अक्टूबर का पहला प्रदोष व्रत कब? पूजा को 2 घंटे 28 मिनट मुहूर्त, रात में भद्रा
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Pradosh Vrat October 2026 Date: आश्विन कृष्ण त्रयोदशी तिथि को अक्टूबर का पहला प्रदोष व्रत है. गुरुवार को होने की वजह से यह गुरु प्रदोष व्रत होगा. इस व्रत को करने से दुश्मनों पर विजय प्राप्त होती है. इस बार रात में भद्रा का साया है, जबकि प्रदोष पूजा के लिए आपको 2 घंटे 28 मिनट मुहूर्त प्राप्त होगा.
अक्टूबर के पहले प्रदोष व्रत की तारीख, मुहूर्त और भद्राकाल.
Pradosh Vrat October 2026 Date: अक्टूबर 2026 का पहला प्रदोष व्रत आश्विन माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को है. यह आश्विन माह का भी पहला प्रदोष व्रत है. दिन के अनुसार, प्रदोष व्रत का नाम और महत्व अलग हो जाता है. यह प्रदोष व्रत गुरुवार को होगा, इसलिए इसका नाम गुरु प्रदोष व्रत है. इस व्रत को करने से दुश्मनों पर विजय प्राप्त होती है. शत्रुओं के पराजय के लिए यह व्रत रखते हैं क्योंकि इंद्रदेव ने इस व्रत को करके ही राक्षस वृत्रासुर को हराया था. इस बार गुरु प्रदोष के दिन पूजा के लिए करीब ढाई घंटे का मुहूर्त है, वहीं रात के समय में भद्रा लग रही है.
अक्टूबर का पहला प्रदोष 2026 तारीख
पंचांग के अनुसार, आश्विन माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि 7 अक्टूबर को रात में 11 बजकर 16 मिनट पर शुरू होगी. इस तिथि का समापन 8 अक्टूबर को रात में 10 बजकर 15 मिनट होगा. ऐसे में उदयातिथि और प्रदोष मुहूर्त के आधार पर अक्टूबर का पहला प्रदोष 8 अक्टूबर गुरुवार को है. यह गुरु प्रदोष व्रत है.
गुरु प्रदोष 2026 मुहूर्त
8 अक्टूबर को गुरु प्रदोष व्रत के लिए पूजा का शुभ मुहूर्त शाम को 5 बजकर 59 मिनट से है, जो रात में 8 बजकर 27 मिनट तक रहेगा. जो भी व्रतधारी रहेंगे, उनको शिव पूजा के लिए 2 घंटे 28 मिनट का शुभ समय मिलेगा.
उस दिन प्रदोष पर ब्रह्म मुहूर्त 04:39 ए एम से 05:28 ए एम तक है, वहीं अभिजीत मुहूर्त 11:45 ए एम से लेकर दोपहर 12:32 पी एम तक रहेगा. निशिता मुहूर्त रात 11:44 पी एम से लेकर मध्य रात्रि 12:33 ए एम तक है.
शुक्ल योग में गुरु प्रदोष व्रत
गुरु प्रदोष व्रत पर लगेगी भद्रा
प्रदोष व्रत वाले दिन भद्रा लग रही है. भद्रा की शुरूआत रात में 10:15 पी एम से होगी और अगले दिन 9 अक्टूबर को सुबह में 06:18 ए एम पर खत्म होगी. भद्रा का वास धरती पर 10:15 पी एम से लेकर 9 अक्टूबर को 03:18 ए एम तक है, उसके बाद से पाताल में वास होगा. भद्रा की वजह से पूजा या व्रत पर कोई प्रभाव नहीं होगा.
गुरु प्रदोष 2026 पारण समय
जो लोग गुरु प्रदोष व्रत रखना चाहते हैं, उनका पारण 9 अक्टूबर को सूर्योदय के बाद यानी सुबह 06:18 ए एम के बाद कर सकते हैं.