Captain Smit Health Update: कैप्टन स्मित की हालत चिंताजनक, टूटी खोपड़ी, नजर पर असर, तेज सिरदर्द के लिए हेवी डोज की दवाएं दे रहे डॉक्टर

Captain Smit Health Update: कैप्टन स्मित की हालत चिंताजनक, टूटी खोपड़ी, नजर पर असर, तेज सिरदर्द के लिए हेवी डोज की दवाएं दे रहे डॉक्टर


अरुणिमा

फ्लाईदुबई की तेल अवीव जा रही उड़ान में को-पायलट के हमले में घायल भारतीय कप्तान स्मित मच्छर की हालत को लेकर नया अपडेट सामने आया है. सूत्रों के मुताबिक, हमले में उनकी खोपड़ी टूट गई थी और चोट का असर उनकी नजर के साथ-साथ तंत्रिका तंत्र पर भी पड़ा है. सऊदी अरब में डॉक्टरों ने उनकी खोपड़ी की सर्जरी की, जिसके बाद उन्हें संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ले जाया गया. अब UAE में डॉक्टर उनकी नजर और न्यूरोलॉजिकल स्थिति पर लगातार नजर रख रहे हैं.

इसी घटना को लेकर इजरायल से एक और बड़ा खुलासा सामने आया है. सीबीएस न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक, जब विमान हमले के बाद करीब 14 हजार फीट नीचे आया और कॉकपिट से कोई जवाब नहीं मिला, तब इजरायल ने जरूरत पड़ने पर यात्री विमान को मार गिराने की तैयारी कर ली थी. विमान में 150 से ज्यादा इजरायली यात्री सवार थे.

स्मित मच्छर की हालत कैसी है?

सूत्रों के मुताबिक, कॉकपिट में कुल्हाड़ी से हुए हमले में कप्तान स्मित मच्छर की खोपड़ी टूट गई थी. चोट की वजह से उनकी नजर प्रभावित हुई और उन्हें तंत्रिका तंत्र में भी नुकसान हुआ. सऊदी अरब में डॉक्टरों ने उनकी खोपड़ी की सर्जरी की. इसके बाद उन्हें आगे के इलाज के लिए यूएई भेजा गया. वहां डॉक्टर उनकी नजर और न्यूरोलॉजिकल स्थिति की निगरानी कर रहे हैं. स्मित को लगातार तेज सिरदर्द की समस्या भी हो रही है. सूत्रों के मुताबिक, दर्द से राहत देने के लिए उन्हें हेवी डोज वाली और नींद की दवाएं दी जा रही हैं. हालांकि, इस मुश्किल स्थिति के बीच स्मित का हौसला बना हुआ है. सूत्रों के मुताबिक, वह सकारात्मक हैं और बार-बार कह चुके हैं कि वह दोबारा विमान उड़ाना चाहते हैं.

जांच एजेंसियों ने दर्ज किया स्मित का बयान

सूत्रों ने बताया कि स्मित का बयान जांच एजेंसियां दर्ज कर चुकी हैं. उनकी मेडिकल स्थिति को देखते हुए यह बयान घटना की पूरी तस्वीर समझने में अहम हो सकता है. जांच का मुख्य सवाल यही है कि उड़ान के दौरान कॉकपिट में आखिर क्या हुआ.

इजरायल प्लेन गिराने वाला था

सीबीएस न्यूज ने दो इजरायली सूत्रों के हवाले से बताया कि कप्तान पर हमला होने और विमान के अचानक करीब 14 हजार फीट नीचे आने के बाद इजरायल ने यात्री विमान को मार गिराने तक की तैयारी कर ली थी. रिपोर्ट के मुताबिक, हमले के बाद इजरायली वायुसेना ने कॉकपिट से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला. इसके बाद एक कमांड सेंटर बनाया गया और इजरायल ने अपने हवाई क्षेत्र को बंद कर दिया. लड़ाकू विमानों को भी स्थिति का जायजा लेने के लिए तैयार किया गया.

अगर विमान इजरायल की तरफ बढ़ता तो क्या होता?

सीबीएस न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक, अगर विमान बेन गुरियन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के एक निश्चित दायरे के करीब पहुंचता, तो इजरायली लड़ाकू विमान जॉर्डन के हवाई क्षेत्र में जाकर विमान की जांच करने की कोशिश करते. लड़ाकू पायलट विमान के जितना करीब संभव हो पाते, उतना जाकर कॉकपिट के अंदर देखने की कोशिश करते. अगर विमान के भीतर अफरा-तफरी दिखाई देती, तो इसकी जानकारी वायुसेना और पहले से तय एक समिति को दी जाती. अगर समिति इस निष्कर्ष पर पहुंचती कि विमान हाईजैक कर लिया गया है और कॉकपिट से रेडियो संपर्क भी नहीं हो पा रहा, तो मामला इजरायल के प्रधानमंत्री और रक्षा मंत्री तक पहुंचता. रिपोर्ट के मुताबिक, यात्री विमान को मार गिराने का अंतिम फैसला सिर्फ प्रधानमंत्री के अधिकार क्षेत्र में आता है.

विमान को क्यों नहीं गिराया गया?

स्थिति तब बदली जब विमान ने इजरायल की दिशा में जाने के बजाय सऊदी अरब की तरफ मुड़ना शुरू कर दिया. इसके बाद इजरायल ने अपने लड़ाकू विमानों को वापस बुला लिया. सऊदी अरब ने भी अपने लड़ाकू विमान सक्रिय किए. आखिरकार कप्तान स्मिट कॉकपिट का दरवाजा खोलने में कामयाब हुए. इसके बाद कुछ इजरायली यात्रियों और फ्लाईदुबई के को-पायलट को काबू में किया. विमान बाद में सऊदी अरब के तबूक में सुरक्षित उतरा.



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