मौके पर पकड़ा गया बाइक सवार फिर FIR में क्यों था अज्ञात? सुप्रीम कोर्ट ने यूपी पुलिस से मांगा जवाब

मौके पर पकड़ा गया बाइक सवार फिर FIR में क्यों था अज्ञात? सुप्रीम कोर्ट ने यूपी पुलिस से मांगा जवाब


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Bulandshahr Latest News: उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर के खुर्जा से जुड़े एक मामले में FIR दर्ज करने को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने पुलिस से सवाल किया है.कोर्ट ने पूछा कि जब बाइक सवार को मौके पर ही पकड़ लिया गया था, तो 19 अगस्त को दर्ज FIR में उसे अज्ञात क्यों बताया गया? पुलिस के हलफनामे में आरोपी का नाम तुषार पुत्र प्रेमपाल बताया गया है.

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सुप्रीम कोर्ट.

बुलंदशहर: उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर के खुर्जा से जुड़े एक मामले में FIR दर्ज करने के तरीके पर सुप्रीम कोर्ट ने सवाल उठाए हैं. कोर्ट ने खुर्जा के सीओ शोभित कुमार की ओर से दाखिल हलफनामे को संतोषजनक नहीं माना और उन्हें अगली सुनवाई पर व्यक्तिगत रूप से अदालत में पेश होने का आदेश दिया है. मामले की अगली सुनवाई 16 नवंबर 2026 को होगी.

मामला FIR नंबर 195/2026 से जुड़ा है, जो 19 अगस्त को दर्ज की गई थी. सुप्रीम कोर्ट की जस्टिस संजय कुमार और जस्टिस संजीव सचदेवा की पीठ ने सुनवाई के दौरान इस बात पर सवाल उठाया कि जब मोटरसाइकिल सवार को मौके पर ही पकड़ लिया गया था, तो FIR में उसे अज्ञात क्यों बताया गया.

हलफनामे में नाम, FIR में क्यों नहीं?
सुप्रीम कोर्ट ने सीओ शोभित कुमार के हलफनामे के छठे पैराग्राफ का भी जिक्र किया. इसमें मोटरसाइकिल सवार का नाम तुषार पुत्र प्रेमपाल बताया गया है. कोर्ट ने कहा कि ऐसे में यह स्पष्ट करना जरूरी है कि FIR दर्ज करते समय उसका नाम क्यों नहीं लिखा गया और बाद में FIR में उसका नाम किस आधार पर जोड़ा गया. पीठ ने सीओ को इस पूरे मामले पर साफ और विस्तृत जानकारी देते हुए नया हलफनामा दाखिल करने का मौका दिया है. साथ ही अगली सुनवाई पर उन्हें खुद अदालत में मौजूद रहने को कहा गया है.

निचली अदालत की कार्रवाई पर रोक नहीं
सुप्रीम कोर्ट ने यह भी साफ किया कि उसके सामने लंबित याचिका का संबंध हाईकोर्ट द्वारा जमानत रद्द करने की अर्जी खारिज किए जाने से है. इसलिए खुर्जा के अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में चल रही कार्यवाही पर इस याचिका का कोई असर नहीं पड़ेगा. निचली अदालत अपने स्तर पर कानून के मुताबिक मामले की सुनवाई जारी रख सकती है.

कोर्ट ने राज्य सरकार और अन्य संबंधित पक्षों से एक लंबित आवेदन पर जवाब दाखिल करने को भी कहा है. अब इस मामले में अगली सुनवाई 16 नवंबर को होगी. उस दिन सीओ शोभित कुमार को FIR में आरोपी का नाम बाद में जोड़े जाने और शुरुआती FIR में उसे अज्ञात बताए जाने की वजह स्पष्ट करनी होगी.



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