डॉ. अनुज के साथ अनंत सिंह, नीरज कुमार के साथ नीतीश कुमार; पटना MLC सीट पर JDU के अंदर बढ़ी सियासी चुनौती

डॉ. अनुज के साथ अनंत सिंह, नीरज कुमार के साथ नीतीश कुमार; पटना MLC सीट पर JDU के अंदर बढ़ी सियासी चुनौती


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Bihar MLC election Anant Singh Vs Neeraj Kumar: नवादा की सड़कों पर शनिवार (3 अक्टूबर) को एक ऐसा सियासी नजारा दिखा, जिसमें चेहरे कई थे, लेकिन सवाल एक ही था. मोकामा से जेडीयू विधायक अनंत सिंह अपनी ही पार्टी के प्रत्याशी नीरज कुमार के खिलाफ जन सुराज के डॉ. अनुज सिंह के समर्थन में रोड शो कर रहे थे. समर्थकों की भीड़ और नारों के बीच अनंत सिंह ने अपनी ताकत दिखाई, लेकिन जब उनसे नीरज कुमार को जेडीयू का उम्मीदवार बनाए जाने और दूसरे राजनीतिक सवालों पर प्रतिक्रिया मांगी गई तो उन्होंने चुप्पी साध ली. पूरी खबर विस्तार से आगे पढ़िये.

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डॉ. अनुज कुमार सिंह के समर्थन में नवादा में अनंत सिंह का रोड शो.

पटना स्नातक विधान परिषद सीट के चुनाव में जन सुराज के प्रत्याशी डॉ. अनुज सिंह के समर्थन में अनंत सिंह पटना से नालंदा होते हुए नवादा पहुंचे. नवादा में उनके समर्थकों ने जोरदार स्वागत किया. कौआकोल में जेपी की कर्मभूमि को नमन करने के बाद उनका काफिला नवादा शहर पहुंचा, जहां प्रजातंत्र चौक पर समर्थकों ने नारे लगाकर उनका स्वागत किया. इस दौरान न्यूज 18 से एक्सक्लूसिव बात करते हुए अनंत सिंह ने कहा कि वह डॉक्टर अनुज कुमार के समर्थन में रोड शो करने आए हैं और उन्हें अपार जन समर्थन मिल रहा है. जनता इतना वोट करेगी कि अगले का जमानत जब्त हो जाएगा. हालांकि,मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा नवादा से नीरज कुमार को एनडीए प्रत्याशी घोषित किए जाने के सवाल पर भी वे खामोश रहे. इसके साथ ही वे किसी भी अन्य राजनीतिक सवाल से भी बचते नजर आए और वे आगे के कार्यक्रम के लिए निकल पड़े.

एक तरफ अनंत, दूसरी तरफ नीतीश

यही चुप्पी इस पूरे घटनाक्रम को और महत्वपूर्ण बनाती है. जेडीयू ने अनंत सिंह के विरोध के बावजूद पटना स्नातक सीट से नीरज कुमार को अपना प्रत्याशी बनाया है. इससे पहले अनंत सिंह डॉ. अनुज सिंह के समर्थन का ऐलान कर चुके हैं. दूसरी ओर, 3 अक्टूबर को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने जेडीयू प्रत्याशी नीरज कुमार से मुलाकात की. इस मुलाकात को चुनावी तैयारियों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना गया, जबकि उसी समय अनंत सिंह अनुज सिंह के लिए प्रचार कर रहे थे.

पटना एमएलसी इलेक्शन में डॉ अनुज सिंह के प्रचार के लिए नवादा पहुंचे अनंत सिंह ने कई गणमान्य लोगों से मुलाकात कर समर्थन मांगा.

सवाल सिर्फ नीरज और अनुज का नहीं

बदल रही राजनीतिक परिस्थितियों के बीच पटना स्नातक सीट का यह मुकाबला अब सिर्फ नीरज कुमार और अनुज सिंह के बीच उम्मीदवारों की लड़ाई तक सीमित दिखाई नहीं दे रहा है. एक तरफ जेडीयू का आधिकारिक उम्मीदवार और उसके पीछे नीतीश कुमार की सक्रियता है, तो दूसरी तरफ उसी पार्टी के विधायक अनंत सिंह जन सुराज के उम्मीदवार के लिए खुले तौर पर प्रचार कर रहे हैं. अनुज सिंह के समर्थन में प्रशांत किशोर की जन सुराज पहले ही मैदान में है और अब अनंत सिंह के रोड शो ने चुनावी मुकाबले को और चर्चा में ला दिया है.

अनंत सिंह के विरोध के बीच 3 अक्टूबर को नीतीश कुमार से नीरज कुमार की मुलाकात. जदयू ने दिया पार्टी सिंबल.

असली ताकत का पता नतीजे से चलेगा

वहीं, अनंत सिंह के रोड शो में जुटी भीड़ और समर्थकों की नारेबाजी निश्चित तौर पर चुनावी माहौल में चर्चा का विषय बनी है. लेकिन यह भीड़ वोट में कितनी बदलती है, यह चुनाव परिणाम से ही स्पष्ट होगा. इसी तरह जेडीयू के संगठन और नीतीश कुमार के समर्थन का असर कितना पड़ता है, इसका जवाब भी चुनाव के बाद ही मिलेगा.फिलहाल पटना स्नातक सीट पर एक दिलचस्प स्थिति है. प्रत्याशी अनुज के साथ अनंत सिंह की ताकत और प्रत्याशी नीरज के साथ नीतीश कुमार का समर्थन.

नवादा में समर्थकों ने अनंत सिंह की गाड़ी को फूल मालाओं से लाद दिया.

अनंत सिंह की रणनीति को ऐसे समझिए

वहीं, अनंत सिंह ने जानबूझकर नीतीश कुमार के समर्थन की बात पर खामोशी ओढ़ ली. राजनीतिक जानकार मानते हैं कि यह खामोशी दोतरफा संदेश है. एक तरफ वे नीरज कुमार से अपनी पुरानी अदावत दिखा रहे हैं, दूसरी तरफ वे नीतीश कुमार के करीबी बताते हुए जनसुराज के जरिए अपनी प्रासंगिकता साबित करना चाहते हैं. अगर नवादा में उनके समर्थकों का वोट जनसुराज को ट्रांसफर होता है तो NDA का कोर वोट बैंक टूट सकता है. फिलहाल अब सवाल यही है कि इस चुनाव में व्यक्तिगत प्रभाव, पार्टी संगठन और जन सुराज की नई राजनीतिक जमीन में से कौन सा समीकरण कितना असर डालता है.



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