Ayushman Yojana Protest In Madhya Pradesh: एक तरफ आयुष्मान योजना में फर्जीवाड़ा करने पर निजी अस्पतालों पर सरकार की ताबड़तोड़ कार्रवाई हो रही है, तो वहीं अब निजी अस्पतालों का आयुष्मान भारत योजना के तहत इलाज करने का बहिष्कार किया है. कहने को तो निजी अस्पताल बकाया भुगतान, NABH अनिवार्यता खत्म करने का हवाला दे रहे हैं, लेकिन कहीं न कहीं आयुष्मान योजना में फर्जीवाड़ा करने पर हो रहे एक्शन को लेकर भी अस्पताल संचालकों की नाराजगी की भी बात सामने आ रही है. प्रदेश भर में अब तक 100 अस्पताल और अकेले भोपाल में 25 अस्पतालों पर कार्रवाई इस बात को साबित करती है.
आयुष्मान भारत योजना के तहत मिलते हैं क्या लाभ?
आयुष्मान भारत योजना के तहत पात्र परिवार को हर साल 5 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य कवर मिलता है. योजना में निर्धारित हेल्थ बेनिफिट पैकेज के तहत सेकेंडरी और टर्शियरी केयर से जुड़े इलाज शामिल हैं. इन पैकेज में इलाज, अस्पताल में भर्ती, दवाएं, जांच और इलाज से जुड़े निर्धारित खर्च शामिल हो सकते हैं. कैंसर के इलाज के साथ डायलिसिस, न्यूरोसर्जरी, ऑर्थोपेडिक और ट्रॉमा से जुड़ी कई प्रक्रियाएं भी निर्धारित पैकेज के तहत कवर होती हैं.
एक अक्टूबर से लागू हुई हैं नई शर्तें
मध्य प्रदेश में 1,953 अस्पताल आयुष्मान योजना से जुड़े हैं. इनमें 1140 सरकारी और 813 निजी अस्पताल योजना में शामिल हैं. इसके अलावा भोपाल, इंदौर, ग्वालियर-जबलपुर में NABH सर्टिफिकेट जरूरी है. चारों महानगरों में 739 अस्पताल आयुष्मान से जुड़े हैं. इनमें 418 निजी अस्पताल, 328 के पास NABH सर्टिफिकेट है. 90 निजी अस्पतालों के पास NABH सर्टिफिकेट नहीं है. 1 अक्टूबर 2026 से NABH की नई शर्ते लागू की गई है. सरकारी अस्पताल NABH सर्टिफिकेट की अनिवार्यता से बाहर हैं.
अस्पतालों का अटका हुआ है भुगतान
आयुष्मान योजना के तहत किए गए इलाज का भुगतान नहीं करने से अस्पताल संचालक नाराज हुए हैं. उनका लंबे समय से भुगतान अटका हुआ है. इसी वजह से आयुष्मान बंद के पोस्टर अस्पतालों के बाहर लटकाए गए हैं.
कई क्लेम रिजेक्ट किए जा रहे हैं या उनमें कटौती की जा रही है. NABH की अनिवार्यता, प्री-ऑथराइजेशन के बाद क्लेम सेटलमेंट,TAT, ऑथेंटिकेशन और अन्य तकनीकी प्रक्रियाओं को लेकर भी अस्पतालों में असंतोष है.
अस्पतालों की तरफ से दी गई चेतावनी
अस्पतालों की तरफ से कहा गया है कि 8 अक्टूबर तक उनकी समस्याओं का ठोस समाधान नहीं हुआ, तो आयुष्मान भारत योजना का प्रदेशव्यापी अनिश्चितकालीन बहिष्कार शुरू करने की चेतवानी दी है. प्रदेशभर के अस्पताल संचालक करीब 1000 एम्बुलेंस के साथ दिल्ली कूच और प्रधानमंत्री कार्यालय तक अपनी मांगें पहुंचाने की तैयारी में हैं.
मध्य प्रदेश में आयुष्मान भारत योजना के लिए वित्त वर्ष 2026-27 में 863 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है. योजना के अगले पांच साल के संचालन के लिए 12 हजार 123 करोड़ 81 लाख रुपये की मंजूरी दी गई है.
(रिपोर्ट-आचार्य शिवकांत)