वर्दी के साथ नेम प्लेट जरूरी या नहीं! दिल्ली पुलिस मैनुअल में क्या हैं नियम? सुप्रीम कोर्ट का फैसला भी है नजीर

वर्दी के साथ नेम प्लेट जरूरी या नहीं! दिल्ली पुलिस मैनुअल में क्या हैं नियम? सुप्रीम कोर्ट का फैसला भी है नजीर


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वर्दी के साथ नेम प्लेट जरूरी या नहीं! दिल्ली पुलिस मैनुअल में क्या हैं नियम?

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जंतर-मंतर पर चल रहे प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस पर वर्दी के साथ नेमप्लेट न पहनने के आरोप लग रहे हैं. सोशल मीडिया पर इसके कई वीडियो भी वायरल हुए हैं, जबकि दिल्ली पुलिस मैनुअल और स्टैंडिंग ऑर्डर नं. 51 में नेम प्लेट के बारे में स्पष्ट और सख्त निर्देश दिए गए हैं. इसके लिए संबंधित अधिकारियों को जिम्मेदार भी बताया गया है.

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जंतर-मंतर पर तैनात दिल्ली पुलिस के कई जवान और अधिकारी बिना नेमप्लेट तैनात हैं. (फोटो-PTI/सोशल मीडिया)

दिल्ली पुलिस एक बार फिर विवादों में हैं. जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान एक ACP पर महिला के यौन उत्पीड़न का आरोप लगा तो बाकी पुलिसकर्मियों पर नेम प्लेट न पहनने का आरोप है. सोशल मीडिया पर ऐसे कई वीडियो वायरल हैं जिनमें पुलिसकर्मी बिना नेम प्लेट नजर आ रहे हैं. दिल्ली पुलिस मैनुअल के हिसाब से कोई भी पुलिस वाला बिना नेमप्लेट ड्यूटी नहीं कर सकता. दिल्ली पुलिस की वेबसाइट पर उपलब्ध स्टैडिंग ऑर्डर नं. 51 में भी इस बात को सख्त लहजे में कहा गया है. इसमें ये भी बताया गया है कि नेम प्लेट कैसी होनी चाहिए और उसे लगाने की सही जगह क्या है.

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े विवाद को लेकर दिल्ली के जंतर मंतर पर छात्र संगठन प्रदर्शन कर रहे हैं. बिना अनुमति हो रहे इस प्रदर्शन की वजह से दिल्ली पुलिस ने भारी सुरक्षा बल तैनात किए हैं. इनमें कुछ पुलिसकर्मी ऐसे भी हैं जिनकी वर्दी पर नेमप्लेट नहीं है. जब उनसे इस बारे में सवाल पूछा जाता है तो वह कोई जवाब नहीं देते. इस बावत पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों का भी कहना है कि उनकी तरफ से नेम प्लेट हटाने का कोई आदेश नहीं दिया गया है.

दिल्ली पुलिस का क्या है नियम?

दिल्ली पुलिस के मुताबिक किसी भी रैंक के लिए पुलिस अधिकारी या कर्मचारी को प्रॉपर वर्दी पहनना अनिवार्य है. नेम प्लेट वर्दी का एक जरूरी पार्ट है. दिल्ली पुलिस के स्टैंडिंग ऑर्डर नं. 51 में स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि सभी पुलिसकर्मियों और अधिकारियों को नेम प्लेट जरूर पहननी है. ऐसी नेमप्लेट जिस पर अंग्रेजी और हिंदी दोनों भाषाओं में नाम और रैंक भी लिखी होनी चाहिए. आदेश के मुताबिक नेमप्लेट वर्दी पर दाहिनी ओर चेस्ट पॉकेट के ऊपर बीचों-बीच लगानी चाहिए. आदेश में यह भी लिखा है कि संबंधित अधिकारी ही पुलिसकर्मियों की प्रॉपर वर्दी और ड्रेसअप नियमों का पालन कराने के लिए जिम्मेदार हैं.

तो क्या पुलिसकर्मी नेम प्लेट हटा सकते हैं?

ड्यूटी के दौरान कोई भी पुलिसकर्मी नेमप्लेट नहीं हटा सकता. अगर किसी विशेष परिस्थितियों में पिन टूट जाएं, नेमप्लेट गिर जाए तो स्थिति अलग हो सकती है, लेकिन ये एक या दो पुलिसकर्मियों के साथ हो सकता है. सभी के साथ नहीं. स्टैंडिंग ऑर्डर में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है, जिसमें पुलिसकर्मी मनमाने तौर पर अपनी नेमप्लेट हटाकर ड्यूटी करें.

सुप्रीम कोर्ट का फैसला भी है नजीर

सुप्रीम कोर्ट ने 1997 में डीके बसु बनाम स्टेट ऑफ वेस्ट बंगाल केस में भी वर्दी और नेम प्लेट को लेकर स्पष्ट निर्देश जारी किए थे. हालांकि ये मामला नेमप्लेट का नहीं बकि गिरफ्तारी और पुलिस हिरासत में पारदर्शिता और जवाबदेही का था. फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि गिरफ्तारी करने या हिरासत में लेने वाले पुलिसकर्मियों के पास स्पष्ट पहचान और नेमप्लेट होनी चाहिए. सभी पुलिसकर्मियों का विवरण रजिस्टर में दर्ज किया जाना चाहिए. इस फैसले का उद्देश्य था कि गिरफ्तार व्यक्ति ये जान सके कि आखिर उस पर कार्रवाई कौन पुलिसकर्मी या अधिकारी कर रहा है और उसकी जवाबदेही तय की जा सके.

दिल्ली पुलिस अधिकारियों का क्या है कहना?

जंतर-मंतर पर तैनात पुलिसकर्मियों द्वारा नेम प्लेट न पहने जाने के मामले में दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी के हवाले से TOI ने लिखा है कि कुछ विशेष परिस्थितियों में कर्मी उन्हें हटा देते हैं. इसी रिपोर्ट में एक जूनियर अधिकारी के हवाले से लिखा गया है कि सोशल मीडिया पर पोस्ट की जाने वाली तस्वीरों की वजह से पुलिसकर्मियों ने नेमप्लेट हटाई हुइो सकती हैं, क्योंकि इससे उनकी पहचान उजागर हो जाती है.



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