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RPSC RAS Success Story : राजस्थान की रोहिणी गुर्जर के जज्बे की दाद देनी होगी, कि उन्होंने एक के बाद एक विपदा के बाद भी हिम्मत नहीं हारीं. पति और बेटी की मृत्यु के बाद RAS अधिकारी बनीं.
Success Story : रोहिणी गुर्जर राजस्थान के घुघरा गांव की रहने वाली हैं.
RPSC RAS Success Story : कहते हैं ‘मन के हारे हार है, मन के जीते जीत.’ इस बाद को प्रूव किया है राजस्थान की रोहिणी गुर्जर ने. छोटे से गांव के साधारण परिवार से आने वाली रोहिणी अपनी जिंदगी में इतने दुख झेले की अनजान लोग भी सुनकर परेशान हो उठते थे. लेकिन उन्होंने ठान लिया “हारा वही, जो लड़ा नहीं….” रोहिणी ने तमाम मुश्किलों के बाद भी राजस्थान प्रशासनिक सेवा (RAS) पास किया और अफसर बनीं.
रोहिणी गुर्जर ने शादी के कुछ साल बाद पति को खो दिया. इसके बाद मेन्स एग्जाम से महज आठ दिन पहले बेटी की भी मृत्यु हो गई. विपदा इतने पर ही नहीं रुकी, हादसे में उनकी एक आंख की रोशनी भी चली गई. आइए जानने हैं रोहिणी गुर्जर की कहानी.
गांव की पहली ग्रेजुएट लड़की
रोहिणी गुर्जर राजस्थान के घुघरा गांव की रहने वाली हैं. उनके पिता सेना में थे. रोहिणी ने साल 2006 में ग्रेजुएशन पूरा किया. उस वक्त वह अपने गांव की पहली ग्रेजुएट लड़की थीं. लेकिन उसके आगे उन्होंने पढ़ाई छोड़कर एक प्राइवेट स्कूल में पढ़ाना शुरू कर दिया.
शादी के बाद फिर उठाई किताब
साल 2011 में उनकी शादी अजमेर के नारेली गांव में हो गई. उन्होंने अपने पति के साथ मिलकर सरकारी नौकरी पाने का सपना देखा. दोनों राजस्थान प्रशासनिक सेवा (RAS) की तैयारी कर रहे थे. इस बीच साल 2013 में वह एक बेटी की मां भी बनीं. लेकिन किस्मत में तो कुछ और ही लिखा था.
पति और बेटी की मौत ने तोड़ दिया
18 फरवरी, 2021 रोहिणी के लिए वह मनहूस तारीख थी, जब हार्ट अटैक की वजह से उनके पति की मौत हो गई. ऐसा लगा कि रोहिणी और उनकी छोटी सी बेटी की दुनिया ही उजड़ गई.
पति की मौत के बाद वह सदमे से उबरते हुए RAS की तैयारी कर रही थीं. RAS 2023 का प्रीलिम्स भी क्लियर हो गया था. लेकिन मेन्स एग्जाम से आठ दिन पहले कुछ दिन से बीमार चल रही 10 साल की बेटी को भी खो दिया.
बेटी का गम और आंख में चोट
बेटी को खोने के बाद रोहिणी ने RAS परीक्षा देने के बारे में भी सोचना छोड़ दिया था. लेकिन दादी सास, ननद और बाकी लोगों के समझाने पर परीक्षा देने का फैसला किया. लेकिन अभी मुश्किल दिन खत्म नहीं हुए थे. परीक्षा से दो दिन पहले जयपुर में रोहिणी का एक्सीडेंट हो गया. उनकी आंख में गंभीर चोट लगी. डॉक्टरों को उस पर पूरी पट्टी बांधनी पड़ी. इसके बावजूद रोहिणी ने मेन्स का पेपर लिखा. उन्होंने यह परीक्षा भी पास की और आगे इंटरव्यू भी. आखिरकार वह ऑफिसर बनने में कामयाब नहीं. वह आज राजस्थान अकाउंट्स सर्विस में सेवा दे रही हैं.