कॉन्फ्लिक्ट गोल्ड किसे कहते हैं, आपके सोने के गहनों से क्या है इसका कनेक्शन?
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आप जो सोने के गहने खरीदकर लाते हैं, कई बार उसके पीछे एक सीक्रेट स्टोरी छिपी होती है.कॉन्फ्लिक्ट गोल्ड की कहानी भी यही है. यानी वह सोना, जो जंग के मैदान से निकाला गया हो, सीक्रे तरीके से उसे मार्केट में बेचा गया हो. खदान से निकलकर यह सोना कारोबारी, रिफाइनरी और इंटरनेशनल मार्केट से होते हुए हमारे आपके घरों तक पहुंच रहा है.
सोने की अंगूठी, चेन या मंगलसूत्र खरीदते समय हम सबसे पहले उसका भाव देखते हैं. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि आपके जेवर में लगा सोना आखिर आया कहां से है? किस खदान से निकला, किस कारोबारी ने खरीदा और किस रास्ते से रिफाइनरी तक पहुंचा? दुनिया के कई हिस्सों में सोने की खदानों के पीछे कॉन्फ्लिक्ट गोल्ड की ऐसी कहानी है, जिसके बारे में जानकर आप दंग रह जाएंगे.
पहले समझिए कि कॉन्फ्लिक्ट गोल्ड क्या होता है? यानी वो सोना जो जंग के मैदान से आता है. मान लीजिए किसी इलाके में दो गुटों के बीच लड़ाई चल रही है. वहां जमीन के नीचे सोना निकलता है. एक गुट खदान पर कब्जा कर लेता है और वहां से निकला सोना बेचकर पैसा कमाता है. फिर उसी पैसे से हथियार खरीदता है और लड़ाई जारी रखता है. यहां सोने की खदान उस लड़ाई के लिए कमाई का जरिया बन गई. यही कॉन्फ्लिक्ट गोल्ड की कहानी है.
अफ्रीका का कई इलाका सोने और दूसरे खनिजों से भरपूर है. लेकिन कुछ जगहों पर लंबे समय से हिंसा और हथियारबंद संघर्ष भी चलता रहा है. खास तौर पर डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो यानी DRC के पूर्वी हिस्से में सोने का कारोबार लंबे समय से विवादों में रहा है. आरोप रहे हैं कि कुछ हथियारबंद गुटों ने खनिजों और सोने के कारोबार से पैसा जुटाया. यानी जमीन के अंदर मौजूद सोना ऊपर निकलता है और उसके साथ जमीन के ऊपर चल रही लड़ाई को पैसा मिलने का खतरा पैदा हो जाता है.
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समस्या यहीं खत्म नहीं होती. खदान से निकला सोना सीधे किसी भारतीय या अमेरिकी ज्वेलरी दुकान तक नहीं पहुंचता. इसके बीच में कई कारोबारी, बिचौलिए, रिफाइनरी, कारोबारी कंपनियां और अंतरराष्ट्रीय बाजार आते हैं. यही वजह है कि कॉन्फ्लिक्ट गोल्ड को दुनिया के बाजार से बाहर रखना बहुत मुश्किल माना जाता है.
युगांडा के मुख्य अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के पास कभी अफ्रीकन गोल्ड रिफाइनरी यानी AGR नाम की रिफाइनरी काम करती थी. इसे बेल्जियम के कारोबारी एलेन गोएत्ज कंट्रोल करते थे. अमेरिका ने 2022 में गोएत्ज और उनसे जुड़े कारोबारी नेटवर्क पर प्रतिबंध लगाए. अमेरिकी सरकार का आरोप था कि इस नेटवर्क ने पूर्वी DRC से जुड़े संघर्ष वाले सोने के कारोबार में मदद की और ऐसे रास्ते बनाने में भूमिका निभाई, जिनसे वहां का सोना अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचता था. गोएत्ज ने इन आरोपों से इनकार किया. उनका कहना था कि AGR एक वैध और नियमों के तहत चलने वाली रिफाइनरी थी. उनके मुताबिक कंपनी ने अपने कारोबारी साझेदारों की जरूरी जांच की थी और अगर कहीं कोई कमी रह गई तो वह अनजाने में हुई थी.
युगांडा की यह कंपनी तो बंद हो गई, लेकिन उसी पते से जुड़ी एक दूसरी कंपनी थाबा इन्वेस्टमेंट (Thaba Investments) बाद में बड़े पैमाने पर सोने के कारोबार में दिखाई दी. थाबा के कुछ लोग पुराने नेटवर्क से जुड़े हुए थे. ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, AGR के छह पुराने सप्लायर बाद में थाबा को भी सोना बेचते रहे. इन सप्लायरों से आने वाला सोना थाबा के कुल सोना कारोबार का बड़ा हिस्सा था. हालांकि इसका मतलब यह नहीं है कि थाबा ने अवैध काम किया या वह खुद कॉन्फ्लिक्ट गोल्ड बेच रही थी. लेकिन उसके लोग जुड़े हुए थे.
सोना आखिर जाता कहां है? सोना खदान से निकला. स्थानीय कारोबारी ने खरीदा. फिर वह रिफाइनरी तक पहुंचा. रिफाइनरी ने सोने को शुद्ध किया. इसके बाद यह सोना अंतरराष्ट्रीय बाजार में पहुंच सकता है. इसमें यूएई की भूमिका खास है. दुबई दुनिया के बड़े सोना और बुलियन कारोबार केंद्रों में शामिल है. यही वजह है कि अफ्रीका से निकलने वाले सोने की बड़ी मात्रा UAE तक पहुंचती है.
स्विस सरकार समर्थित संस्था SwissAid का अनुमान है कि हर साल अफ्रीका से अरबों डॉलर का सोना आधिकारिक रास्ते से बाहर भी जाता है. इस तरह के अवैध या छिपे हुए कारोबार का बड़ा हिस्सा UAE के रास्ते वैश्विक बाजार में पहुंचने का अनुमान लगाया जाता है. सोने को एक बार पिघलाकर रिफाइन कर दिया जाए तो उसके पुराने सफर का पता लगाना काफी मुश्किल हो सकता है.
फिर आपके जेवर से इसका क्या कनेक्शन? मान लीजिए आपने जेवर खरीदे. लेकिन वह सोना कहां से आया उसकी पूरी चेन समझिए. पहले वह खदान से निकला. स्थानीय व्यापारी ने खरीदा. फिर एक्सपोर्टर, वहां से रिफाइनरी तक पहुंचा. फिर इंटरनेशनल बुलियन मार्केट से होते हुए ज्वेलरी कंपनी तक गया. वहां से दुकानदार ने खरीदा और फिर आपने.आपको पता ही नहीं चलता है कि यह सोना आया कहां से .
क्या हर अफ्रीकी सोना कॉन्फ्लिक्ट गोल्ड है? बिल्कुल नहीं. अफ्रीका से निकला हर सोना कॉन्फ्लिक्ट गोल्ड नहीं होता. अफ्रीका में हजारों वैध खदानें और वैध कारोबारी भी हैं. समस्या उन मामलों में है जहां सोने के कारोबार का पैसा हिंसा, हथियारबंद गुटों या अवैध नेटवर्क से जुड़ता है. इसी तरह यह भी जरूरी नहीं कि किसी रिफाइनरी से निकला हर सोना विवादित हो.