शिमला. हिमाचल प्रदेश में मौसम बदला है और 6 अक्तूबर को प्रदेश के पालमपुर, जोगिंद्रनगर और सराहन में बारिश का दौर शुरू हुआ है. बीती रात को मंडी के कुछ इलाकों में हल्की बारिश हुई थी. हालांकि, अब पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से मंगलवार देर शाम से प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश का दौर शुरू होने की संभावना है. मौसम विभाग ने अगले चार दिनों के दौरान मैदानी और मध्यवर्ती क्षेत्रों में भारी बारिश और बिजली गिरने को लेकर येलो अलर्ट जारी किया है. वहीं, कांगड़ा, कुल्लू और लाहौल-स्पीति के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हल्की बर्फबारी की भी संभावना जताई गई है.
मौसम वैज्ञानिक संदीप कुमार शर्मा के अनुसार, मंगलवार देर शाम से मौसम में बदलाव आएगा और देर रात तक बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं. ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, कांगड़ा, मंडी, शिमला और सोलन के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश होने का अनुमान है.
9 अक्टूबर तक बारिश, 10 से राहत
मौसम विभाग के मुताबिक प्रदेश के मैदानी और मध्यवर्ती जिलों में 9 अक्टूबर तक बारिश का दौर जारी रह सकता है. आगामी चार दिनों में दोपहर बाद और देर शाम कुछ स्थानों पर भारी बारिश के साथ बिजली गिरने की संभावना है. इस दौरान तेज हवाएं भी चल सकती हैं. 10 अक्टूबर से बारिश की गतिविधियों में काफी कमी आने का अनुमान है.
ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी की संभावना
पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से ऊंचाई वाले क्षेत्रों में मौसम का असर ज्यादा दिखाई दे सकता है. कांगड़ा, कुल्लू और लाहौल-स्पीति के अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में हल्की बर्फबारी की संभावना है. बर्फबारी के चलते इन क्षेत्रों में तापमान में गिरावट के साथ ठंड बढ़ सकती है.
अभी सामान्य से 2 से 3 डिग्री ज्यादा तापमान
बीते 24 घंटों में हिमाचल के कई हिस्सों में दिन का तापमान सामान्य से 2 से 3 डिग्री सेल्सियस अधिक रिकॉर्ड किया गया. शिमला में अधिकतम तापमान 25.4 डिग्री रहा, जो सामान्य से करीब 3 डिग्री अधिक है. केलांग में 24.3 डिग्री तापमान दर्ज हुआ, जो सामान्य से लगभग 9 डिग्री अधिक रहा. कल्पा में भी अधिकतम तापमान 25.4 डिग्री रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य से करीब 5 डिग्री अधिक है. मैदानी क्षेत्रों में बिलासपुर, हमीरपुर, मंडी और ऊना में तापमान 32 से 34 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा. प्रदेश में सबसे अधिक तापमान ऊना में 34 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया.
3 अक्टूबर को हुई मॉनसून की विदाई
मौसम वैज्ञानिक संदीप कुमार शर्मा ने बताया कि वर्ष 2026 में हिमाचल में मॉनसून का प्रवेश करीब 30 जून को हुआ और 1 जुलाई तक पूरे प्रदेश में मॉनसून सक्रिय हो गया था. सामान्य तिथि की तुलना में मॉनसून करीब छह दिन देरी से पहुंचा था. वहीं, मॉनसून की विदाई भी इस बार देर से हुई. प्रदेश से मॉनसून ने 3 अक्टूबर को विदाई ली, जबकि सामान्य तौर पर इसकी वापसी करीब 25 सितंबर के आसपास हो जाती है.
मॉनसून सीजन में 11 फीसदी कम बारिश
इस बार मॉनसून सीजन के दौरान प्रदेश में कुल बारिश सामान्य से करीब 11 फीसदी कम रिकॉर्ड हुई. हालांकि, मौसम विभाग के मानकों के अनुसार इसे अभी भी सामान्य बारिश की श्रेणी में माना जा रहा है. इस दौरान लाहौल-स्पीति में सामान्य से करीब 65 फीसदी और हमीरपुर में 34 फीसदी कम बारिश हुई. सोलन और मंडी में भी सामान्य से करीब 14 से 16 फीसदी कम बारिश रिकॉर्ड की गई. इसके विपरीत किन्नौर में सामान्य से करीब 18 फीसदी और शिमला में 14 फीसदी अधिक बारिश दर्ज हुई.
हिमाचल में बारिश का अलर्ट.
अक्टूबर-दिसंबर में सामान्य से ज्यादा बारिश का अनुमान
आने वाले महीनों के लिए भी मौसम विभाग ने पूर्वानुमान जारी किया है. अक्टूबर से दिसंबर यानी पोस्ट-मॉनसून सीजन में कुल बारिश सामान्य से अधिक रहने की संभावना जताई गई है. हालांकि, केवल अक्टूबर महीने में प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश सामान्य से कम रह सकती है. इसके साथ ही दिन के तापमान के सामान्य से अधिक रहने का अनुमान है.