स्पेन में अब बाढ़ से मची तबाही, सड़कों पर तैरने लगीं कारें और पानी में डूबे घर
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Spain Floods: स्पेन में कुदरत का भयानक रूप देखने को मिल रहा है. देश के पूर्वी और मध्य हिस्सों में अचानक आई बाढ ने भारी तबाही मचाई है. अल्बासेटे के मैड्रिगुएरस इलाके में एक 102 साल की महिला की घर में डूबने से मौत हो गई है. उनके घर में एक मीटर से ज्यादा पानी भर गया था. हालात इतने खराब हैं कि रास्तों पर कारें खिलौनों की तरह तैर रही हैं. इमर्जेंसी सर्विसेस ने अब तक 90 से ज्यादा लोगों को सुरक्षित रेस्क्यू किया है. यह बाढ ऐसे समय में आई है जब स्पेन ने इतिहास की सबसे भयंकर गर्मी झेली है. अगस्त के महीने में भयानक गर्मी से करीब 2150 लोगों की जान गई थी. अब अचानक हुई इस भारी बारिश ने लोगों को और डरा दिया है. मौसम विभाग ने बार्सिलोना समेत कई इलाकों में रेड अलर्ट जारी किया है. पूरे देश में हालात बेकाबू होते नजर आ रहे हैं. (Photos : Reuters)
स्पेन का मैड्रिगुएरस शहर इस समय पानी में डूबा हुआ है. शुक्रवार को यहां भयानक तूफान के साथ भारी बारिश हुई. महज दो घंटे तीस मिनट के अंदर 140 मिलीमीटर से ज्यादा पानी बरस गया. इतनी भारी बारिश के कारण शहर के रास्ते नदियों में बदल गए. हर तरफ सिर्फ पानी ही पानी नजर आ रहा था. एक 102 साल की वृद्ध महिला अपने घर में फंस गई थीं. उनके घर में पानी भर जाने से उनकी मौत हो गई.
रेस्क्यू टीमों ने मौके पर पहुंचकर 90 से ज्यादा लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला. लोग अपने घरों में फंसे हुए थे और जलस्तर लगातार ऊपर जा रहा था. कैस्टिला-ला मंचा की रीजनल सरकार ने यहां लेवल 1 इमर्जेंसी घोषित कर दी है. सिविल गार्ड की टीमें रात भर लोगों की मदद में शामिल रहीं. इसके साथ ही रिकवरी का काम भी शुरू कर दिया गया है.
इस भयानक तबाही के बाद स्पेन के मौसम विभाग एईएमईटी की काफी आलोचना हो रही है. सोशल मीडिया पर लोग अपनी नाराजगी खुलकर जाहिर कर रहे हैं. लोगों का कहना है कि इतने भारी खतरे के बावजूद सिर्फ येलो अलर्ट जारी किया गया था. वालेंसिया के अल्जीरा इलाके में महज तीन घंटे के अंदर 186 लीटर बारिश दर्ज की गई. यहां भी रेड अलर्ट की जगह सिर्फ ऑरेंज अलर्ट दिया गया था. इस गलत अनुमान के कारण लोग समय रहते सुरक्षित जगहों पर नहीं जा सके. मौसम विभाग की इस नाकामी पर सवाल उठना पूरी तरह लाजमी है. एक यूजर ने सोशल मीडिया पर लिखा, ‘मौसम विभाग एक बार फिर पूरी तरह फेल साबित हुआ है.’ अगर सही समय पर खतरे की चेतावनी मिलती तो शायद नुकसान कम होता.
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स्पेन में मौसम का यह अचानक बदलाव काफी हैरान करने वाला है. इस साल स्पेन ने इतिहास की सबसे अधिक गर्मी का सामना किया है. पर्यावरण एक्सपर्ट्स का मानना है कि भयंकर गर्मी के बाद सूखी जमीन पानी को जल्दी नहीं सोख पाती है. जब अचानक इतनी भारी बारिश होती है, तो पानी जमीन के अंदर जाने की बजाय सतह पर तेज गति से बहने लगता है. इसी कारण फ्लैश फ्लड का खतरा बहुत अधिक हो जाता है.
बाढ का असर सिर्फ मैड्रिगुएरस तक ही सीमित नहीं है. स्पेन के पूर्वी तट और कैटेलोनिया इलाके में भी हालात बेहद खराब हैं. बार्सिलोना के पास 18 लोगों को उनकी कारों से सुरक्षित रेस्क्यू किया गया. कई इलाके पूरी तरह से पानी में डूबे हुए हैं और रेलवे सर्विस पूरी तरह ठप हो गई है. टैरागोना और मर्सिया में प्रशासन ने लोगों को मोबाइल पर इमर्जेंसी अलर्ट भेजे हैं. टैरागोना में 2500 से ज्यादा घरों की बिजली गुल हो गई है.
वालेंसिया में खराब मौसम के कारण स्कूलों को बंद कर दिया गया है. इससे करीब चार लाख बच्चे घर पर ही रहने को मजबूर हैं. सिविल गार्ड ने एल पेरेलो बंदरगाह पर समंदर में फंसे एक व्यक्ति की जान बचाई. पूरे देश में जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है.
खतरा अभी पूरी तरह से टला नहीं है. मौसम विभाग ने शनिवार के लिए 15 अलग-अलग रीजन में अलर्ट जारी किया है. बार्सिलोना और गिरोना के तटीय इलाकों के लिए रेड वॉर्निंग जारी की गई है. यहां एक घंटे में 90 मिलीमीटर तक बारिश होने की आशंका जताई गई है. मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि यह खतरनाक स्थिति रविवार दोपहर तक कायम रह सकती है. मैड्रिड और कैंटब्रिया जैसे प्रमुख इलाकों में भी ऑरेंज अलर्ट लागू किया गया है. प्रशासन ने आम लोगों से गैर जरूरी यात्रा से बचने की सख्त अपील की है. रेस्क्यू और रिकवरी टीमें लगातार राहत काम कर रही हैं. पानी कम होने के बाद ही नुकसान का सही अनुमान लग पाएगा. आने वाले कुछ दिन स्पेन के नागरिकों के लिए काफी मुश्किल भरे हो सकते हैं.