घर बैठे होगी मां दुर्गा की पूजा, नवरात्र में महावीर मंदिर का अनोखा इंतजाम
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Mahavir Mandir Navratri 2026: पटना के महावीर मंदिर में नवरात्र के लिए विशेष व्यवस्था की गई है. जहां श्रद्धालु अपने नाम और गोत्र से कलश स्थापित करवा सकेंगे. इस बार मंदिर प्रांगण में 3D पंडाल भी तैयार किया जा रहा है. जानें इस बार की क्या सब खास तैयारी है.
पटना: नवरात्र में मां दुर्गा की आराधना के लिए पटना जंक्शन स्थित महावीर मंदिर में इस बार श्रद्धालुओं के लिए विशेष व्यवस्था की गई है. भक्त अब मंदिर परिसर में अपने नाम और गोत्र से कलश स्थापित करवा सकेंगे. इसके साथ ही नौ दिनों तक मां भगवती की विधिवत पूजा और पाठ भी कराया जाएगा. इस अनुष्ठान के लिए मंदिर में बुकिंग शुरू हो चुकी है और काफी श्रद्धालु पहले ही कलश स्थापना के लिए बुकिंग करा रहे हैं.
महावीर मंदिर में नवरात्र के दौरान कलश स्थापना और दुर्गा पाठ की यह परंपरा पिछले कई वर्षों से चली आ रही है. मंदिर की ओर से श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए अलग-अलग तरह के अनुष्ठानों की व्यवस्था की गई है. जो भक्त नवरात्र में अपने नाम से पूजा-अनुष्ठान कराना चाहते हैं, वे मंदिर के बुकिंग काउंटर के अलावा आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से भी बुकिंग करा सकते हैं.
2310 रुपये में सम्पुट पाठ
मंदिर में दुर्गासप्तशती सम्पुट पाठ की व्यवस्था की गई है. इसके लिए 2310 रुपये शुल्क निर्धारित है. श्रीदुर्गासप्तशती में सात सौ मंत्र होते हैं. अलग अलग कामनाओं की सिद्धि के लिए इन मंत्रों के आगे-पीछे विशेष बीजमंत्र जोड़कर सम्पुट पाठ किया जाता है. सामान्य पाठ की तुलना में इसमें करीब तीन गुना अधिक समय लगता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इसे विशेष फलदायी माना जाता है.
1110 रुपये में साधारण दुर्गासप्तशती पाठ
श्रद्धालु 1110 रुपये में दुर्गासप्तशती का साधारण पाठ भी करा सकते हैं. इसमें अर्गला, कीलक, कवच, शापोद्धार, शतनाम और मूल 13 अध्यायों का पाठ किया जाता है. इसके बाद ऋग्वेद के देवी-सूक्त का वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पाठ होता है. इस पूरे अनुष्ठान को पूरा होने में लगभग ढाई घंटे का समय लगता है.
8250 रुपये में नौ दिन की कलश स्थापना
अगर कोई श्रद्धालु पूरे नवरात्र में अपने नाम से मां दुर्गा की आराधना करवाना चाहता है तो उसके लिए कलश स्थापना और दुर्गा पाठ सहित नौ दिन का अनुष्ठान कराया जाएगा. इसके लिए 8250 रुपये शुल्क निर्धारित किया गया है. इसमें श्रद्धालु के नाम और गोत्र से कलश स्थापना की जाएगी और नौ दिनों तक देवी के नौ स्वरूपों की पूजा-अर्चना की जाएगी. नवरात्र के दौरान कलश स्थापना को देवी उपासना का महत्वपूर्ण विधान माना जाता है.
श्री महावीर स्थान न्यास समिति के सचिव सायण कुणाल ने बताया कि हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी श्रद्धालुओं के लिए यह व्यवस्था की गई है. भक्त अपनी सुविधा के अनुसार अलग-अलग अनुष्ठानों का चयन कर सकते हैं और मंदिर के बुकिंग काउंटर या आधिकारिक वेबसाइट के जरिए इसकी बुकिंग करा सकते हैं.
3D पंडाल हो रहा है तैयार
महावीर मंदिर न्यास के जनसंपर्क अधिकारी अजय सिंह ने लोकल 18 को बताया कि इस बार दुर्गा पूजा को लेकर मंदिर प्रांगण में 3D पंडाल का निर्माण किया जा रहा है ताकि श्रद्धालुओं को कुछ अलग देखने को मिले. कोलकाता के कारीगर इसका निर्माण कर रहे हैं. फिलहाल स्ट्रक्चर तैयार हो गया है अब फिनिशिंग की बारी है.