‘आकाश आनंद को पार्टी से कभी नहीं निकाला गया’, भतीजे की वापसी पर मायावती की सफाई, कहा- बढ़ा-चढ़ाकर लिखा गया

‘आकाश आनंद को पार्टी से कभी नहीं निकाला गया’, भतीजे की वापसी पर मायावती की सफाई, कहा- बढ़ा-चढ़ाकर लिखा गया


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Mayawati vs Akash Anand : बसपा में आकाश आनंद को राजनीतिक भूमिका एक बार फिर बदल गई है. 5 अक्टूबर को बसपा सुप्रीमे मायावती ने उन्हें पार्टी में फिर वापस लेते हुए राष्ट्रीय संयोजक की जिम्मेदारी देने का ऐलान किया. इसके साथ ही यह सवाल भी उठने लगा है कि बसपा में रिश्ते और अनुशासन की कसौटी पर कितनी बार फैसला बदलेगा. इधर, बसपा सुप्रीमो मायावती ने भतीजे की वापसी पर सफाई दी है.

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आकाश आनंद की वापसी पर बोलीं मायावती.

लखनऊ : बहुजन समाज पार्टी (BSP) की सुप्रीमो मायावती ने अपने भतीजे आकाश आनंद की पार्टी में वापसी और उन्हें दोबारा राष्ट्रीय संयोजक बनाए जाने को लेकर सफाई दी है. उन्होंने कहा कि मीडिया में आकाश आनंद को चार बार पार्टी से निकाले जाने की बात को काफी बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया गया है. इस पूरे मामले की सच्चाई को भी सामने रखा जाना चाहिए.

शादी से पहले ही सक्रिय थे

मायावती ने कहा कि आकाश आनंद को कल यानी 5 अक्टूबर को पार्टी में वापस लिया गया है और उन्हें दोबारा पार्टी का राष्ट्रीय संयोजक बनाकर पार्टी के काम में लगा दिया गया है. मगर, आज मीडिया में इस बात को काफी बढ़ा-चढ़ाकर लिखा गया. बताया जा रहा है कि आकाश आनंद को चार बार पार्टी से निकाला गया और फिर वापस लेकर उन्हें राष्ट्रीय संयोजक बना दिया गया. जबकि इस संबंध में मैं आपको बताना चाहती हूं कि  आकाश आनंद अपनी शादी से पहले से ही पार्टी में काफी सक्रिय भूमिका निभा रहे थे. उस समय उन्होंने पार्टी को किसी तरह की शिकायत का मौका नहीं दिया और इसी वजह से उन्हें कभी पार्टी से नहीं निकाला गया.

गलती का एहसास होने पर पार्टी में वापस लिया

उन्होंने कहा कि बाद में आकाश आनंद का रिश्ता अशोक सिद्धार्थ के साथ हुआ. इसके बाद आकाश आनंद की छवि को अपने स्वार्थ के लिए खराब करने की कोशिश की गई. इसी वजह से उनमें सुधार लाने के खास उद्देश्य से उन्हें पार्टी से कई बार अलग करना पड़ा. आकाश को पार्टी से अलग करने का फैसला स्थायी नहीं था. जब उन्हें अपनी गलतियों का एहसास हुआ, तो उन्हें दोबारा पार्टी में वापस भी लिया गया.

अशोक सिद्धार्थ के संन्यास के बाद जताया भरोसा

उन्होंने आगे कहा कि उन्हें पूरा भरोसा है कि अशोक सिद्धार्थ के संन्यास लेने के बाद अब ऐसी कोई स्थिति पैदा नहीं होगी, जिसके कारण आकाश आनंद को फिर से पार्टी से अलग करना पड़े. जिस तरह शादी से पहले उन्होंने पार्टी को कभी शिकायत का मौका नहीं दिया था और उन्हें कभी पार्टी से निकालने की जरूरत नहीं पड़ी, उसी तरह अब आगे भी ऐसी स्थिति नहीं बनेगी. मायावती ने उम्मीद जताई कि आकाश आनंद अब राजनीति में लगातार आगे बढ़ेंगे.

सच्चाई सामने रखने की अपील

बसपा मुखिया ने कहा कि अगर मीडिया आकाश आनंद को पार्टी से कई बार निकाले जाने के बारे में लिखता है तो उसे इस पूरे मामले की सच्चाई और उसके पीछे की वजह भी बतानी चाहिए. खबरों में केवल यह बताना कि आकाश आनंद को कई बार पार्टी से निकाला गया, पूरी तस्वीर नहीं है. मीडिया को यह भी बताना चाहिए कि उन्हें किन परिस्थितियों में पार्टी से अलग किया गया और बाद में क्यों वापस लिया गया.



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