Playment Success Story : आईआईटी के 3 दोस्तों ने एकसाथ छोड़ी नौकरी और बना दी भीड़ से सलाह लेने वाली कंपनी

Playment Success Story : आईआईटी के 3 दोस्तों ने एकसाथ छोड़ी नौकरी और बना दी भीड़ से सलाह लेने वाली कंपनी


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Playment Success Story : आईआईटी के तीन युवाओं ने नौकरी छोड़ एक स्टार्टअप बनाया था और आज उनका यह आइडिया सैकड़ों करोड़ की कीमत वाली कंपनी में बदल चुका है. तीनों दोस्त आईआईटी से निकलकर फ्लिपकार्ट में नौकरी करने पहुंचे, जहां उन्हें एक आइडिया आया और इस आइडिया पर अपनी कंपनी बना दी.

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क्राउडसोर्सिंग स्टार्टअप प्लेमेंट को साल 2015 में बनाया गया था.

नई दिल्ली. कारोबार जगत के दिग्गजों को आपने यह अक्सर कहते सुना होगा कि किसी बिजनेस की सफलता उसके आइडिया पर टिका होता है. अगर आइडिया अच्छा है और उसे ढंग से लागू किया जाता है तो निश्चित रूप से उद्यमी को सफलता जरूर मिलती है. इस बात को सच कर दिखाया आईआईटी खडगपुर के तीन युवाओं ने. तीनों ने साथ में पढ़ाई की और एक ही कंपनी में नौकरी ज्वाइन की. लेकिन, काम के दौरान एक ऐसा आइडिया मिला कि तीनों ने साथ नौकरी छोड़ खुद की कंपनी बना दी और आज उनकी कंपनी का मार्केट वैल्यू सैकड़ों करोड़ रुपये से भी ज्यादा है.

सफलता की यह कहानी है प्लेमेंट (Playment) के फाउंडर सिद्धार्थ माल, अक्षय लाल और हिमांशु मालसाने की. उनके इस सफर में आईआईटी गुवाहाटी के युवा अजिंक्या भी शामिल हो गए और इस चौकड़ी ने मिलकर ऐसा स्टार्टअप बनाया जो किसी मुद्दे पर भीड़ से सलाह लेता है. आईआईटी खडगपुर के तीनों युवा फ्लिपकार्ट में साथ नौकरी करते थे और सीनियर बिजनेस एनालिस्ट की जिम्मेदारी संभाल रहे थे. नौकरी के दौरान उन्हें अहसास हुआ कि खुद के आइडिया पर काम किया जाए तो बेहतर होगा. बस तीनों ने नौकरी छोड़ खुद की कंपनी शुरू करने का फैसला कर लिया.

फ्लिपकार्ट ने दिया बिजनेस आइडिया
अक्षय ई-कॉमर्स कंपनी फ्लिपकार्ट में कैटलॉग प्रोडक्ट टीम में काम करते थे, जबकि अजिंक्या और सिद्धार्थ कंपनी क्राउडसोर्स हाइपरलोकल डिलीवरी आर्म में थे. इन तीनों ने काम के दौरान पाया कि कैटलॉग और क्राउडसोर्सिंग में कोई तालमेल नहीं है. उन्होंने सोचा कि अगर क्राउडसोर्सिंग कैटलॉग ऑपरेशन को एकसाथ लाकर इस्तेमाल किया जाए तो बिजनेस को बेहतर तरीके से आगे बढ़ाया जा सकता है. उन्होंने इसी आइडिया पर काम करने के लिए फ्लिपकार्ट छोड़ दिया और साल 2015 में प्लेमेंट (Playment) नाम से खुद की कंपनी बना दी.

क्या काम करती है प्लेमेंट
प्लेमेंट एक एआई आधारित क्राउडसोर्सिंग स्टार्टअप है. यह एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें किसी काम, विचार या समस्या के समाधान की जानकारी के लिए कम्युनिटी अथवा भीड़ से सुझाव मांगे जाते हैं. कंपनी किसी समस्या या मुद्दे पर ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर लोगों से सुझाव मांगती है और इस डाटा का इस्तेमाल करते हुए समाधान और प्रोजेक्ट को पूरा किया जाता है. प्लेमेंट भी ऐसा ही काम करती है और अपने क्लाइंट के लिए सुझाव और समाधान ओपन प्लेटफॉर्म से प्राप्त करती है और डाटा के आधार पर प्रोडक्ट बनाती है.

कितनी है कंपनी की वैल्यूएशन
प्लेमेंट को साल 2021 में TELUS International ने खरीद लिया था और तब इस सौदे की कीमत का खुलासा नहीं किया गया था. लिहाजा बैंगलुरु के इस स्टार्टअप की मार्केट वैल्यू का खुलासा नहीं हो सका है. लेकिन, साल 2016 में जब कंपनी शुरू हुई थी तो इसमें सैफ पार्टनर्स ने 7 लाख डॉलर का निवेश किया था और तब कंपनी की वैल्यूएशन 28.6 लाख डॉलर यानी करीब 25 करोड़ रुपये थी. स्टार्टअप ने अभी तक 35 लाख डॉलर से भी ज्यादा का फंड जुटाया है और इसका वैल्यूएशन 1,000 करोड़ से भी अधिक माना जा रहा है.



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