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Who Supported Co-Pilot in Flydubai: फ्लाईदुबई की फ्लाइट में जो कुछ भी हुआ, उसके बाद अब यात्रियों ने प्लेन के अंदर की स्थिति बताई. ऐसा नहीं है कि अंदर सिर्फ कैप्टन स्मित मच्छर की जान बचाने में ही लोग जुटे थे, कुछ ऐसे लोग भी सामने आए, जिन्होंने आतंकी हमाद अल हमादी का भी सपोर्ट किया.
फ्लाईदुबई फ्लाइट के को-पायलट के समर्थन में आए लोग.
Co-Pilot in Flydubai: फ्लाईदुबई के हमले को लेकर जो पूरा बवाल था, उसके बीच पता ये भी चला है कि वहां कुछ लोग थे, जो आतंकी को-पायलट के भी समर्थन में खड़े हुए थे. फ्लाइट में हुई खौफनाक घटना के दौरान कुछ इजरायली यात्रियों ने अपनी जान की परवाह किए बिना हमलावर को-पायलट को काबू कर लिया. विमान में सवार यात्रियों के मुताबिक को-पायलट ने कथित तौर पर कुल्हाड़ी से कैप्टन पर हमला किया था. इसके बाद कुछ यात्रियों ने आगे बढ़कर हमलावर को रोकने की कोशिश की और उसे बांध दिया.
घटना के दौरान बैंकिंग क्षेत्र से जुड़े 40 साल के त्जविका मानेस अपनी पत्नी और तीन बेटियों के साथ यात्रा कर रहे थे. परिवार जापान से छुट्टी मनाकर लौट रहा था. इसी बीच कॉकपिट में हमला हुआ और कैप्टन घायल होकर बाहर आए, मानेस और दो अन्य यात्रियों यानिव हयून और असफ राजुआन ने हमलावर को पकड़ लिया. तीनों ने मिलकर उसे जमीन पर गिराया और उसके हाथ पीछे बांध दिए. पहले जिप टाई और बाद में यात्रियों से मिले हेडफोन के तारों का इस्तेमाल किया गया.
क्रू और यात्रियों के बीच हुआ विवाद
एक यात्री के मुताबिक हमलावर ने उस समय कथित तौर पर ‘मुझे मार दो’ जैसी बात कही. हालात तब और तनावपूर्ण हो गए जब कुछ क्रू सदस्यों ने कथित तौर पर हमलावर को खोलने की मांग की. यात्रियों को यह बात संदिग्ध लगी. मानेस और डेनियल श्लिख्टर ने बताया कि उन्होंने क्रू से साफ कहा कि हमलावर को किसी भी हालत में आजाद नहीं किया जाएगा. यात्रियों ने हमलावर को मारने के बजाय उसकी जान बचाने की कोशिश की. उसे ऑक्सीजन मास्क भी दिया गया, ताकि वह जीवित रहे और बाद में जांच में उससे पूछताछ की जा सके. सुरक्षा को लेकर आशंकित यात्रियों ने क्रू सदस्यों को कॉकपिट के पास से हटाकर विमान के पीछे की ओर बैठने को कहा. इसी दौरान विमान में मौजूद रिजर्व पायलटों ने कॉकपिट की जिम्मेदारी संभाल ली और विमान को नियंत्रित किया.
17000 फीट नीचे गिरा विमान
घटना के दौरान विमान कुछ ही समय में करीब 17 हजार फीट नीचे गिर गया. यात्रियों के लिए यह जिंदगी का सबसे डरावना पल थ. श्लिख्टर ने बताया कि उन्हें लगा कि शायद वे अब नहीं बचेंगे. उन्हें अपने बच्चों और परिवार की चिंता सताने लगी. वहीं मानेस ने कहा कि जब उन्होंने अपनी बेटियों को रोते हुए यह कहते सुना कि वे मरना नहीं चाहतीं, तो उन्होंने बिना कुछ सोचे हमलावर से भिड़ने का फैसला किया. विमान को आखिरकार सऊदी अरब के तबूक में सुरक्षित उतार लिया गया. फ्लाईदुबई ने मामले की जांच का हवाला देते हुए घटना पर विस्तृत टिप्पणी करने से इनकार किया है. फिलहाल क्रू सदस्यों पर हमलावर के साथ साजिश में शामिल होने का कोई आरोप नहीं लगाया गया है.