झुकाव हुआ है, उनकी निजी और पर्सनल लाइफ में भी बड़ा बदलाव देखने को मिला है. करियर के इस पड़ाव पर भी विराट कोहली शिखर पर हैं. यह भक्ति और आस्था का ही परिणाम है कि दिल्ली का एक बेफिक्र नौजवान आज एक जिम्मेदार फैमिली मैन बन चुका है. विराट में आए इस बदलाव को निश्चित तौर पर प्रेमानंद महाराज के प्रति उनकी गहरी आस्था से जोड़कर देखा जा सकता है.
नीम करौली बाबा के आश्रम और उज्जैन भी जाते हैं विराट
सिर्फ वृंदावन ही नहीं, विराट कोहली की भगवान शिव में भी गहरी आस्था है. विराट भले ही अब भारत में कम समय बिताते हों, लेकिन जब भी वह यहा आते हैं, नीम करौली बाबा के आश्रम और उज्जैन जैसे तीर्थ स्थलों के दर्शन के लिए जरूर जाते हैं. कुछ समय पहले ही वह उज्जैन में महाकाल के दर्शन करने पहुचे थे. इसके अलावा वह समय-समय पर उत्तराखंड स्थित नीम करौली बाबा के कैंची धाम आश्रम में भी समय बिताने जाते रहे हैं.