Last Updated:
Tejashwi Yadav Mahagathbandhan march: बिहार में मतदाता सूची में गड़बड़ी और चुनाव आयोग पर लग रहे आरोपों को लेकर राजनीतिक घमासान तेज हो गया है. इसी कड़ी में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने चुनाव आयोग के खिलाफ बड़े आंदोलन की घोषणा की है. इसके तहत आक्रोश मार्च के साथ ही बिहार के सभी ब्लॉक मुख्यालयों पर धरना दिया जाएगा. पूरी खबर विस्तार से आगे पढ़िये.
तेजस्वी यादव ने चुनाव आयोग के खिलाफ बड़े आंदोलन का ऐलान किया है.
पटना. बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर सियासी घमासान अब सड़क तक पहुंचने वाला है. नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने 5 अक्टूबर को महागठबंधन की बैठक के बाद चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ दो दिन के बड़े आंदोलन का ऐलान किया है. तेजस्वी यादव ने कहा है कि 7 अक्टूबर को बिहार के सभी प्रखंड मुख्यालयों पर आक्रोश मार्च निकाला जाएगा, जबकि 8 अक्टूबर को सभी जिला मुख्यालयों पर धरना दिया जाएगा. इसी दिन पटना में शहीद स्मारक से राजभवन तक तेजस्वी यादव के नेतृत्व में मार्च निकलेगा.
7 अक्टूबर को पूरे बिहार में आक्रोश मार्च
तेजस्वी यादव ने घोषणा की है कि महागठबंधन के नेता और कार्यकर्ता 7 अक्टूबर को राज्य के सभी प्रखंड मुख्यालयों पर आक्रोश मार्च निकालेंगे. आंदोलन के दूसरे चरण में 8 अक्टूबर को सभी जिला मुख्यालयों पर धरना दिया जाएगा. तेजस्वी यादव ने कहा कि इस आंदोलन में महागठबंधन के घटक दलों के नेता और कार्यकर्ता शामिल होंगे. इसी दिन पटना में शहीद स्मारक से राजभवन तक लोकतंत्र बचाओ मार्च निकाला जाएगा. इसमें महागठबंधन के विधायक, विधान पार्षद और दूसरे वरिष्ठ नेता शामिल होंगे.
चुनाव आयोग पर तेजस्वी के गंभीर आरोप
बता दें कि तेजस्वी यादव ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर कई सवाल उठाए है. उन्होंने SIR के दौरान जीवित लोगों के नाम मृतकों की सूची में शामिल किए जाने और मतदाताओं के नाम हटाए जाने में गड़बड़ी का आरोप लगाया. उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की भूमिका पर भी सवाल उठाते हुए उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की. ये सभी आरोप तेजस्वी यादव और महागठबंधन की ओर से लगाए गए हैं. तेजस्वी ने चुनाव के दौरान वोट से जुड़े रिकॉर्ड सुरक्षित रखने की अवधि और चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति प्रक्रिया को लेकर भी सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि लोकतंत्र को बचाने की लड़ाई बिहार से शुरू की जाएगी. महागठबंधन ने इस मुद्दे को लेकर आगे भी आंदोलन जारी रखने की बात कही है.
दिल्ली के बाद बिहार में आंदोलन
बता दें कि यह आंदोलन ऐसे समय हो रहा है जब विपक्षी दलों ने चुनाव आयोग के खिलाफ देशव्यापी अभियान शुरू किया है. 6 अक्टूबर को विपक्षी सांसदों ने दिल्ली में चुनाव आयोग के खिलाफ मार्च किया और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग उठाई. बिहार में 7 और 8 अक्टूबर का कार्यक्रम इसी व्यापक विरोध अभियान का हिस्सा है.
राष्ट्रपति से मिलने का भी कार्यक्रम
तेजस्वी यादव ने यह भी बताया कि महागठबंधन के नेता राष्ट्रपति से मुलाकात का समय मांग रहे हैं. समय मिलने पर विपक्षी नेता चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों को लेकर राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपेंगे.