भूस्खलन से बंद सड़क नहीं खोल पाई सुक्खू सरकार, ग्रामीणों संग मां का शव 6 KM डंडे से बांधकर घर लाया बेटा, फिर किया अंतिम संस्कार

भूस्खलन से बंद सड़क नहीं खोल पाई सुक्खू सरकार, ग्रामीणों संग मां का शव 6 KM डंडे से बांधकर घर लाया बेटा, फिर किया अंतिम संस्कार


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Sirmaur News: हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले में सड़क खराब होने के कारण एक बेटे को अपनी 80 वर्षीय मां का शव छह किलोमीटर तक डंडे से बांधकर कंधों पर ले जाना पड़ा. महिला की मौत पीजीआई चंडीगढ़ में रविवार को हुई थी. हालांकि, मॉनसून में हुई बारिश की वजह से बुजुर्ग के घर को जाने वाली रोड बंद थी और इसे अब तक पीडब्ल्यूडी विभाग नहीं खोल पाया.

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हिमाचल के सिरमौर में महिला के शव को डंडे पर ले जाते लोग.

नाहन.  हिमाचल प्रदेश में मॉनसून की विदाई हो चुकी है, लेकिन अब भी कई सड़कें खुल नहीं पाई हैं. इसी वजह से एक बेटे को अपनी मां का शव एक डंडे के साथ बांधकर ले जाना पड़ा. करीब छह किमी तक ऐसे ही शव को ले जाया गया औऱ फिर अंतिम संस्कार किय़ा गया.

जानकारी के अनुसार, हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले का यह मामला है. ग्रामीणों को 80 वर्षीय एक महिला के शव को गांव तक पहुंचाने के लिए लगभग छह किलोमीटर तक अपने कंधों पर ले जाना पड़ा.

नाहन उपमंडल के धारटीधार क्षेत्र की घगेड़ा पंचायत के टीना गुलरवाला गांव की निवासी परमा देवी की रविवार को चंडीगढ़ स्थित पीजीआई में इलाज के दौरान मौत हो गई थी. शव को चंडीगढ़ से वाहन में धारटीधार और रामा घगेड़ा को जोड़ने वाली मुख्य सड़क तक लाया गया. हालांकि, टीना गुलरवाला जाने वाली आगे की सड़क बंद होने के कारण ग्रामीणों ने शव को एक डंडे से बांधा और गांव तक पहुंचने के लिए ऊबड़-खाबड़ और पथरीले रास्ते से होते हुए लगभग छह किलोमीटर तक अपने कंधों पर उठाकर ले गए. इसके बाद शव को अंतिम संस्कार के लिए गांव के श्मशान ले जाया गया.

टीना गुलरवाला गांव की रहने वाली परमा देवी लंबे समय से बीमार थीं और शनिवार रात तबीयत बिगड़ने पर उन्हें नाहन से पीजीआई चंडीगढ़ रेफर किया गया, जहां रविवार सुबह करीब चार बजे इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया.

ग्रामीणों ने मंगलवार को ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि मानसून की शुरुआत से ही सड़क क्षतिग्रस्त है और बंद है. इस साल हिमाचल प्रदेश में मानसून ने 30 जून को दस्तक दी और तीन अक्टूबर को वापस हो गया.

2014 में बनी थी सड़क

ग्रामीणों के अनुसार, लगभग आठ किलोमीटर लंबी टीना गुलरवाला सड़क का निर्माण 2014 में किया गया था और इसका उद्घाटन नाहन के तत्कालीन विधायक राजीव बिंदल ने किया था. यह मार्ग आगे जलमूसा और कोलर के समीप कटासन मंदिर के पास पांवटा साहिब कालाअंब राष्ट्रीय राजमार्ग से जुड़ता है. लेकिन अब बंद होने से लोगों की दिक्कत बढ़ गई है. गौर रहे कि हिमाचल प्रदेश में इस बार मॉनसून सीजन में सामान्य से कम बारिश  हुई है और फिर भी सरकार कई सड़कें खोलने में नाकाम साबित हुई है.



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